आया आया है देखो सावन छम-छम,बाजे भोले बाबा का डमरू डम-डम,भक्त शिव पूजन को चले हो मतवाले,जोर शोर से बोले जयकारा बम-बम ।मेघों ने जल बरसाया धिनक धिन-धिन,बूॅंदों ने संग गीत गाया तिनक तिन-तिन,हमारे तो श्रीकंठ महादेव ही हैं रखवाले,झूमें भक्ति में भक्त धिनक धिन-धिन ।मन भावन पवन बहे सुहानी सर-सर,झिंगूर, मेढ़क, पपीहरा बोले टर-टर,विनती सुनो भोले नाथ ओ डमरू …
Read More »संपादकीय
लेख@ मतदाता सूची में सुधार पर सुप्रीम सहमति सराहनीय
बिहार में मतदाता सूची सुधार पर सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी सिर्फ एक न्यायिक फैसला नहीं,बल्कि लोकतंत्र के मूल्य को पुष्ट करने वाला ऐतिहासिक एवं प्रासंगिक निर्णय है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को बिहार में मतदाता सूची की समीक्षा के लिए आधार,राशन और वोटर कार्ड को भी मान्यता देने का सुझाव देकर आम लोगों की मुश्किल हल करने की …
Read More »लेख @ नैतिकता और संवेदनाएं ? स्त्रियों,बच्चों का शोषण शर्मनाक
गुरुग्राम में पिता ने अपने दर्प, घमंड के कारण अपनी जवान पुत्री गोली मारकर हत्या कर दी। पूरे देश में स्ति्रयों बच्चियों पर अत्याचार व शोषण की अनेक घटनाएं लगभग रोज सामने आ रही है समाज का ताकतवर पुरुष वर्ग संवेदनहीन हो चुका है और चेतना स्खलित हो चुकी है। विगत वर्ष मणिपुर की महिलाओं पर शर्मनाक और अमानवीय पुरुष …
Read More »लेख@ गिरते पुल,ढहती जिम्मेदारियाँ बुनियादी ढांचे की सड़न और सुधार की जरूरत
वडोदरा में पुल गिरना कोई अकेली घटना नहीं,बल्कि भारत के जर्जर होते बुनियादी ढांचे की डरावनी सच्चाई है। पुरानी संरचनाएं,घटिया सामग्री,भ्रष्टाचार और निरीक्षण की अनुपस्थिति—यह सब मौत को दावत दे रहा है। राजनीतिक घोषणाएं तो बहुत होती हैं,लेकिन टिकाऊ निर्माण और जवाबदेही की योजनाएँ नदारद हैं। अब वक्त है कि सरकार केवल निर्माण नहीं, निरीक्षण और संरक्षण को भी प्राथमिकता …
Read More »कविता@शब्द..
वो शब्द ही है जो जोड़ता है दिलों कोऔर एक झटके मेंकिसी को भी करा देता निःशब्द,नन्हे बच्चों को शब्दों का ज्ञान कराते हैं,जब वह बोलने लगता हैजबरन चुप कराते हैं,शब्द हृदयस्पर्शी भी हो सकता है औरशूलों से भरा भी हो सकता है,यदि संभाल कर न उपयोग किया जाएसारे किये कराये को धो सकता है,किसी के व्यक्तिगत व्यवहार कोउनके प्रयुक्त …
Read More »लेख@ मायावती ले सकती हैं आजम-ओवैसी का साथ
उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही समीकरण बदल रहे हैं। मायावती, जो लंबे समय से दलित वोट बैंक की धुरी रही हैं,अब मुस्लिम वोटों को साधने की रणनीति पर काम कर रही हैं। दूसरी ओर,समाजवादी पार्टी (सपा) के कद्दावर नेता आजम खान के बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के करीब आने की चर्चाएं तेज हैं। …
Read More »लेख@ भारत की जनसंख्या क्षमता का दोहन
हम इंसान अब आठ अरब और गिनती कर रहे हैं। यह सही है – दुनिया की आबादी ऊपर की ओर प्रक्षेपवक्र पर है, और बढ़ती दर पर, यह इस सदी के मोड़ से पहले 10 बिलियन से आगे निकल जाएगा। यह एक कठिन स्थिति हो सकती है क्योंकि यह पृथ्वी के सीमित संसाधनों पर भारी दबाव डालता है। हालांकि, पर्यावरण …
Read More »लेख@ जब छात्र हत्यारे बन जाएं:चेतावनी का वक्त
संवाद का अभाव,संस्कारों की हार,स्कूलों में हिंसा समाज की चुप्पी का फलहिसार में शिक्षक जसवीर पातू की हत्या केवल एक आपराधिक घटना नहीं,बल्कि हमारे समाज की संवादहीनता,विफल शिक्षा व्यवस्था और गिरते नैतिक मूल्यों का कठोर प्रमाण है। आज का किशोर मोबाइल की आभासी दुनिया में जी रहा है, जबकि घर और विद्यालय दोनों में उपेक्षित है। मानसिक तनाव,संवाद की कमी …
Read More »लेख@ हिंदुत्व से हटकर नैतिकता की राजनीति भाजपा ने बदला बंगाल जीतने का मंत्र
पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। इस बार तापमान बढ़ाने का काम भारतीय जनता पार्टी ने किया है,जिसने अपनी परंपरागत रणनीति से हटकर एक नई सियासी जमीन तैयार करने की कोशिश की है। अब भाजपा बंगाल में हिंदुत्व या राष्ट्रवाद की बजाय ‘सांस्कृतिक पतन’, ‘महिला सुरक्षा’और ‘शिक्षा व्यवस्था की गिरावट’ जैसे मुद्दों को केंद्र में लाकर …
Read More »कविता@ तंग आ चुके हम…
यह हमारे सभ्य स्वभावका मजाक नहीं तो क्या है।कान पक गए हैं,चिडचिडापनबढ़ रहा है, बलात्कार कीखबरें अखबार में पढ़ते-पढ़ते।टीवी में बुलडोजरों के द्वारामकान गिराए जाने तथाहिंदू मुसलमान के बढ़ते तनावकी खबरें देखते देखते हम लोगतंग आ चुके हैं इस माहौल से।राजनेताओं द्वारा एक दूसरेपर आप तथा प्रत्यारोप लगानेसे देश में माहौल खराब हो रहा है।राजनेता लोग लोग लुभाने वायदेकरके मतदाताओं …
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घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur