नई दिल्ली,07 अगस्त 2026। केंद्र सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर बढ़ते फर्जी एवं आपत्तिजनक कंटेंट पर लगाम कसने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार,अब सोशल मीडिया कंपनियों को किसी भी गैर-कानूनी, आपत्तिजनक या संवेदनशील सामग्री की सूचना मिलने के सिर्फ 3 घंटे के भीतर उसे अपने प्लेटफॉर्म से हटाना होगा। पहले ऐसी शिकायतों पर कार्रवाई के लिए कंपनियों को 24 से 36 घंटे तक का समय मिलता था, लेकिन अब इस समयसीमा को घटाकर तीन घंटे कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि डिजिटल युग में कोई भी डीपफेक वीडियो, एआई से तैयार की गई भ्रामक सामग्री या फर्जी खबरें कुछ ही मिनटों में लाखों लोगों तक पहुंच जाती हैं। इससे किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा, सामाजिक सौहार्द और सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर नुकसान हो सकता है। ऐसे में त्वरित कार्रवाई जरूरी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म निर्धारित 3 घंटे की समयसीमा का पालन नहीं करता है, तो उसे सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 के तहत मिलने वाला ‘सेफ हार्बर’ संरक्षण नहीं मिलेगा। ऐसी स्थिति में संबंधित कंपनी को मध्यस्थ का कानूनी संरक्षण खोना पड़ सकता है और उसके खिलाफ सीधे कानूनी एवं आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है। सरकार का मानना है कि नए नियमों से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जवाबदेही बढ़ेगी, फर्जी और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार पर तेजी से रोक लगेगी तथा इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए ऑनलाइन माहौल अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
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