रायपुर , 07 जुलाई 2022।गभीर बीमारियो से पीडि़त जरूरतमद मरीजो के लिए राज्य शासन द्वारा सचालित मुख्यमत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत राज्य सरकार गभीर और दुर्लभ बीमारियो के इलाज के लिए 20 लाख रूपए तक आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। इससे हजारो जिदगियो को नया जीवन मिल रहा है, इनमे कोरबा शहर तुलसीनगर वार्ड मे रहने वाली श्रीमती सीता देवी भी है। अप्लास्टिक एनीमिया की गभीर बीमारी से जूझ रही सीता देवी को योजना के तहत 15 लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गयी। राज्य सरकार से मिली सहायता के फलस्वरूप सीता देवी का सफलतापूर्वक एलोजनिक बोन मैरो प्रत्यारोपण किया गया। प्रत्यारोपण के बाद सीता देवी अब पूरी तरह से ठीक एव स्वस्थ है।
सीता देवी के पति सुभाष कुमार ने शासन की इस जीवनदायनी योजना की प्रशसा करते हुए बताया कि मुख्यमत्री विशेष सहायता योजना से उनकी पत्नी की जान बच पायी है। आठ वर्ष से बीमारी से जूझ रही पत्नी के ईलाज मे उनके बहुत पैसे खर्च हो गये थे, फिर भी उनकी तबीयत ठीक नही हो रही थी। चिकित्सको ने आखरी उम्मीद के रूप मे बोन मैरो ट्रासप्लान्ट करने की सलाह दी। इलाज मे लगभग 15-20 लाख रूपये खर्च का अनुमान बताया गया। सुभाष कुमार ने बताया कि गभीर अवस्था मे पहुच चुकी पत्नी के ईलाज के लिए मुख्यमत्री विशेष सहायता योजना से फिर से आशा बधी। राज्य सरकार ने सवेदनशीलता दिखाते हुए उनके आवेदन पर हफ्ते भर मे ही ईलाज के लिए 15 लाख रूपये की स्वीकृति दे दी गई। जिसके फलस्वरूप सफलतापूर्वक जल्द ही उनकी पत्नी का बोन मैरो का ट्रासप्लान्ट हो पाया।
सुभाष कुमार ने बताया कि उनकी पत्नि को वर्ष 2014 से कमजोरी और चक्कर आने की तकलीफ हुई। चिकित्सको ने प्लेटलेट की कमी बताते हुये तुरन्त भर्ती करने की सलाह दी। बिलासपुर के निजी हॉस्पिटल मे 15 दिन तक भर्तीकर ईलाज कराया लेकिन कोई सुधार नही हुआ। तब चिकित्सको की सलाह पर वर्ष 2016 मे तमिलनाडु राज्य के निजी अस्पताल मे ईलाज के लिये गये थे। वहा डॉक्टरो ने विस्तृत जाच कर बताया कि सीता देवी को अप्लास्टिक एनिमिया की बीमारी है। डॉक्टरो ने बताया कि बोन मैरो ट्रासप्लान्ट कराने पर यह बीमारी ठीक हो सकती है। इसके लिए लगभग 15-20 लाख रूपए खर्च होने का अनुमान बताया गया। सुभाष कुमार अपनी आर्थिक स्थिति के कारण बिना ईलाज वापस घर लौट आए। इधर सीता देवी की स्थिति लगातार खराब होती गई। वर्ष 2018 मे नागपुर के निजी अस्पताल मे भी उन्होने ईलाज कराया जिसमे बची-खुची राशि भी खर्च हो गई और स्वास्थ्य मे कोई सुधार नही आया। वर्ष 2020 मे सीता देवी की स्थिति अत्यन्त गभीर होने पर डी.के.एस. हॉस्पिटल रायपुर लाने पर उन्हे बताया गया कि मुख्यमत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से इलाज के लिए मदद मिल सकती है। सीता देवी को रायपुर स्थित बालको मेडिकल सेन्टर मे ईलाज के लिये भर्ती करवाया जिसमे मुख्यमत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अतर्गत 15 लाख रूपये की सहायता राशि प्रदान की गई।
अक्टूबर 2021 मे सीता देवी की एलोजनिक बोन मैरो प्रत्यारोपण सर्जरी की गई। अब सीता देवी पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के नागरिको को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलध कराने तथा जटिल और दुर्लभ बीमारियो के इलाज मे होने वाले व्यय भार कम करने के लिये मुख्यमत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना प्रारभ की गई है, जिसके अतर्गत अधिकतम बीस लाख रूपये तक के इलाज की सुविधा प्रदान की जाती है। छाीसगढ़ राज्य पहला राज्य है जो अपने नागरिको के लिए इतनी बड़ी राशि उपलध करवा रहा है। इसके अतर्गत राज्य के भीतर एव राज्य के बाहर पजीकृत चिकित्सालय मे उपचार करवाने पर सहायता राशि प्रदान की जाती है। इस योजना के सबध मे किसी भी प्रकार की जानकारी के लिये टोल फ्री नबर 104 पर कॉल किया जा सकता है अथवा मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के स्वास्थ्य बीमा योजना शाखा से भी सपर्क कर सकते है।
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