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संपादकीय

लेख@ ऑनलाइन गेम प्रमोशन ईडी का सितारों पर कसता शिकंजा

पिछले कुछ वर्षों में भारत में ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। लाखों युवा इस दुनिया की ओर आकर्षित हो कर अपना सब कुछ यहां तक की जान भी गवा रहे हैं,वहीं दूसरी तरफ इसके प्रमोशन से बॉलीवुड सितारों से लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स तक करोड़ो रूपये अपनी जेब में डाल रहे है। सलमान खान जैसे बड़े सितारे …

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कविता @ फुर्सत और वादा …

वादा था सात जन्मों तक साथ निभाने का,बिना बताए साथ छोड़ नहीं जाने कासोती पत्नी को देख बूढ़ा डर गया,सांस चेक करने से पहले सिहर गया,मगर बुढ़िया जीवित व सजान थी,पति के लिए मंत्र व अजान थी,बूढ़ा बोला तेरे सिवा दुनिया में मेरा कौन है,हमें भुला सारा रिश्ता मौन है,बेटे-बहू को कमाने से फुर्सत नहीं,मोबाईल वाले पोते पोतियों कोअपने दादा …

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कविता @ हवाओं से ख्वाहिशें…

हवाओं की तरह होती है ख्वाहिशेना एक जगह टिकती हैना एक जगह रूकती हैबहती रहती है निरंतरउड़ाती रहती है परों पर अपनेनित नई ख्वाहिशों के परहवा की तरह इन ख्वाहिशों का भीकोई आशियाना नही होतारंग ,रूप और आकार नही होता ।बस फैली रहती है ये मन के संसार मेंइन ख्वाहिशों का कोई मजहब नही होता ।

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लेख @ आधुनिकता से बिखरते परिवार और त्रासदी झेलते बच्चे और बुजुर्ग

भारत मूलतः परंपरावादी वैदिक तथा सनातनी देश है पर आधुनिकता ने देश के संयुक्त परिवारों को खंडित कर दिया है। अधिकांश परिवार अब एकल परिवार में परिवर्तित हो गए हैं ऐसे में बुजुर्ग तथा बच्चे सबसे ज्यादा इस त्रासदी के शिकार हुए हैं। आधुनिक जीवन शैली ने माता पिता को नन्हे बच्चों से दूर कर दिया है इसी तरह बुजुर्गों …

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लेख @ सोचा आज तकलीफ को तकलीफ का एहसास करा दूं मैं…

सोचा आज तकलीफ को तकलीफ का एहसास करा दू-मैं उफ्फ़ कितना दर्द है इन लिखी पंक्तियों मे। एक लेखक की इन पंक्तियों को पढ़ जैसे कलेजा ही फटने लगा ऐसा लगा भीतर ही भीतर एक दर्द भरी चीख दब के रह गई है जो चीख-चीख कर कहना तो बहुत कुछ चाहती पर कह नहीं पा रही अपने अंतर्मन की वेदना …

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लेख @ उपजाऊ भूमि को मरुस्थल होने से बचाना होगा

मानव एवं जीव-जंतुओं का जीवन भूमि पर निर्भर है। फिर भी, पूरी दुनिया में प्रदूषण,भूमि का दोहन,जलवायु अराजकता और जैव विविधता विनाश का एक जहरीला मिश्रण स्वस्थ भूमि को रेगिस्तान में बदल रहा है और संपन्न पारिस्थितिकी तंत्र मृत क्षेत्रों में बदल रहा है। ‘हमारी भूमि’ नारे के तहत भूमि बहाली, मरुस्थलीकरण और सूखा निवारण आज की जलवायु समस्याओं का …

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सम्पादकी @ पाकिस्तान पारी से हारा

भारत के प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान पर भारत की निर्णायक जीत का जिक्र करने के लिए क्रिकेट की एक आकषर्क उपमा का इस्तेमाल किया। कहा कि भारत ने अपने प्रतिद्वंद्वी को पारी से हरा’ दिया। जनरल चौहान सावित्री बाई फुले पुणो विविद्यालय के रक्षा एवं सामरिक अध्ययन विभाग द्वारा आयोजित भविष्य …

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कविता @ शिव तेरे बिन…कविता

शिव तेरे बिन…शिव तेरे बिन जीवन में, जाने कैसा लगता है,पास तेरे आ जाने पर फिर,सब-कुछ अच्छा लगता है।शिव तेरे बिन ….ना मैं कुछ-भी लाया था, ना लेकर जा पाऊंगा,हां जो जीवन पाया है, उसमें सुर दे जाऊंगा।शिव तेरे बिन …..शिव भोले दो-दो अक्षर हैं, भेद नहीं इसमें कुछ-भी है,हम जिस भक्ति में डूबे हैं, उसके सुबह और शाम वही …

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कविता @ पिता ईश्वर का साया…

मॉं अमृत की छाया और पिता ईश्वर का साया,मॉं से ही है मायका पिता से चाहतों का जायका,मॉं से बुलंद हौसला पिता सीखाते लेना फैसला,मॉं देती है शिक्षा पिता पास कराते जीवन परीक्षा ।मॉं है सारी जमीन और पिता है पूरा आसमान,मॉं है खुश अंतर्मन और पिता है शक्तिशाली तन,मॉं इस दिल की है जान पिता से मिलती पहचान,मॉं प्रभु …

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लेख @ इंटरनेट युग में मानव साम्यता, उसका तकनीकी कौशल और मनोविज्ञान

गूगल हेड मटर में कैंपस के लोन की बढ़ी हुई घास काटने के लिए मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है बल्कि बकरियों को लोन में छोड़ देते हैं ताकि लोन की घास एक सीमा से अधिक नहीं बढ़ सके। ऐसा इस लिए किया जाता है क्योंकि घास काटने की मशीनों से कंपन होता है और उससे कंपनी के कर्मचारियों, …

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