-सोनू कश्यप-
प्रतापपुर , 31 अगस्त 2022 (घटती-घटना)। प्रतापपुर से रायपुर मार्ग को जोड़ने वाली मुख्य सड़क बदहाल हो चुकी है। सड़क के मरम्मत के लिए कोई पहल नहीं होने से आम जनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस महत्वपूर्ण सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि नए सिरे से उच्च गुणवत्ता की सड़क निर्माण की मांग शुरू हो चुकी है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से सड़क पर भारी वाहनों का आवागमन लगातार जारी है। सड़क पूरी तरह से उधड़ चुकी है और सड़क के दोनों और रहने वाले लोग धूल फांकने गड्ढे व कीचड़ में चलने के लिए मजबूर हो चुके हैं। राजपूर प्रतापपुर होते सड़क अंबिकापुर-बनारस मार्ग को जोड़ती है। इसी मार्ग से बलरामपुर जिले के लोगों का बनारस, इलाहाबाद आना जाना होता है। दूरी भी कम है, समय की भी बचत होती है। ग्रामीण क्षेत्र से होकर गुजरी इस सड़क पर बसों का भी आना-जाना है, लेकिन पिछले तीन-चार वर्षो से सड़क पूरी तरीके से खस्ताहाल हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा गर्मी के सीजन में मरम्मत के नाम पर सड़क पर मिट्टी मिश्रित मुरूम का छिड़काव कर दिया जाता है। बारिश होते ही पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है। दोपहिया, चारपहिया वाहनों से आवागमन कष्ट कर हो जाता है। उसके बाद के मौसम में सड़क से उड़ने वाली धूल के कारण लोग बेहाल रहते हैं। सड़क की बदहाली के खिलाफ लगातार आवाज उठती रही है, लेकिन जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और प्रशासनिक स्तर पर सड़क के रखरखाव को लेकर कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए जाने से लोक निर्माण विभाग भी मौन साधे रहता है। इस सड़क का उपयोग गौण खनिजों के अवैध परिवहन के लिए भी किया जाता है। हर रोज सैकड़ों की संख्या में भारी वाहनों की आवाजाही होती है। कई स्थानों पर पूरी डामर गायब हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी आम जनों की सुविधाओं को दरकिनार कर शासन से अलग बजट की अपेक्षा कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग को वार्षिक मरम्मत मद के तहत राशि प्रदान की जाती है, उस राशि का उपयोग भी सड़क मरम्मत में किया जा सकता है। राजपुर से प्रतापपुर के बीच दर्जनों गांव के हजारों लोगों की आवाजाही इसी मार्ग से होती है। मार्ग से गुजरने वाले लोग व्यवस्था को कोसते नजर आते हैं।
28 किमी का सफर कष्टदायक
राजपुर से प्रतापपुर तक 28 किलोमीटर का सफर ज्यादा कष्ट कर साबित हो रहा है। मार्ग में पड़ने वाले नदियों से रेत का अवैध उत्खनन कर परिवहन भी इसी मार्ग से धड़ल्ले से हो रहा है न तो सड़क मरम्मत अथवा नवनिर्माण के लिए पहल हो रही है और न ही ओवरलोड अवैध रेत परिवहन पर ही रोक लगाने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
सड़क की बदहाली से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी वस्तुस्थिति से वाकिफ है। जब तक शासन स्तर से बजट का प्रावधान नहीं किया जाता, तब तक नए सिरे से टायरिंग संभव नहीं है।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कर चुके हैं इस सड़क का भूमि पूजन
लोक निर्माण विभाग द्वारा इस सड़क का नवनिर्माण करने हेतु लोक निर्माण विभाग द्वारा नया रायपुर में पूरे छत्तीसगढ़ में सड़कों का भूमि पूजन हुआ था जिसमें प्रतापपुर राजपुर मार्ग का भी भूमि पूजन जनप्रतिनिधियों के हाथों हुआ था और 80 करोड़ से उक्त सड़क का निर्माण होने की उम्मीद जगी थी लेकिन भूमि पूजन के 6 माह बीत जाने के बाद भी इस सड़क में अब तक कोई कार्य नहीं हुई है सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि इसमें चल पाना बहुत ही मुश्किल है
गन्ना परिवहन में भी होती है दिक्कत
उक्त सड़क से गन्ना पेराई के समय अधिकांश गन्ना का परिवहन इसी सड़क से होता है जिसमें ट्रकों ट्रैक्टरों में भरकर गन्ना मां महामाया शक्कर कारखाना के ताले जाया जाता है सड़क की दुर्दशा के कारण आए दिन दुर्घटना होती रहती है किसान कई बार इस बात को लेकर चक्का जाम भी कर चुके हैं लेकिन जनप्रतिनिधि हो या अधिकारी किसी का ध्यान इस ओर नहीं है।
जल्द से जल्दहो निर्माण कार्य प्रारंभ
राजपुर प्रतापपुर मार्ग की लेटलतीफी को लेकर जनपद पंचायत प्रतापपुर के युवा जनपद अध्यक्ष जगत लाल आयाम ने कहा कि जन सुविधा के लिए सरकारे सड़क का निर्माण कराती हैं सड़क निर्माण में देरी समझ से परे है अगर भूमि पूजन हुआ है तो कार्य प्रारंभ क्यों नहीं हो रहा है यह जांच का विषय है तत्काल कार्य प्रारंभ नहीं होता है तो जन भावनाओं के अनुरूप आंदोलन किया जाएगा
जगत लाल आयाम
जनपद अध्यक्ष प्रतापपुर
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