सकरिया पंचायत के आश्रित गांव में 150 आदिवासी परिवार सड़क,पुल और आंगनबाड़ी के लिए तरस रहे

-मनोज कुमार-
लखनपुर,13 मई 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में आजादी के 78 वर्ष बीत जाने के बावजूद विकास की किरण कई गांवों तक नहीं पहुंची है। जनपद पंचायत लखनपुर अंतर्गत सकरिया पंचायत में आने वाले बैंदो खोरा कापु टिकरा गांव जो लुड्रा विधानसभा में है यहां के करीब 150 आदिवासी परिवार आज भी सड़क, पुल और आंगनबाड़ी केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। बारिश के मौसम में स्थिति अत्यंत खतरनाक हो जाती है। नदी पर पुल न होने के कारण ग्रामीणों को सामान लाने, इलाज कराने और अन्य जरूरी कामों के लिए नदी पार करनी पड़ती है। कई बार जान जोखिम में डालकर इस नदी को पार करना पड़ता है। स्कूली बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक परेशान रहते हैं। बारिश में बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। गांव में आंगनबाड़ी केंद्र न होने के कारण छोटे बच्चों को पोषण और प्रारंभिक शिक्षा से भी वंचित रहना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही गांव को भुला दिया जाता है। एक स्थानीय ग्रामीण ने बताया, ‘हर चुनाव में सड़क-पुल बनाने का वादा किया जाता है। नेता आते हैं, फोटो खिंचवाते हैं और चले जाते हैं। हम आज भी जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं। बच्चों और बीमारों की हालत सबसे खराब है। ‘ जिले के कई अन्य गांवों की तरह बैंदो खोरा कापु टिकरा भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है। ग्रामीण अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तुरंत हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं, ताकि सड़क, पुल और आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कराया जा सके।
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