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बैकुंठपुर@ जज का बंगला भी नहीं सुरक्षित! एसपी कार्यालय के सामने 9 लाख की चोरी, कोरिया पुलिस पर फिर उठे सवाल

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  • आम लोगों की चोरी का अब तक नहीं हुआ खुलासा, अब महिला जज के सरकारी आवास को बनाया निशाना
  • चोरों के बढ़ते हौसले और पुलिस की नाकामी चर्चा में कोरिया में चोर बेखौफ,पुलिस बेअसर!
  • जज के बंगले से सोने-हीरे के जेवर पार खुलासों का खाता अब भी खाली
  • जब जज का घर ही सुरक्षित नहीं तो आम जनता किस भरोसे?
  • एसपी कार्यालय के सामने हुई 9 लाख की चोरी कोरिया में चोरों का आत्मविश्वास हाई, पुलिस का खुलासा लो! अब जज के बंगले तक पहुंच गए हाथ
  • चोर बोले-जहां एसपी ऑफिस सामने हो,वहीं तो सबसे कम शक होगा!
  • कोरिया पुलिस की चौकसी या चोरों की मौज? न्यायालय से लेकर जज बंगले तक पहुंच गए चोर

-संवाददाता-
बैकुंठपुर,05 जून 2026 (घटती-घटना)।
कोरिया जिले में चोरी की घटनाएं अब उस मुकाम पर पहुंच चुकी हैं जहां चोरों को न पुलिस का डर है,न कानून का खौफ और न ही सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का सम्मान,हालात ऐसे बन चुके हैं कि अब चोरों ने आम नागरिकों के घरों से आगे बढ़कर न्यायपालिका के अधिकारियों के सरकारी आवासों को भी अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है,ताजा मामला बैकुंठपुर के कचहरीपारा स्थित महिला न्यायाधीश के सरकारी बंगले का है,जहां से सोने,हीरे और चांदी के जेवरात सहित करीब 9 लाख रुपए की संपत्ति चोरी हो गई।
घटना अपने आप में गंभीर है,लेकिन उससे भी ज्यादा गंभीर वह तथ्य है जो इस पूरी वारदात को कोरिया जिले की पुलिसिंग पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न बना देता है, जिस बंगले में चोरी हुई,वह कोई सुनसान इलाका नहीं बल्कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय के ठीक सामने स्थित सरकारी आवास है, यानी चोरों ने मानो यह संदेश दिया हो कि अब उन्हें दूरी नहीं, अवसर चाहिए।
चोरों का नया सिद्धांत जहां सबसे ज्यादा सुरक्षा दिखे,वहीं वारदात करो-आमतौर पर माना जाता है कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय के आसपास का इलाका सबसे सुरक्षित होता है, लेकिन कोरिया जिले में शायद सुरक्षा की परिभाषा बदल चुकी है,चोरों ने बड़ी सहजता से जज के सरकारी आवास का ताला तोड़ा,आलमारी खंगाली,लाखों के जेवर समेटे,मोबाइल और आईपैड तक ले गए और आराम से निकल गए,सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह कोई पांच मिनट की घटना नहीं थी,चोरों ने घर को पूरी तरह खंगाला,आलमारी खोली,सामान बाहर निकाला,कीमती वस्तुएं चुनीं और फिर फरार हो गए,ऐसा लगता है मानो चोरों को भरोसा था कि उन्हें कोई देखने वाला नहीं है।
आम जनता के बाद अब न्यायपालिका भी निशाने पर-कोरिया जिले में पिछले कई महीनों से चोरी की घटनाओं का सिलसिला जारी है, शहर के विभिन्न इलाकों में घरों,दुकानों और प्रतिष्ठानों में चोरी की वारदातें हुईं, लेकिन अधिकांश मामलों में पुलिस के हाथ खाली ही नजर आए,अब तक चोरी की कई घटनाएं हुईं,लेकिन बड़े खुलासों की सूची लगभग खाली है,जनता पहले ही पूछ रही थी कि आखिर चोर पकड़े क्यों नहीं जा रहे? अब वही सवाल और बड़ा होकर सामने खड़ा हो गया है,जब न्याय देने वाले अधिकारी का सरकारी आवास सुरक्षित नहीं है,तो आम नागरिक अपने घरों की सुरक्षा को लेकर कितना आश्वस्त महसूस करेंगे?
गर्मी की छुट्टी पर गईं जज,चोरों ने बना लिया मौका-जिला न्यायालय में पदस्थ व्यवहार न्यायाधीश (वरिष्ठ श्रेणी) प्रेरणा आहिरे 24 मई को ग्रीष्मकालीन अवकाश पर रायपुर गई थीं,उन्हें क्या पता था कि उनकी अनुपस्थिति में कोई उनकी आलमारी को भी न्यायिक समीक्षा के लिए खोल देगा,3 जून को जब उन्होंने अपने मोबाइल से सीसीटीवी कैमरा देखा तो उन्हें कुछ असामान्य दिखाई दिया,आलमारी खुली थी,कपड़े बाहर पड़े थे,कमरे का सामान अस्त-व्यस्त था, यह दृश्य देखकर उन्होंने सुरक्षा गार्ड और कोर्ट मोहर्रिर को फोन किया,जब मौके पर जांच की गई तो पता चला कि बंगले में चोरी हो चुकी है।
चोरों की पसंद भी प्रीमियम निकली-इस चोरी में चोरों ने केवल सामान्य सामान नहीं उठाया,सोने का ब्रेसलेट, झुमके,अंगूठियां, हीरे के आभूषण,चांदी के जेवर,मोबाइल फोन,घडि़यां और यहां तक कि उच्च न्यायालय द्वारा प्रदत्त आईपैड तक गायब कर दिया गया,कुल मिलाकर लगभग 9 लाख 7 हजार रुपए की संपत्ति चोरी हो गई,ऐसा प्रतीत होता है कि चोरों ने घर में बाकायदा चयन प्रक्रिया अपनाई और फिर केवल कीमती सामान लेकर निकल गए।
न्यायालय भी पहले हो चुका है चोरों का शिकार-यदि किसी को लगता है कि यह पहली घटना है तो वह गलतफहमी में है,कुछ ही दिनों पहले जिला न्यायालय भवन में भी चोरी की घटना सामने आई थी,प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के बोर्ड में लगे एसी के आउटडोर यूनिट से कॉपर पाइप चोरी हो गए थे,विशेष न्यायाधीश के कक्ष और न्यायालय कक्ष के एसी भी चोरों की नजर से नहीं बच सके,परिणाम यह हुआ कि न्यायालय के तीन एसी बंद हो गए,उस घटना का क्या हुआ? कितने आरोपी पकड़े गए? कितना सामान बरामद हुआ? इन सवालों के जवाब आज भी जनता तलाश रही है।
क्या चोरों को पुलिस से ज्यादा भरोसा खुद पर है?-इस घटना के बाद शहर में एक व्यंग्यात्मक चर्चा तेजी से चल रही है,लोग कह रहे हैं कि कोरिया जिले के चोरों का आत्मविश्वास शायद जिले के किसी भी विभाग से ज्यादा मजबूत है,उन्हें भरोसा है कि वे वारदात करेंगे, एफआईआर दर्ज होगी,जांच शुरू होगी,जांच जारी रहेगी,और फिर मामला धीरे-धीरे फाइलों के जंगल में खो जाएगा,यही वजह है कि चोरी की घटनाएं रुकने के बजाय बढ़ती जा रही हैं।
एसपी कार्यालय के सामने चोरी, आखिर संदेश क्या है?-किसी सामान्य मोहल्ले में चोरी होना एक बात है, लेकिन एसपी कार्यालय के ठीक सामने स्थित जज के सरकारी बंगले में चोरी होना दूसरी बात है,यह केवल अपराध नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता को सीधी चुनौती है,चोरों ने मानो यह बताने की कोशिश की है कि उन्हें इलाके की परवाह नहीं, उन्हें केवल यह भरोसा है कि वारदात के बाद बच निकलने की संभावना ज्यादा है।
पुलिस के सामने अब प्रतिष्ठा का सवाल- इस घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है,लेकिन जनता अब केवल एफआईआर की खबर नहीं सुनना चाहती, जनता जानना चाहती है कि आरोपी कब पकड़े जाएंगे, चोरी का सामान कब बरामद होगा,और सबसे महत्वपूर्ण बात—क्या जिले में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर कोई प्रभावी रोक लग पाएगी?
सबसे बड़ा सवाल- कोरिया जिले में आज सबसे बड़ा सवाल चोरी की रकम नहीं है,सवाल यह है कि क्या कानून का भय अपराधियों में बचा हुआ है? यदि न्यायालय परिसर सुरक्षित नहीं,जज का बंगला सुरक्षित नहीं, एसपी कार्यालय के सामने का इलाका सुरक्षित नहीं,तो फिर आम नागरिक अपने घर की सुरक्षा का भरोसा किस आधार पर करे? फिलहाल बैकुंठपुर की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कोरिया जिले में चोरों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं और पुलिस के सामने अब केवल एक चोरी की जांच नहीं, बल्कि अपनी कार्यक्षमता और विश्वसनीयता साबित करने की चुनौती खड़ी हो गई है, जनता इंतजार कर रही है—क्या इस बार भी मामला सिर्फ एफआईआर तक सीमित रहेगा,या फिर चोर सचमुच कानून के शिकंजे तक पहुंचेंगे।


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