बिलासपुर,22 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे दुकानदारों को हटाने से पहले उनका सर्वे करना और उनका पक्ष सुनना जरूरी है। जस्टिस एके प्रसाद ने कहा कि नगर निगम बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए और प्रभावित दुकानदारों को सुनवाई का मौका दिए बिना उन्हें उनकी जगह से नहीं हटा सकता। कोर्ट ने बिलासपुर के 121 छोटे कारोबारियों को व्यक्तिगत सुनवाई का मौका देने का आदेश दिया है। साथ ही नगर निगम को 90 दिनों के भीतर बेदखली के आदेश पर फैसला लेने को कहा है। तब तक याचिकाकर्ताओं को मिली अंतरिम राहत जारी रहेगी। हाईकोर्ट के इस फैसले से कोनी में ठेला और गुमटी लगाकर कारोबार करने वाले छोटे दुकानदारों को बड़ी राहत मिली है। दरअसल,नगर निगम के जोन नंबर 8 के तहत कोनी क्षेत्र में गुमटी और ठेला लगाकर कारोबार करने वाले 121 स्ट्रीट वेंडरों को दुकानें हटाने का नोटिस दिया गया था। इस आदेश के खिलाफ कोनी व्यापारी कल्याण संघ ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में बताया गया कि कोनी क्षेत्र में करीब 121 छोटे दुकानदार लंबे समय से अपनी दुकानें चला रहे हैं। उनकी दुकानें नाली के पीछे और मुख्य सड़क से करीब 10 से 15 फीट दूर है। व्यापारियों का कहना है कि इन दुकानों से सड़क पर आने-जाने वाले लोगों और वाहनों को किसी तरह की परेशानी नहीं होती। बिना सर्वे और सुनवाई के बेदखली नोटिस याचिकाकर्ताओं का कहना था कि नगर निगम ने बिना कानूनी सर्वे कराए और वेंडिंग जोन तय किए बिना ही दुकानदारों को हटाने का नोटिस दे दिया।
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