रायपुर,27 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में पांचवें दिन प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने बजट में सम्मिलित कार्यों को वित्तीय स्वीकृति देने का मुद्दा उठाया। इस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने वॉक आउट किया। कांग्रेस विधायक संगीता सिंह ने प्रश्नकाल में बजट में सम्मिलित कार्यों को वित्तीय स्वीकृति देने का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि अब तक कौन-कौन से कार्य वित्त विभाग के पास लंबित है और क्यों? इस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने स्पष्ट किया कि कोई भी कार्य वित्त विभाग में लंबित नहीं है। इस पर विधायक ने सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के पूरे काम वित्तीय विभाग में पेंडिंग होने की बात कही। इस पर मंत्री ने कि हमारी सरकार की स्पष्ट मंशा है कि हम कोई कार्य पेंडिंग न रखकर उसे ज्यादा से ज्यादा कर सके। इसके लिए नवीन मद की राशि भी बढ़ा दी गई है। मशीन उपकरण को 50 हजार से बढ़ाकर 1 करोड़ कर दिए हैं। प्रशासकीय स्वीकृति 2 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि बजट में प्रावधान बहुत ज्यादा होता है। सरकार प्राथमिकता से प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करती है। इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि बालोद के बारे में तो बताइए। मंत्री ने कहा कि बालोद के लिए भी वित्त विभाग में कोई फाइल लंबित नहीं है। इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि पीडब्ल्यूडी से वित्त विभाग की फाइल मांगकर उसे स्वीकृत करेंगे क्या? मंत्री ने कहा कि हर कार्य की एक प्रक्रिया होती है। विधायक ने कहा कि 18 करोड़ को जो स्वीकृति है, वो तो आप दे सकते हैं। इस पर मंत्री ने जवाब दिया कि विभाग सबकुछ तो करता है। भूपेश बघेल ने कहा कि वित्त मंत्री जी काफी उदार है। आप घोषणा कर दीजिए, हम भी आपका स्वागत कर देंगे। मंत्री ने दोहराया कि सबकी एक पद्धति होती है। भूपेश बघेल ने कहा कि आप सब कह दे रहे हैं, लेकिन स्वीकृति नहीं दे पा रहे हैं। इसके साथ ही वित्त मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने वॉक आउट किया।
पशुओं के रख-रखाव पर मिली जानकारी से नाराज विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कसा तंज,कहा…गौमाता के नाम से वोट मांगा है तो घोषित करें उन्हें राष्ट्रमाता
विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन प्रश्नकाल के दौरान विधायक कुंवर सिंह निषाद ने राज्य में घुमंतू पशुओं के रख-रखाव और संरक्षण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का मुद्दा उठाया। मंत्री द्वारा दी गई जानकारी को गलत बताते हुए उन्होंने कहा कि आप लोग गौमाता के नाम से वोट मांगा है, तो उन्हें राष्ट्रमाता घोषित कर दिया जाना चाहिए। दरअसल, विधायक कुंवर सिंह निषाद ने प्रश्नकाल में सवाल किया कि घुमंतू पशुओं के रख-रखाव संरक्षण के लिए राज्य में कौन-कौन सी योजना चल रही है। मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि पशुधन विभाग से जो योजना चल रही है, उसमें आदर्श गोधाम, गोकुल धाम गौ अभ्यारण योजना है। विधायक ने इस पर सवाल किया कि कितने पशुओं का रख-रखाव योजना के माध्यम से हो रहा है। इस पर मंत्री ने कहा कि गोधाम योजना के तहत 620 पशुओं के संरक्षण ओर व्यवस्थाओं के लिए इतंजाम किया गया है। कई सारे जगह में कार्य प्रक्रियाधीन हैं, उसे जल्द चालू करेंगे। इस पर विधायक ने सवाल किया कि 620 पशुओं के चारा-पानी की व्यवस्था सरकार कर रहा है, या कोई और कर रहा है? इस पर मंत्री ने बताया कि 36 गोठानों में गौधाम की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई गई है। जब राशि पंजीकृत संस्थाओं को दिया जाता है, तो वो उसका सही उपयोग किया जाता है। इस पर विधायक ने स्वीकृत राशि निरंक होने की जानकारी दी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि 36 गोठानों में पशुओं को रखने का व्यवस्था करेंगे। केवल आरोप लगाने से नहीं होता। प्रदेश में घुमंतू आवारा पशुओं को भी हम संरक्षित रखने का कार्य कर रहे हैं। विधायक ने सवाल किया कि ये गोठान कहां-कहां संचालित हैं। मंत्री ने बताया कि दो गोठान तखतपुर-बिलासपुर और साजा-बेमेतरा में संचालित हैं। और राजपुर-मरवाही में। इस तरह से 11 जगह गोठान खुले हैं, और 3 जगह संचालित हैं। विधायक ने इस पर सवाल किया कि संचालित करने के लिए अभी ठोस कार्य योजना नहीं है? मंत्री ने बताया कि जितने भी घुमंतू पशु हैं, वह नगरीय क्षेत्र में है, और हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में अलग है। रख-रखाव हमारा काम नहीं है संरक्षण से संबंधित कार्य है हमारा
सत्ता पक्ष के विधायकों के तल्ख तेवर परीक्षा में नकल का मुद्दा उठाया
सदन में सत्ता पक्ष के विधायक प्रमोध मिंज, अजय चंद्राकर, रिकेश सेन ने परीक्षा में नकल और परीक्षा केंद्र से वंचित किए जाने को लेकर ध्यानाकर्षण लगाया। विधायकों ने तल्ख तेवर में कहा- बच्चे 15 किलोमीटर दूर जाकर परीक्षा दे रहे। परीक्षा केंद्र से वंचित रखने से उन्हें परेशानी हो रही। ये केंद्र सरकार के नियमों का उल्लंघन है। मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब दिया कि अगले शिक्षा सत्र से व्यवस्था ठीक होगी।
विपक्ष ने विकास कार्यों की स्वीकृति मांगी,हंगामा हुआ
कांग्रेस विधायकों के सवाल। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जवाब पर हंगामा हुआ।
– विधायक उमेश पटेल- रायगढ़ जिले में संचालित उद्योगों में कितने मामले अवैध फ्लाईऐश डंप के आए और कितने पर कार्रवाई हुई।
– वित्त मंत्री ओपी चौधरी- आपकी सरकार की अपेक्षा 10 गुना ज्यादा कार्रवाई हुई, हमने ट्रांसपोर्ट्स की धरपकड़ की है।
– पूर्व सीएम भूपेश बघेल- जिसको आप निरंक बता रहे, उस समय तो आपकी सरकार ने लॉकडाउन लगाया था। वित्त मंत्री के जवाब पर सदन में हंगामा हुआ। हंगामे के बाद विपक्ष का पहला वॉकआउट।
विधायक संगीता सिन्हा- 18 करोड़ के काम की स्वीकृति मांगी। वित्त मंत्री ओपी- यह विभागीय प्रक्रिया यहां घोषणा करना उचित नहीं। भूपेश बघेल- आप विपक्ष का काम नहीं करना चाहते। सदन में नारेबाजी के बाद विपक्ष का दूसरा वॉकआउट।
सरेंडर नक्सलियों ने देखी विधानसभा की कार्यवाही
मुख्यधारा में लौटे युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार कर रही सतत प्रयास : सीएम साय

माओवाद की विचारधारा त्यागकर संविधान की राह अपनाने वाले 120 पुनर्वासित युवाओं के दल ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचकर जनतांत्रिक प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। युवाओं ने सदन की कार्यवाही को करीब से देखा तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को समझा। विधानसभा का यह शैक्षणिक भ्रमण उनके लिए प्रेरणादायी और मार्गदर्शक अनुभव साबित हुआ। विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आत्मीय मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने सभी का ‘जय जोहार’ के साथ स्वागत करते हुए कहा कि पुनर्वास का निर्णय लेने वाले सभी साथियों का राज्य सरकार हृदय से अभिनंदन करती है। उन्होंने कहा कि सरकार पुनर्वासित युवाओं की सुरक्षा और सम्मान का विशेष ध्यान रखेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सभी पुनर्वासित युवा समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें और आत्मनिर्भर बनें। इसी उद्देश्य से पुनर्वास नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर आज संविधान के मंदिर में खड़े होकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का साक्षी बनना इस बात का प्रमाण है कि बदलाव संभव है। मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को शिक्षा, स्वरोजगार और शासन की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जो युवा ‘गन’तंत्र का रास्ता छोड़कर गणतंत्र की मुख्यधारा में लौटे हैं, उनका राज्य सरकार हृदय से स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि संविधान का मार्ग ही शांति, विकास और समृद्धि का मार्ग है। राज्य सरकार पुनर्वासित युवाओं के सम्मानजनक जीवन, रोजगार और कौशल विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये युवा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनेंगे और अन्य लोगों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करेंगे। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी, वन मंत्री केदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक किरण देव तथा सुशांत शुक्ला ने भी पुनर्वासित युवाओं से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त किया कि शासन उनके साथ दृढ़ता से खड़ा है।
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