बिलासपुर,23 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नक्सली हमले में गंभीर रूप से घायल आरक्षक की बीजापुर में पोस्टिंग पर रोक लगा दी है। डीजीपी को उसे मैदानी जिले में पदस्थ करने कहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि, ऐसे जवानों को उनकी शारीरिक स्थिति को नजरअंदाज कर संवेदनशील और नक्सल प्रभावित जिलों में पदस्थ नहीं किया जा सकता। दरअसल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम नागरदा निवासी दिनेश ओगरे छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की दूसरी बटालियन सकरी (बिलासपुर) में आरक्षक के पद पर कार्यरत थे। साल 2016 में बीजापुर जिले के पामेड़ क्षेत्र में पदस्थापना के दौरान नक्सली हमले में उनके सिर पर गोली लगी थी,जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लंबे इलाज के बाद आरक्षक स्वस्थ्य हो गया, जिसके बाद साल 2018 में ड्यूटी के दौरान उनके बाएं पैर में फ्रैक्चर हो गया। इन परिस्थितियों को नजरअंदाज करते हुए पुलिस मुख्यालय रायपुर ने दोबारा उसकी पोस्टिंग नक्सल प्रभावित क्षेत्र बीजापुर जिले के अदवाड़ा कैंप में कर दी।
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