Breaking News

अम्बिकापुर,@ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर सोशल मीडिया में घमासान,टिप्पणियों से गरमाई सियासत…

Share

अम्बिकापुर,19 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और नगर निगम की कार्यशैली को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक पोस्ट पर आई टिप्पणियों ने शहर की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में लिखा गया कि ‘जितना जल्दी पाटना है पाट दीजिए,आज टीम नहीं जाएगी। कहने वाले और रोकने वाले कौन हैं,क्या जानते हैं?’ इसके बाद पोस्ट पर कई लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी। गोपाल पांडेय ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि ‘…खोर और क्या,लेकिन वह कौन है नाम भी आना चाहिए।’ वहीं नितिन चौहान ने सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों के बीच चर्चा है कि किसी व्यक्ति ने इस कार्रवाई को रुकवाने की जिम्मेदारी ली है,क्या यह सही है? विश्वनाथ गुप्ता ने टिप्पणी में कहा कि पाटने वाले अतिक्रमणकारी हैं और टीम कहने वाले जनप्रतिनिधि। उन्होंने कटाक्ष करते हुए लिखा कि ‘जो नहीं खाता,वह बोलता है और जो खाता है, वह सबकी सुनता है। ‘इसी बीच धनंजय मिश्रा ने लिखा कि ‘आपको तो सभी का नाम पता है, आपकी नैतिक जिम्मेदारी है कि आप नाम सार्वजनिक करें। ‘शहर में लगातार चल रही अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के बीच इन टिप्पणियों ने यह संकेत दिया है कि नगर निगम की कार्रवाई को लेकर आम लोगों में असंतोष और सवाल दोनों मौजूद हैं। कुछ लोग इसे प्रभावी कार्रवाई मान रहे हैं,तो कुछ का आरोप है कि दबाव और हस्तक्षेप के कारण अभियान अधूरा रह जाता है। गौरतलब है कि चौपाटी,आकाशवाणी चौक,स्कूल रोड और अन्य क्षेत्रों में सड़क किनारे ठेले और अस्थायी दुकानें लगाए जाने से यातायात प्रभावित होता रहा है। निगम द्वारा समय-समय पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर वही स्थिति बनने लगती है। सोशल मीडिया पर उठी इस बहस के बाद शहर में अब यह चर्चा तेज है कि आखिर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में रुकावट कौन डाल रहा है और प्रशासन कब तक स्थायी समाधान निकाल पाएगा।


Share

Check Also

अम्बिकापुर @ संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर सरगुजा संभाग में ‘आकार-2026’ का आयोजन

Share उदयपुर और लखनपुर में 8 से 14 जून तक चलेगा पारंपरिक शिल्प एवं कला …

Leave a Reply