जब तक मानव का अस्तित्व है तब तक प्रेम का स्वरूप धरा पर मौजूद रहेगा।प्रेम ही एक ऐसा भाव है जो मनुष्य के जीवन में निस्वार्थ शब्द को परिभाषित करता है। एक मां नौ माह तक अपने बच्चें को कोख में रखती है और बड़े होते तक हर समस्याओं से लड़ कर बच्चें को तैयार करती है।एक मां कभी अपेक्षा …
Read More »संपादकीय
लेख@ साथ आये उद्धव-राज ठाकरे की मराठी मानुषों पर सियासी नजर
महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा खेला हुआ है। दशकों से सियासत की दुनिया में एक-दूसरे के दुश्मन बने दो भाई एक हो गये हैं। बात राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के साथ आने की हो रही है। दोनों भाइयों ने एक साथ आने पर एक सुर में प्रतिक्रिया व्यक्त की। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने कहाकि जो …
Read More »लेख@अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस बेअसर-सहकारिता को उखाड़ फेकने वाले भ्रष्ट अधिकारियों ने थाम रखी है बागडोर
सहकारिता के माध्यम से एक बेहतर विश्व का निर्माण किये जाने का लक्ष्य लिए वर्तमान में 1 जुलाई से 6 जुलाई तक अन्तरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस मनाकर पुरे देश में सहकारिता के उद्देश्य पर राजनेताओं और अधिकारीयों ने बढ़चढ़ बात प्रचार-प्रसार कर अख़बारों में फ़र्जी आंकड़ों से स्यँव को महिमामंडित करने की ओपचारिकता का निर्वहन किया जा रहा है,जबकि मध्यप्रदेश सरकार …
Read More »लेख@ मोदी-शाह की जोड़ी ने साकार किया डा.श्यामप्रसाद मुखर्जी का अखंड सपना
आज़ादी के साथ कश्मीर समस्या हमें विरासत में मिली थी जो भारत के लिए नासूर बन गई थी। आज़ादी के बाद पं. जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में बनी सरकार ने तुष्टीकरण की नीति के चलते जम्मू-कश्मीर में संविधान की धारा 370 लगा कर उसे विशेष दर्जा प्रदान कर दिया था। धारा 370 भारतीय संविधान का एक विशेष अनुच्छेद है,जिसके चलते …
Read More »लेख@ श्यामा प्रसाद मुखर्जीः राष्ट्र के चरमोत्कर्ष की यज्ञवेदी पर प्राणोत्सर्ग
डां श्यामाप्रसाद मुखर्जी ऐसे महान देशभक्त थे जिन्होंने राष्ट्र के चरमोत्कर्ष,एकता और अखण्डता की यज्ञवेदी पर अपना प्राणोत्सर्ग कर दिया। वह एक साथ ही शिक्षाविद्, लेखक,सासंद, राजनीतिज्ञ और मानवतावादी कट्टर देशभक्त थे। इन्होंने विद्याध्ययन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की और शीध्र ही एक प्रख्यात शिक्षाविद् और प्रशासक के रूप में प्रतिष्ठित हो गए। उनकी इस उपलब्धि को मान्यता उस …
Read More »कहानी@ योग्यता
रागिनी! लाओ तुम्हारे पास जितनी भी पढ़ाई लिखाई और स्पोर्ट्स वगैरह की डिग्री हैं, सभी ले आओ। रागिनी की सासू माँ आरती की थाली दिखाती हुई बोली। रागिनी चौंक गई! मम्मी जी; आप मेरी डिग्री का क्या करेंगी? भला आप का क्या लेना देना है उससे? रागिनी अपने मोबाइल में अंगूठा सरकाती हँसती हुई बोली।आरती की थाली पूजा स्थान में …
Read More »लेख@ अखिलेश की बदलती राजनीति,सावन में काशी से हिंदुत्व का दांव
2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव हर हाल में सत्ता में वापसी की जुगत में जुटे हैं। उत्तर प्रदेश की सियासत में सपा का आधार लंबे समय तक मुलायम सिंह यादव द्वारा स्थापित मुस्लिम-यादव (एम-वाई) समीकरण रहा है। इस समीकरण के सहारे मुलायम सिंह तीन बार और अखिलेश यादव …
Read More »लेख@ बारिश का कहर: प्रकृति का विक्षोभ या विकास की विफलता
बीते कुछ वर्षों में पहाड़ों में बारिश एवं बादल फटना अब डर, कहर और तबाही का पर्याय बन गई है। उत्तराखंड,हिमाचल प्रदेश, सिक्किम,और पूर्वोत्तर के अन्य पहाड़ी राज्यों में हर वर्ष मानसून के साथ भयावह भूस्खलन,बादल फटना,पुल बहना और सड़कें टूटना एक आम दृश्य बन गया है। यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि एक व्यवस्थागत विफलता, सरकारी निर्माण की …
Read More »कविता@छोड़ दे मोह माया कर ले किनारा …
कभी सकूं से बैठ कर मिटा लीजियेअपने जीवन भर की थकानन जाने कब आ जाये मालिक का बुलावाखाली करवा ले अपना मकानअपना ही समझते रहे उम्र भरथा जो किसी दूसरे का किराए का मकानकिराए पर आगे दे दिया उसको भीबसा लिए उसमें ईर्ष्या अहंकार और कड़बी जुबानथोड़ी सी बात पर निकाल लेते तीर कमानदूसरों को सुखी देख कर हो जाते …
Read More »कविता@खंडहरपन…
फिर तबाही का मंजर हर तरफ छाने लगागम का दरिया फिर चारों ओर बहने लगा है।करते थे जो आधुनिकता का दावा अपने वहम मेंपुरातत्व में उनका अस्तित्व फिर खोने लगा है।मानने थे जो अपनी सत्ता आसमान से भी ऊंचीपर्वतों के नीचे उनका अहम दमन होने लगा है।करते थे जो परिहास औरो की कमियों परआज उनके दर्प पर कुदरत का अट्टहास …
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घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur