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अम्बिकापुर@ राम मंदिर चढ़ावा हमला…श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : टीएस सिंहदेव

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अंबिकापुर में प्रेसवार्ता कर केंद्र सरकार से मांगा जवाब,जांच और फॉरेंसिक ऑडिट की उठाई मांग
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,16 जुलाई 202६ (घटती-घटना)।
राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे और श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने अपना हमला और तेज कर दिया है। गुरुवार को अंबिकापुर के राजीव भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने कहा कि यह राजनीतिक नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था और विश्वास का मामला है। ऐसे में यदि धन के उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो सरकार और ट्रस्ट की जिम्मेदारी है कि पूरे मामले में पारदर्शिता बरती जाए और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
सिंहदेव ने कहा कि भगवान श्रीराम देश के करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। मंदिर निर्माण के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं ने स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग दिया। लोगों ने यह विश्वास कर दान दिया था कि राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ होगा, लेकिन अब जिस तरह वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक फैसलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उससे श्रद्धालुओं के मन में भी संशय पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े घटनाक्रम, तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे तथा ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। ऐसे मामलों में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई कर जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती। यदि कोई अनियमितता नहीं हुई है तो फिर स्वतंत्र जांच से बचने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। पूर्व उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे और चढ़ावे का उपयोग किस प्रकार किया गया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।
कांग्रेस ने रखीं पांच प्रमुख मांगें : प्रेसवार्ता के दौरान टीएस सिंहदेव ने कांग्रेस की ओर से पांच प्रमुख मांगें भी सामने रखीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण दें, कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए, वर्तमान ट्रस्ट को भंग कर नई पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए तथा मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे, चढ़ावे और खर्च का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या राम मंदिर के निर्माण का विरोध नहीं कर रही है। पार्टी केवल यह चाहती है कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए धन का पूरा हिसाब सार्वजनिक हो और यदि कहीं गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई हो। उनका कहना था कि आस्था के नाम पर जुटाई गई राशि के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार और ट्रस्ट दोनों की जिम्मेदारी है। प्रेसवार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक,शफी अहमद, हेमंत सिन्हा,सीमा सोनी, संजय विश्वकर्मा, द्वितेंद्र मिश्रा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


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