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रायपुर@विधानसभा में उठा 3 छात्राओं के प्रेग्नेंट होने का मामला…विपक्ष ने किया सदन का बहिष्कार

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शिक्षा मंत्री बोले…हॉस्टल में नहीं रहती तीनों स्टूडेंट
रायपुर,16 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा में शून्यकाल के दौरान बीजापुर के गंगालूर स्थित पोटा केबिन की 3 छात्राओं के गर्भवती होने का मामला उठा। इस मुद्दे पर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की, लेकिन सरकार के जवाब के बाद आसंदी ने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। शिक्षा मंत्री ने बताया कि तीनों स्टूडेंट हॉस्टल में नहीं रहती। मुद्दे पर चर्चा नहीं होने से नाराज विपक्षी विधायकों ने सदन में नारेबाजी करते हुए हंगामा किया और बाद में सदन से बहिष्कार कर दिया। इससे पहले अमानक चावल की खरीदी का मुद्दा सदन में गूंजा। विधायक ब्यास कश्यप ने करोड़ों रुपए के घटिया चावल खरीदे जाने और गुणवत्ता परीक्षण में लापरवाही का मामला उठाते हुए दोषियों पर कार्रवाई और स्नढ्ढक्र दर्ज करने की मांग की। मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि करीब 8153 क्विंटल अमानक चावल पाया गया है और कुछ अधिकारियों को निलंबित कर नोटिस जारी किया गया है, लेकिन जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सरकार पर लीपापोती का आरोप लगाते हुए सदन में हंगामा किया और वॉकआउट कर दिया। सदन में सक्ती जिले में धान उठाव नहीं होने का मुद्दा भी उठा। विधायक रामकुमार यादव ने सरकार पर आरोप लगाया कि 17 जनवरी से धान का उठाव रोकने की वजह से किसानों का धान बारिश में खराब हुआ और करोड़ों का नुकसान हुआ। वहीं मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि धान की रिसाइक्लिंग रोकने के लिए अस्थायी तौर पर उठाव रोका गया था और 31 मार्च से पहले शेष धान उठा लिया जाएगा। सदन में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी इस फैसले और किसानों के नुकसान को लेकर सरकार से जवाब मांगा। साथ ही बस्तर संभाग के आंगनबाड़ी केन्द्रों की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठा। विधायक लखेश्वर बघेल ने बताया कि संभाग में 2209 आंगनबाड़ी केन्द्र बिना भवन के संचालित हो रहे हैं। 1021 भवन जर्जर हालत में हैं, जबकि बड़ी संख्या में केन्द्रों में पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि कई भवनों के निर्माण और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था के लिए स्वीकृतियां दी गई हैं और बजट की उपलब्धता के अनुसार कार्य कराया जाएगा।

कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप ने उठाया अमानक चावल की खरीदी का मुद्दा
विधायक ब्यास कश्यप – कुल कितनी मात्रा में अमानक या घटिया चावल की खरीदी की गई है। उसकी अनुमानित वित्तीय राशि कितनी है। क्या गुणवत्ता परीक्षण (क्वालिटी इंस्पेक्शन) नियमानुसार किया गया था। यदि किया गया तो अमानक चावल कैसे स्वीकार हुआ। इस प्रकरण में अब तक किन अधिकारियों या कर्मचारियों को निलंबित या हटाया गया है। क्या किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
चरणदास महंत – यह भी बताइए कि ये किस-किस जिले के अधिकारी हैं। कोरबा में जशपुर, बालोद और बेमेतरा से चावल ट्रांसफर किया गया है।
मंत्री दयालदास बघेल – जी हां, इस प्रकरण में जिला बालोद, बेमेतरा और जशपुर के कर्मचारियों की आईडी का उपयोग किया गया। खरीदे गए चावल में से 8153.48 क्विंटल चावल वितरण योग्य मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसकी अनुमानित वित्तीय राशि लगभग 3.34 करोड़ रुपए है।
वितरण योग्य नहीं पाए गए चावल का उस समय नियमानुसार गुणवत्ता परीक्षण नहीं किया गया, जिसके कारण अमानक चावल जमा हो गया। इस मामले में एक कनिष्ठ सहायक और एक कनिष्ठ तकनीकी सहायक को निलंबित किया गया है। एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
मंत्री दयालदास बघेल – इसमें प्रमोद कुमार जांगड़े, डीएम नान को भी निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है।
चरणदास महंत – कल रविवार छुट्टी के दिन आपने कितने बजे उन्हें निलंबित किया, यह भी बता दीजिए।
मंत्री दयालदास बघेल – उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
ब्यास कश्यप – शिकायत पर जांच कराई गई, लेकिन जांच करने वाले अधिकारी पर भी सवाल उठे हैं। वहां के कर्मचारियों और अधिकारियों ने बताया कि जांच के लिए आए अधिकारी लग्जरी होटल में रुके, हमसे सेवा ली और कोसा का कपड़ा भी लिया। क्या उनके खिलाफ भी आप जांच कराएंगे।
मंत्री दयालदास बघेल – अमानक चावल लेने की शिकायत मिलने पर नागरिक आपूर्ति निगम मुख्यालय से जांच टीम गठित कर जांच कराई गई। चावल का सैंपल लेकर एफएसएसएआई की प्रयोगशाला में परीक्षण कराया गया, जिसमें चावल को खाने योग्य बताया गया।
बाद में कनकी की मात्रा का परीक्षण करने के लिए फिर से एक जांच दल बनाया गया। जांच दल ने 8153 क्विंटल चावल को अमानक पाया। इसके बाद एक अधिकारी को निलंबित किया गया और 10 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
ब्यास कश्यप – कार्रवाई हुई है, इससे इंकार नहीं है, लेकिन कार्रवाई लीपापोती के हिसाब से हुई है। डीएम बेमेतरा, उपार्जन प्रभारी और एजीएम को भी निलंबित किया जाए, क्योंकि वे जांच में रोक लगा रहे हैं। पद पर रहते हुए वे जांच को प्रभावित करेंगे।
मंत्री दयालदास बघेल- इसमें दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। जिन्हें नोटिस दिया गया है, उन पर भी जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
ब्यास कश्यप – इसमें राइस मिलर्स की भी संलिप्तता है। किन-किन राइस मिल से कितनी मात्रा में अमानक चावल लिया गया, उनके नाम बताएं। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराकर जांच कराई जाए, नहीं तो मैं इस संगठित अपराध के खिलाफ हाईकोर्ट जाने को मजबूर हो जाऊंगा। मैं आपसे अपेक्षा करता हूं कि आप न्याय दिलाएंगे।
मंत्री दयालदास बघेल – इसमें 12 राइस मिलर्स कोरबा और 14 कटघोरा के हैं। जिस भी राइस मिलर का चावल अमानक पाया गया है, उन्हें नोटिस जारी किया गया है कि अमानक चावल वापस ले जाकर मानक चावल जमा करें।
भूपेश बघेल – मंत्री जी ने खुद स्वीकार किया है कि अमानक चावल जमा किए गए थे। पकड़ में आने के बाद भी आप उन्हें सुधारने के लिए कह रहे हैं कि सही चावल जमा करें। इसका मतलब है कि संलिप्तता ऊपर तक है और बचाने की कोशिश की जा रही है।
राइस मिलर्स से लेकर अधिकारी तक इसमें शामिल हैं। इस प्रकरण में क्या एफआईआर दर्ज करेंगे और क्या पुलिस से जांच कराएंगे। यह आपराधिक कृत्य है।
मंत्री दयालदास बघेल – इस मामले में अभी जांच चल रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भूपेश बघेल – दोषियों को बचाने की कोशिश हो रही है।
विधायक रामकुमार यादव के सवाल और मंत्री दयालदास के जवाब
– विधायक रामकुमार यादव – सक्ती जिला समेत पूरे प्रदेश में धान का उठाव 17 जनवरी से आपने रोक दिया। यह आपने खुद स्वीकार किया है। जबकि सक्ती जिले में बहुत सारे राइस मिल हैं। धान का उठाव नहीं होने पर बारिश में धान खराब हो जाता है। इतने राइस मिल होने के बाद भी धान का उठाव क्यों रोका गया।
– मंत्री दयालदास बघेल – धान की रिसाइक्लिंग न हो,इस कारण धान का उठाव रोका गया था।
– रामकुमार यादव – धान का उठाव नहीं होने की वजह से धान पानी में भीग जाता है और इसका खामियाजा गरीबों को उठाना पड़ता है। गलती सरकार और अधिकारियों की है। बताया गया है कि सक्ती जिले में 30 करोड़ रुपए का धान चूहों ने खा लिया। क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
– दयालदास बघेल – सक्ती जिले में 47.41 लाख क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। इसमें से 44.25 लाख क्विंटल धान का उठाव हो चुका है। केवल 3.16 लाख क्विंटल धान का उठाव बाकी है। 31 मार्च से पहले धान उठा लिया जाएगा।
– चरणदास महंत – मंत्री जी ने अपने जवाब में कहा कि धान की रिसाइक्लिंग होती थी। इसका मतलब विभाग ने इसे स्वीकार किया है। जहां-जहां रिसाइक्लिंग की सूचना मिली, वहां क्या कार्रवाई की गई।
– दयालदास बघेल – निर्णय यह था कि रिसाइक्लिंग न हो, इसलिए धान का उठाव रोक दिया गया।
– चरणदास महंत – 17 जनवरी को धान खरीदी बंद करा दी गई,जबकि 31 जनवरी तक धान खरीदी होनी थी। इस बीच जिन किसानों के पास टोकन थे,वे भी अपना धान नहीं बेच पाए। इस वजह से 600 करोड़ रुपए का धान नहीं बिक सका। इसके लिए कौन जवाबदार होगा।
– दयालदास बघेल – मैंने धान खरीदी की बात नहीं कही थी, बल्कि धान के उठाव को रोकने की बात कही थी। धान खरीदी 17 जनवरी को बंद नहीं की गई थी।


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