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सूरजपुर@ लांची में गिट्टी खनन के दौरान बड़ा हादसा

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  • पहाड़ धंसने से दो युवकों की दर्दनाक मौत
  • रविवार सुबह उत्खनन के दौरान हुआ हादसा..
  • .मलबे में दबने से दोनों युवकों ने मौके पर तोड़ा दम,
  • अवैध खनन और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

-संवाददाता-
सूरजपुर,05 जुलाई 2026 (घटती-घटना)।
जिला मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत लांची में रविवार सुबह गिट्टी खनन के दौरान हुए भीषण हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया, पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर ढह जाने से मलबे में दबकर दो युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, हादसे की खबर फैलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए, सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची तथा शवों को बाहर निकालकर आगे की कार्रवाई शुरू की। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान जमुना प्रसाद सिंह (उम्र लगभग 18-19 वर्ष),पिता धनेश्वर सिंह तथा जयपाल सिंह (उम्र लगभग 18-19 वर्ष),पिता जयसिंह के रूप में हुई है। दोनों युवक रविवार सुबह पहाड़ी क्षेत्र में गिट्टी उत्खनन के कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा धंस गया और दोनों युवक भारी मलबे के नीचे दब गए, आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन मलबा अधिक होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी और दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
दोपहर तक गांव में नहीं थी जानकारी, फिर मच गई अफरा-तफरी-बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी गांव के लोगों को करीब दोपहर 12 बजे मिली,सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया,इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई,पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर दोनों युवकों के शव बाहर निकाले गए,शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं?
खनन कार्य के दौरान पहाड़ का इस तरह अचानक धंस जाना सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है,यदि उत्खनन वैज्ञानिक तरीके से और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए किया जाता,तो संभवतः इस प्रकार की दुर्घटना टाली जा सकती थी,विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बिना तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा उपायों के खनन कार्य करना बेहद जोखिम भरा होता है।
पुलिस ने शुरू की जांच-पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, खनन कार्य किसके द्वारा कराया जा रहा था,क्या उसके लिए वैध अनुमति प्राप्त थी तथा सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं,जांच में यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अवैध खनन सामने आता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग- घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए,ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो,साथ ही मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता एवं शासन की राहत योजनाओं का लाभ तत्काल उपलब्ध कराने की भी मांग उठने लगी है,यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि जिले में संचालित खनन गतिविधियों की निगरानी कितनी प्रभावी है और क्या सुरक्षा नियमों का पालन वास्तव में सुनिश्चित किया जा रहा है, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस दर्दनाक दुर्घटना की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस दर्दनाक हादसे से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कम उम्र में दोनों युवकों की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम दिखाई दी,ग्रामीणों ने बताया कि दोनों युवक मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का सहयोग करते थे, उनकी अचानक मौत से परिवारों के सामने आर्थिक और सामाजिक संकट भी खड़ा हो गया है।
खनन कार्य की वैधता पर उठे सवाल
हादसे के बाद क्षेत्र में चल रहे गिट्टी खनन की वैधता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहाड़ी क्षेत्र में खनन कार्य किया जा रहा था,तो क्या उसके लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं खनिज विभाग की अनुमति ली गई थी? साथ ही क्या खनन के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा था? इन सभी बिंदुओं की जांच अब प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गई है।


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