-संवाददाता-
अम्बिकापुर,05 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को विश्व मंच पर पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण से सम्मानित प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई का रविवार तड़के रायपुर एम्स में निधन हो गया। उनके निधन पर प्रदेश के संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने अपनी सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल रत्न खो दिया है। अपने शोक संदेश में मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि तीजन बाई केवल एक लोक कलाकार नहीं,बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान की सशक्त प्रतीक थीं। उन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा, दमदार प्रस्तुति और समर्पण से पंडवानी जैसी लोकविधा को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाई। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। दुर्ग जिले के गनियारी गांव में जन्मी तीजन बाई ने बेहद साधारण परिस्थितियों से निकलकर अपनी कला के दम पर विश्वभर में पहचान बनाई। उन्होंने पारंपरिक शैली से अलग कापालिक शैली में पंडवानी प्रस्तुत कर इस लोकविधा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। प्रसिद्ध रंगकर्मी हबीब तनवीर ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें बड़े मंचों तक पहुंचाया,जिसके बाद उन्होंने इंग्लैंड, फ्रांस, जापान,जर्मनी, तुर्की सहित 17 से अधिक देशों में अपनी प्रस्तुतियों से छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। लोककला के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री,संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार,पद्म भूषण और वर्ष 2019 में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनके निधन पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित देशभर के जनप्रतिनिधियों, कलाकारों और साहित्यकारों ने भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भारतीय लोकसंस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया।
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