- बरने नदी की रेत बनी काल… पुलिसिया पिटाई से गई युवक की जान,होली से पहले पसौरी में मातम…रेत लेने गया सोनू, लौटी सिर्फ लाश
- कई सवाल छोड़ गई,यह घटना ने सोनू चक्रधारी की मौत ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं…
- क्या रेत के अवैध कारोबार पर रोक लगेगी?
- क्या सीमा विवाद और प्रशासनिक लापरवाही दूर होगी?
- क्या गरीब परिवार को न्याय मिल पाएगा?

-संवाददाता-
एमसीबी,06 मार्च 2026 (घटती-घटना)। होली के रंग चढ़ने से पहले ही मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के जनकपुर क्षेत्र के ग्राम पसौरी में मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है, जिस घर में होली के पकवानों की खुशबू फैलनी थी, वहां अब चीख-पुकार और आंसुओं का सैलाब है, बरने नदी की रेत पर शुरू हुआ विवाद इतना भयावह मोड़ ले बैठा कि एक गरीब परिवार का सहारा हमेशा के लिए छिन गया। मामला ग्राम पसौरी के डूमरघाट स्थित बरने नदी का है,जहां रेत लेने पहुंचे युवक सोनू चक्रधारी की कथित तौर पर मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों की पिटाई से मौत हो गई। इस घटना ने न सिर्फ पूरे इलाके को झकझोर दिया है बल्कि रेत के अवैध कारोबार,सीमा विवाद और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वैज्ञानिक जांच में जुटी फॉरेंसिक टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है, वैज्ञानिक अधिकारी साधना दुबे ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं, पुलिस का कहना है कि सभी वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
हत्या का मामला दर्ज
इस मामले में थाना केल्हारी में अपराध क्रमांक 18/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1),296,308(3) और 3(5) के अंतर्गत हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है,प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
और सबसे बड़ा सवाल
क्या ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी? बरने नदी की रेत अब सिर्फ रेत नहीं रही, वह एक परिवार के सपनों और आंसुओं से लाल हो चुकी है।
अवैध रेत कारोबार पर उठे सवाल- इस घटना ने क्षेत्र में चल रहे अवैध रेत उत्खनन के मुद्दे को भी उजागर कर दिया है, भाजपा के वरिष्ठ नेता दृगपाल सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से गंभीर आरोप लगाए हैं,उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत पसौरी में बरने नदी से बिना किसी वैध लीज के अवैध रेत उत्खनन और भंडारण लंबे समय से जारी है,ग्रामीणों के हवाले से उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे खेल में कुछ स्थानीय राजनीतिक लोगों की भूमिका संदिग्ध है,उन्होंने पार्टी नेतृत्व से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
25 साल बाद भी सीमा ‘अदृश्य’-इस घटना ने एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही को भी उजागर कर दिया है,जिस बरने नदी पर यह विवाद हुआ,वह छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित है,लेकिन हैरानी की बात यह है कि छत्तीसगढ़ राज्य बने 25 साल बीत जाने के बाद भी यहां राज्य सीमा का कोई साइन बोर्ड नहीं लगाया गया है,ग्रामीणों का कहना है कि स्पष्ट सीमांकन नहीं होने के कारण अक्सर दूसरे राज्य की पुलिस यहां पहुंचकर कार्रवाई करती है और विवाद की स्थिति बनती रहती है,कई बार दोनों राज्यों के लोगों के बीच भी टकराव की स्थिति बन जाती है।
रेत की जरूरत में मौत का खेल
जनकपुर क्षेत्र लंबे समय से रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर चर्चा में रहा है,ग्रामीणों का कहना है कि बरने नदी से स्थानीय लोग अक्सर अपने घरों के निर्माण या छोटे कामों के लिए ट्रैक्टर से रेत ले जाते हैं, बताया जाता है कि 3 मार्च की सुबह सोनू चक्रधारी भी अपने घर के निर्माण के लिए रेत लेने नदी किनारे पहुंचा था, इसी दौरान मध्यप्रदेश के दरसिला चौकी के पुलिसकर्मी वहां पहुंच गए और रेत परिवहन को लेकर विवाद शुरू हो गया,प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिसकर्मियों ने सोनू की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। आरोप है कि इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने बेलचा से प्राणघातक वार कर दिया, जो सीधे सोनू के सिर और शरीर के संवेदनशील हिस्से में लगा। गंभीर रूप से घायल सोनू वहीं गिर पड़ा, ग्रामीणों की मदद से उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
होली से पहले उजड़ गया परिवार
सोनू चक्रधारी की मौत ने उसके परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है,सोनू अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। पीछे उसकी बूढ़ी मां,पत्नी और दो छोटे बच्चे रह गए हैं, जिस घर में होली के लिए तैयारी हो रही थी,वहां अब मातम का माहौल है, सोनू की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार यही सवाल कर रही है—मेरे बेटे का कसूर क्या था….दोनों छोटे बच्चे अब भी यह समझ नहीं पा रहे कि उनके पिता हमेशा के लिए उन्हें छोड़कर जा चुके हैं।
जब फफक कर रोते हुए पूर्व विधायक से लिपट गई मां
इस दर्दनाक घटना की खबर मिलते ही क्षेत्र के पूर्व विधायक गुलाब कमरो पीडि़त परिवार के घर पहुंचे,वहां का मंजर बेहद भावुक कर देने वाला था, जैसे ही मृतक की वृद्ध मां की नजर गुलाब कमरो पर पड़ी,वह उनसे लिपटकर फफक-फफक कर रोने लगी। मां की करुण पुकार सुनकर वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके,पूर्व विधायक ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि—यह घटना कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है,जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं तो आम जनता कहां जाए? उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की और पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव लड़ाई लड़ने का भरोसा दिलाया,बताया जा रहा है कि इस घटना से आहत होकर उन्होंने इस बार शहर में होली के कार्यक्रमों से दूरी बना ली।
पुलिस हरकत में,एक आरोपी गिरफ्तार
घटना की गंभीरता को देखते हुए एमसीबी जिले की पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई,पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह (ढ्ढक्कस्) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों में से एक मधु जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है,वहीं मामले में नामजद दो अन्य आरोपी प्रधान आरक्षक नितिन शुक्ला, आरक्षक राजू प्रजापति (एमपी पुलिस) की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
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