न्यू मैक्सिको,07 अगस्त 2026 । सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी मेटा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भारत में एल्गोरिद्म और कानूनी पचड़ों में फंसी मार्क जुकरबर्ग की कंपनी को अब अमेरिका में एक बहुत बड़ा कानूनी झटका लगा है। न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने बच्चों और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के गंभीर आरोप में मेटा पर 567 मिलियन डॉलर (करीब 5,390 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसी ऐप्स युवाओं को बुरी लत लगा रही हैं और उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए सीधे तौर पर कंपनी की नीतियां जिम्मेदार हैं। इस फैसले के बाद मेटा को अपने प्लेटफॉर्म के काम करने के तरीके में भी बड़े बदलाव करने होंगे। न्यू मैक्सिको के सांता फे में हुई मामले की सुनवाई के दौरान जज ब्रायन बीडशाइड ने डेमोक्रेट अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज के पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत ने माना कि मेटा ने अपने प्रोडक्ट्स को इस तरह से डिजाइन किया है कि युवा यूजर्स इसके आदी हो जाते हैं, जिससे समाज में ‘पब्लिक न्यूसेंस’ (सार्वजनिक परेशानी) की स्थिति पैदा हो गई है। कंपनी पर यह भी आरोप साबित हुआ है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों को यौन शोषण जैसी गंभीर घटनाओं से बचाने में पूरी तरह से विफल रही है। यह ऐतिहासिक फैसला मामले की शुरुआत में न्यू मैक्सिको की जूरी द्वारा मेटा को 375 मिलियन डॉलर का भुगतान करने के आदेश के ठीक पांच महीने बाद आया है। जूरी ने अपनी विस्तृत जांच में पाया था कि कंपनी ने युवा यूजर्स के लिए फेसबुक और इंस्टाग्राम की सुरक्षा को लेकर झूठे दावे किए और गलत जानकारी फैलाई। इसे उपभोक्ता संरक्षण कानून का सीधा और खुला उल्लंघन माना गया, जिसके चलते कंपनी पर यह भारी जुर्माना लगाया गया है।
बदलने होंगे तौर-तरीके, 5 साल तक लागू रहेंगे कड़े नियम
अमेरिका के 40 से अधिक राज्यों और 1,300 से ज्यादा स्कूल डिस्टि्रक्ट्स ने पहले ही सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ ऐसे ‘पब्लिक न्यूसेंस’ के मामले दर्ज कर रखे हैं। इस बढ़ते दबाव के बीच, जज बीडशाइड ने मेटा को युवा-सुरक्षा के कड़े उपाय लागू करने का सख्त आदेश दिया है। अब कंपनी को टीनएजर्स द्वारा फेसबुक और इंस्टाग्राम के इस्तेमाल पर मंथली कंट्रोल लगाने, नोटिफिकेशन सीमित करने और नाबालिगों के साथ वयस्कों के संपर्क पर कड़ी निगरानी रखने जैसे अहम बदलाव करने होंगे। साथ ही, ्रढ्ढ चैटबॉट्स के लिए सुरक्षा उपाय और यौन शोषण की रिपोर्टिंग प्रणाली को भी बेहतर करना होगा। अदालत का यह आदेश अगले पांच सालों तक प्रभावी रहेगा।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur