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नई दिल्ली@केंद्र से उड़ान 2.0 योजना को मंजूरी,100 एयरपोर्ट बनेंगे

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इमिग्रेशन,वीजा और विदेशी नागरिक ट्रैकिंग से जुड़ी IVFRT योजना 5 साल के लिए बढ़ी
नई दिल्ली,25 मार्च 2026। केंद्र सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं। इनमें 2030-35 के नए पर्यावरण लक्ष्य तय करना, मोडिफाइड उड़ान योजना को मंजूरी और इमिग्रेशन सिस्टम के आधुनिकीकरण के लिए IVFRT 3.0 योजना शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि कैबिनेट ने मोडिफाइड रीजनल एयर कनेक्टिविटी योजना उड़ान 2.0 को मंजूरी दी है। इसके तहत 100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। इस पर 28,840 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कैबिनेट ने इमिग्रेशन,वीजा और विदेशी नागरिक ट्रैकिंग से जुड़ी IVFRT 3.0 योजना को 31 मार्च 2031 तक 5 साल के लिए बढ़ाने को मंजूरी दी है। इसके लिए 1,800 करोड़ का बजट रखा गया है, जिसका इस्तेमाल इमिग्रेशन चेक पोस्ट पर एआई टूल्स,आइरिस स्कैनिंग (आंखों की स्कैनिंग) और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के लिए इस्तेमाल होगा।
उड़ान 2.0 योजना- टियर-2 और टियर-3 शहरों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी : केंद्र के मुताबिक, 100 नए एयरपोर्ट्स बनाने के लिए सरकार उन एयरस्टि्रप्स का इस्तेमाल करेगी जो अब तक इस्तेमाल में नहीं है। हर एयरपोर्ट पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए 12,159 करोड़ रुपये का अलग से बजट रखा गया है। इसके अलावा हिमालयी राज्यों, नॉर्थ-ईस्ट और द्वीपों के लिए 200 नए हेलीपैड्स बनाए जाएंगे। इसके लिए 3,661 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, ताकि पहाड़ी, दुर्गम इलाकों में भी अच्छी कनेक्टिविटी हो।
IVFRT 3.0 योजना-सेल्फ-सर्विस कियोस्क जैसी तकनीक डेवलप होंगी : सरकार ने बताया कि IVFRT प्लेटफॉर्म इमिग्रेशन, वीजा और विदेशी नागरिकों के रजिस्ट्रेशन को आपस में जोड़कर व्यवस्थित करेगा। यह सुरक्षित और एकीकृत सेवा ढांचे के तहत इन सेवाओं को आधुनिक बनाएगा।
अश्विनी वैष्णव बोले…उत्सर्जन
तीव्रता में 36′ कमी हासिल की…

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत ने जीडीपी के मुकाबले उत्सर्जन तीव्रता (एमिशन इंटेंसिटी) में 36′ की कमी हासिल कर ली है। 2030 का एक लक्ष्य 2025 में ही हासिल कर लिया गया और 2026 में उसे पार भी कर लिया गया। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक,पहले क्योटो प्रोटोकॉल लागू था,लेकिन पेरिस समिट के बाद एक नया वैश्विक ढांचा बना,जिसमें हर देश को अपनी परिस्थितियों के अनुसार लक्ष्य तय करने को कहा गया। वर्तमान लक्ष्य 2025-2030 के लिए हैं और अब कैबिनेट ने 2030-2035 के लक्ष्यों को भी मंजूरी दे दी है।


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