कांग्रेस ने बताया जनविरोधी, भाजपा ने कहा विकसित भारत की मजबूत नींव
केंद्रीय बजट 2026–27 : कांग्रेस बनाम भाजपा
जनविरोधी या विकसित भारत का रोडमैप? — कोरिया–एमसीबी से राजनीतिक विश्लेषण
कोरिया/एमसीबी,02 फरवरी 2026 (घटती-घटना)। केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर कोरिया एवं एमसीबी जिले में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है, जहां कांग्रेस नेताओं ने बजट को गरीब, किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग विरोधी बताया है,वहीं भाजपा नेताओं ने इसे आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत-2047 की दिशा में ऐतिहासिक कदम करार दिया है, कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर कोरिया-एमसीबी में राजनीतिक मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस जहां इसे जनविरोधी और पूंजीपतियों का बजट बता रही है, वहीं भाजपा इसे विकसित भारत-2047 की दिशा में मजबूत और दूरदर्शी कदम मान रही है, आने वाले समय में इस बजट का वास्तविक असर आम जनता के जीवन में कितना दिखता है, यह देखना अहम होगा, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक किसान, मजदूर, युवा और मध्यम वर्ग को सीधी राहत नहीं मिलेगी, तब तक विकसित भारत केवल एक नारा बनकर रह जाएगा, केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर जहां भाजपा नेताओं ने इसे आत्मनिर्भर व विकसित भारत की मजबूत नींव बताया, वहीं कांग्रेस और विपक्षी नेताओं ने बजट को गरीब-किसान-मजदूर विरोधी करार दिया। बजट पर यह राजनीतिक बहस आने वाले समय में इसके वास्तविक प्रभावों से तय होगी।
कांग्रेस का दृष्टिकोण: “आंकड़ों का बजट, जनता गायब”- कांग्रेस नेताओं के अनुसार यह बजट जमीनी हकीकत से कटा हुआ है, उनका मुख्य तर्क है कि महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की आय जैसे वास्तविक मुद्दों पर कोई ठोस समाधान नहीं दिया गया, कर्जमाफी, मनरेगा, एमएसपी की गारंटी जैसे विषयों पर सरकार मौन रही, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के लिए अपर्याप्त प्रावधान, बजट में बड़े उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट हितों को प्राथमिकता, कांग्रेस का आरोप है कि सरकार “विकसित भारत” का नारा तो दे रही है, लेकिन जब तक गांव, किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग मजबूत नहीं होंगे, तब तक यह नारा केवल भाषणों तक सीमित रहेगा, कांग्रेस के अनुसार यह बजट गरीब, किसान, महिला और युवा विरोधी है और इससे आम नागरिक पर आर्थिक बोझ और बढ़ेगा।
भाजपा का दृष्टिकोण: “भविष्य की अर्थव्यवस्था की नींव”- वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि यह बजट दीर्घकालिक सोच पर आधारित है, भाजपा के तर्कों के अनुसार इंफ्रास्ट्रख्र, मैन्युफैख्रिंग और ऊर्जा सुरक्षा से रोजगार सृजन, रूस्रूश्व, स्टार्टअप और मेक इन इंडिया से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा, टियर–2 और टियर–3 शहरों पर फोकस से कोरिया जैसे जिलों को सीधा लाभ, आयकर राहत से मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति में वृद्धि, कृषि, महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास के जरिए समावेशी विकास, भाजपा इसे नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को साकार करने वाला बजट मानती है और दावा करती है कि इसके सकारात्मक परिणाम आने वाले वर्षों में दिखेंगे।
असली फर्क कहां है?- इस पूरे विमर्श में सबसे बड़ा अंतर दृष्टिकोण का है कांग्रेस तत्काल राहत और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है, भाजपा लंबी अवधि के आर्थिक ढांचे और विकास पर जोर दे रही है, जहां कांग्रेस को बजट में आम आदमी की सीधी राहत नजर नहीं आती, वहीं भाजपा मानती है कि बुनियादी ढांचा और निवेश ही स्थायी रोजगार और समृद्धि की कुंजी हैं।
कांग्रेस नेताओं की तीखी आलोचना

दुर्भाग्यपूर्ण बजट- पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने बजट को दिशा-विहीन बताते हुए कहा कि इसमें गरीब, किसान, महिला, SC-ST-OBC वर्ग के लिए कोई ठोस राहत नहीं है, उन्होंने ऋणमाफी, मनरेगा, रोजगार और शिक्षा सब्सिडी पर चुप्पी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और इसे पूंजीपतियों के पक्ष में तैयार बजट करार दिया।
उद्योगपतियों के लाभ का बजट-

बैकुंठपुर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता योगेश शुक्ला ने कहा कि यह बजट आम जनता की उम्मीदों से कोसों दूर है, महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की आय जैसे मूल प्रश्नों पर सरकार विफल रही है, उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण की अनदेखी कर बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाया गया है।
ग्रामीण जनता के निराश का बजट-

बैकुंठपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बिहारी लाल राजवाड़े ने बजट को गरीब, किसान और मजदूर विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण संकट, कर्जमाफी और मनरेगा जैसे विषयों को नजरअंदाज कर सरकार ने ग्रामीण जनता को निराश किया है।
आम जनता के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं बजट मे-

पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अशोक जायसवाल ने कहा कि यह बजट आंकड़ों और दावों का दस्तावेज है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास और रोजगार के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है।
जनविरोधी बजट–

एमसीबी कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने बजट को जनविरोधी बताते हुए कहा कि यह गरीब, किसान, महिला और युवा विरोधी है। उन्होंने कहा कि एमएसपी की गारंटी, कर्जमाफी और रोजगारपरक योजनाओं पर सरकार पूरी तरह मौन है।
नई योजना के अभाव वाला बजट-

जयचंद सोनपाकर (अधिवक्ता) ने बताया की बजट को गांव, गरीब और किसानों के लिए निराशाजनक बताया, गौठान, स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण रोजगार से जुड़ी किसी नई योजना के अभाव पर चिंता जताई।
आम जनता के साथ छलावा वाला बजट-

वेदांती तिवारी (कांग्रेस नेता) ने बताया की बजट को आम जनता के साथ छलावा बताया और कहा कि इससे गरीब व मध्यम वर्ग निराश हुआ है। किसानों और मजदूरों के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी गई।
बजट में आम जनता की रोजमर्रा की जरूरतों से कोई सरोकार नहीं- के. डमरू रेड्डी (पूर्व महापौर) उन्होंने कहा कि बजट का आम जनता की रोजमर्रा की जरूरतों से कोई सरोकार नहीं है, तेल, नमक, शिक्षा, रोजगार, बस-ट्रेन जैसे मुद्दों से ध्यान हटाकर शब्दों का मायाजाल रचा गया है।
भाजपा नेताओं ने बजट को बताया ऐतिहासिक और दूरदर्शी
यह बजट आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव: श्याम बिहारी जायसवाल (छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मंत्री)–

ने बजट को आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव बताया, उन्होंने कहा कि घरेलू मैन्युफैख्रिंग और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती, रोजगार, कृषि उत्पादकता और क्रय शक्ति बढ़ाने पर जोर, लगभग 7त्न आर्थिक विकास दर से गरीबी में कमी, 10,000 करोड़ रुपये की बायो-फार्मा शक्ति परियोजना से भारत वैश्विक जैव-फार्मा हब बनेगा, यह बजट भविष्य की आर्थिक और स्वास्थ्य संरचना को मजबूत करेगा।
जनहितैषी और सर्वसमावेशी बजट: चम्पा देवी पावले (एमसीबी भाजपा जिला अध्यक्ष)-

ने बजट को जनहितैषी और सर्वसमावेशी बताया, उन्होंने कहा कि बजट में किसानों की आय बढ़ाने के उपाय, युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार, महिलाओं के सशक्तिकरण की योजनाएं, शिक्षा-स्वास्थ्य बजट में वृद्धि, सड़क, रेल, आवास व इंफ्रास्ट्रख्र पर जोर, स्टार्टअप और MSME को प्रोत्साहन, मध्यम वर्ग को आयकर राहत से हर परिवार के लिए आय और अवसर के नए संसाधन उपलब्ध होंगे।
केंद्रीय बजट 2026–27 विकसित भारत की मजबूत नींव: विधायक भईया लाल राजवाड़े–

बैकुण्ठपुर विधायक भईया लाल राजवाड़े ने केंद्रीय बजट 2026–27 पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे दूरदर्शी, जनहितैषी और विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम बताया, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग के समग्र विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, बजट में बुनियादी ढांचे के विस्तार, रोजगार सृजन, कृषि विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है, विधायक राजवाड़े ने कहा कि इंफ्रास्ट्रख्र, एमएसएमई, स्टार्टअप, ऊर्जा सुरक्षा और मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने वाले प्रावधान आत्मनिर्भर भारत को नई मजबूती देंगे। टियर–2 और टियर–3 शहरों पर विशेष फोकस से छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को सीधा लाभ मिलेगा और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे, उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का स्पष्ट रोडमैप है, जिसका लाभ आने वाले वर्षों में आम नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से मिलेगा।
केंद्रीय बजट 2026–27 विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम — देवेंद्र तिवारी-

कोरिया भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र तिवारी ने केंद्रीय बजट 2026–27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे दूरदर्शी, विकासोन्मुख और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव बताया, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को साकार करने वाला है, बजट में इंफ्रास्ट्रख्र विकास, रोजगार सृजन, कृषि सशक्तिकरण, एमएसएमई, स्टार्टअप और तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता दी गई है, देवेंद्र तिवारी ने कहा कि टियर–2 और टियर–3 शहरों पर विशेष फोकस से कोरिया जैसे जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। सड़क, रेल, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा सुरक्षा और मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, उन्होंने बताया कि बजट में मध्यम वर्ग को आयकर राहत, किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास, महिलाओं के सशक्तिकरण तथा युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है, यह बजट सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की भावना को साकार करता है और देश को आत्मनिर्भर व आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है।
शारदा गुप्ता (अध्यक्ष, चेम्बर ऑफ कॉमर्स कोरिया)-

शारदा गुप्ता ने बजट को विकसित भारत-2047 की दिशा में ऐतिहासिक और सर्वसमावेशी बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट युवा, किसान, महिलाएं, व्यापारी, कर्मचारी, स्रूश्व और मध्यम वर्ग सहित समाज के सभी वर्गों का संतुलित रूप से ध्यान रखता है।
मोहित पैकरा — जिला पंचायत अध्यक्ष, कोरिया (भाजपा)-

कोरिया जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा ने केंद्रीय बजट 2026–27 को ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत को मजबूती देने वाला बजट बताया, उन्होंने कहा कि बजट में पंचायतों, ग्रामीण सड़कों, आवास, जल जीवन मिशन, कृषि और रोजगार सृजन पर विशेष फोकस किया गया है, जिससे गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त बनेगी।
गायत्री सिंह — नगर पंचायत अध्यक्ष, पटना (भाजपा)-

नगर पंचायत अध्यक्ष गायत्री सिंह ने बजट को महिला, युवा और शहरी–ग्रामीण संतुलित विकास का दस्तावेज बताया, उन्होंने कहा कि स्वच्छता, आवास, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट और नगरीय अधोसंरचना से जुड़े प्रावधानों से छोटे नगरों को नई गति मिलेगी। महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएंगी।
शैलेष शिवहरे — पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष, बैकुंठपुर (भाजपा)-

पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शैलेष शिवहरे ने केंद्रीय बजट को विकसित भारत–2047 का मजबूत रोडमैप बताया, उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रख्र, शहरी विकास, डिजिटल कनेक्टिविटी, एमएसएमई और मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने से नगरों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मध्यम वर्ग को आयकर राहत और स्टार्टअप प्रोत्साहन से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
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