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सूरजपुर@दैनिक घटती-घटना की खबर का असर : मुख्यमंत्री सचिवालय पहुँची ‘पोस्टिंग दरबार’ की गूंज…..

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विधायक के मंच पर अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर क्रभ्ढ्ढ एक्टिविस्ट ने की शिकायत,कलेक्टर सूरजपुर को जांच के निर्देश
-ओंकार पाण्डेय-
सूरजपुर,13 मई 2026 (घटती-घटना)। दैनिक घटती-घटना में प्रकाशित बहुचर्चित खबर ‘जन्मदिन या पोस्टिंग दरबार?’ अब बड़ा प्रशासनिक मामला बनती नजर आ रही है, विधायक के जन्मदिन कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित सक्रिय मौजूदगी को लेकर उठे सवाल अब सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंच गए हैं, आरटीआई एक्टिविस्ट अमित गुप्ता द्वारा मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत पर मुख्यमंत्री सचिवालय ने संज्ञान लेते हुए कलेक्टर सूरजपुर को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।
क्या था पूरा मामला?
दैनिक घटती-घटना ने अपने विशेष समाचार में विधायक के जन्मदिन कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए थे, खबर में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था कि क्या सरकारी अधिकारी अब राजनीतिक आयोजनों में केवल ‘शुभकामना’ देने जाते हैं या फिर यह ‘पोस्टिंग और नेटवर्किंग’ का नया मंच बनता जा रहा है? समाचार में मंच पर मौजूद कुछ अधिकारियों की भूमिका, गीत-संगीत कार्यक्रम में सहभागिता और कथित चरण स्पर्श जैसे दृश्य भी चर्चा का विषय बने थे।
अब मुख्यमंत्री सचिवालय पहुँची शिकायत
आरटीआई एक्टिविस्ट अमित गुप्ता ने मुख्यमंत्री को लिखे शिकायत पत्र में आरोप लगाया कि जिला शिक्षा अधिकारी सहित कुछ अधिकारी-कर्मचारी राजनीतिक कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल दिखाई दिए, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों की भावना के विपरीत है, शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि कई विभागीय शिकायतें लंबित होने के बावजूद संबंधित अधिकारियों की राजनीतिक आयोजनों में सक्रियता प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है।
मुख्यमंत्री सचिवालय ने लिया संज्ञान
10 मई को खबर प्रकाशित हुई और 12 मई 2026 को मुख्यमंत्री सचिवालय से जारी पत्र में कलेक्टर सूरजपुर को निर्देशित किया गया है कि शिकायत पत्र और संलग्न दस्तावेजों का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, सचिवालय ने यह भी कहा है कि की गई कार्रवाई की जानकारी जनदर्शन पोर्टल पर दर्ज की जाए और संबंधित अभिलेख अपलोड किए जाएं, यानी अब यह मामला सिर्फ सोशल मीडिया चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक फाइलों तक पहुँच चुका है।
जन्मदिन या पोस्टिंग दरबार?’ शीर्षक ने खड़े किए थे कई सवाल
दैनिक घटती-घटना की खबर ने प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी थी, खबर में सवाल उठाया गया था कि क्या अधिकारी राजनीतिक संरक्षण की तलाश में ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर शामिल हो रहे हैं? क्या सरकारी पद की गरिमा धीरे-धीरे राजनीतिक मंचों के सामने कमजोर पड़ रही है? क्या यह प्रशासनिक निष्पक्षता के लिए खतरे का संकेत है? इन सवालों को लेकर जिलेभर में चर्चा तेज हो गई थी।
सोशल मीडिया में भी जमकर
वायरल हुई थी खबर

खबर प्रकाशित होने के बाद सोशल मीडिया में भी इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं, कुछ लोगों ने इसे ‘प्रोटोकॉल से बाहर की सक्रियता’ बताया, तो कुछ ने कहा कि सरकारी अधिकारियों को सार्वजनिक मंचों पर राजनीतिक निकटता से बचना चाहिए, वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना था कि सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होना अलग बात है, लेकिन मंचीय सक्रियता प्रशासनिक मर्यादा पर सवाल खड़े कर सकती है।
अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर
मुख्यमंत्री सचिवालय के निर्देश के बाद अब सबकी नजर कलेक्टर सूरजपुर की कार्रवाई पर टिक गई है, क्या मामले की जांच होगी? क्या संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा? क्या प्रशासनिक आचरण नियमों की समीक्षा होगी? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकते हैं।
दैनिक घटती-घटना की खबर
फिर बनी चर्चा का केंद्र

एक बार फिर यह साबित हुआ कि स्थानीय स्तर पर उठे मुद्दे यदि तथ्यों और सवालों के साथ सामने लाए जाएं, तो उनकी गूंज शासन स्तर तक पहुंच सकती है, ‘जन्मदिन या पोस्टिंग दरबार?’ शीर्षक से शुरू हुई चर्चा अब प्रशासनिक जांच और राजनीतिक मर्यादा के बड़े विमर्श में बदलती दिखाई दे रही है।


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