,‘किसानवाणी’ ने 22 साल पूरे किए
अम्बिकापुर,15 फरवरी 2026 (घटती-घटना)। आकाशवाणी अंबिकापुर परिसर में रविवार को रेडियो किसान दिवस उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। यह आयोजन कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय,भारत सरकार द्वारा प्रायोजित रेडियो कार्यक्रम किसानवाणी की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत 15 फरवरी 2004 को हुई थी। इसका उद्देश्य रेडियो के माध्यम से किसानों तक नवीन कृषि तकनीक, नवाचार, पशुपालन,उद्यानिकी,मूल्य संवर्धन तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है। इस पहल ने किसानों और विशेषज्ञों के बीच संवाद को मजबूत किया है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनारायण यादव उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में कृषि स्थायी समिति की सभापति दिव्या सिसोदिया मौजूद रहीं। विशिष्ट अतिथियों में कृषि वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ डॉ. संतोष सिंह,डॉ. के.एल.पैंकरा,डॉ. संदीप शर्मा, डॉ. सी.के. मिश्रा, डॉ. प्रशांत शर्मा सहित कई प्रगतिशील किसान शामिल हुए। आकाशवाणी अंबिकापुर के सहायक निदेशक कार्यक्रम प्रमेंद्र कुमार ने स्वागत उद्बोधन देते हुए आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की।
उत्कृष्ट किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित किसानों में कल्पना घोष, गोविंद विश्वास,गजाला परवीन,अनिमा खेस, शांति देवी राजवाड़े, निर्मला बड़ा, हर्षित शुक्ला, नीलाभ शर्मा,अमितेज सिंह और संजय गुप्ता शामिल रहे। इसके अलावा ग्राम डुमकी, अमड़ी, सिलफिली और छेरमुंडा के कई किसानों को भी सम्मानित किया गया।
किसान समाज और अर्थव्यवस्था की धुरी
अतिथियों ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। रेडियो किसान दिवस जैसे आयोजन किसानों में ज्ञान-विस्तार,नवाचार अपनाने और सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। वक्ताओं ने किसानवाणी कार्यक्रम को कृषि ज्ञान प्रसार का सशक्त माध्यम बताते हुए इसके विस्तार पर जोर दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा
कार्यक्रम का संचालन प्रशांत खेमरिया ने हिंदी तथा अनंगपाल दीक्षित ने सरगुजिहा बोली में किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में अंजनी पांडेय और देवेंद्र दास सोनवानी ने गीत एवं सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। सामूहिक गीत प्रस्तुति में आकाशवाणी के कलाकारों ने भाग लिया।
खेती में नवाचार और आत्मनिर्भरता पर दिया संदेश
जनप्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों ने किसानों से आधुनिक तकनीकों के साथ कृषि आधारित उद्यमों की संभावनाओं को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाला समय कृषि व्यवसाय का है और किसानों को नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढऩा चाहिए। कार्यक्रम ने किसानों, वैज्ञानिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद को मजबूत करते हुए कृषि विकास के नए अवसरों को रेखांकित किया।
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