बोलीं…चुनाव आयोग बीजेपी का आईटी सेल है ऐसा झूठा चुनाव आयुक्त कभी नहीं देखा
नई दिल्ली,02 फरवरी 2026। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के खिलाफ काली शॉल ओढ़कर दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की। उनके साथ एसआईआर प्रभावित 13 परिवार और भ्रूष्ट के नेता भी थे। मुलाकात के बाद ममता ने कहा,‘मैं बहुत दुखी हूं। मैं दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हूं। मैं चार बार केंद्रीय मंत्री और सात बार सांसद रह चुकी हूं। मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा। ममता बोलीं, मैंने चुनाव आयुक्त से कहा कि उनकी कुर्सी का सम्मान करती हूं, क्योंकि कोई भी कुर्सी हमेशा के लिए नहीं रहती। एक दिन उनको जाना ही होगा। बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? चुनाव लोकतंत्र का त्योहार होते हैं, लेकिन उन्होंने 58 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए और अपना बचाव करने का मौका तक नहीं दिया। यह चुनाव आयोग नहीं,बीजेपी का आईटी सेल है। इसके पहले सुबह ममता ने दिल्ली पहुंचते ही कहा कि वे एसआईआरके मुद्दे पर लड़ाई जारी रखेंगी। अगर इस देश में कोई नहीं लड़ेगा,तो मैं लड़ूंगी,हमारी पार्टी लड़ेगी।
बंग भवन के बाहर दिल्ली पुलिस की तैनाती : इस बीच,हेली रोड और चाणक्यपुरी स्थित दोनों बंग भवनों के बाहर दिल्ली पुलिस की भारी तैनाती की गई है। ममता ने आरोप लगाया कि बंगा भवन में ठहरे बंगाल के लोगों को धमकाया जा रहा है। वहां भारी संख्या में पुलिस डराने के लिए तैनात की गई है। ममता ने कहा…हमारा मामला सुप्रीम कोर्ट में है। लोगों की मौत हुई है, तो क्या उनके परिवार मीडिया से बात भी नहीं कर सकते? ‘ममता ने कहा, जब मैं यहां आती हूं तो ये लोग घबरा जाते हैं। मैं चाहती तो लाखों लोगों को साथ ला सकती थी। दिल्ली को ‘जमींदारी जैसा’ बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां गरीबों के लिए जगह नहीं है। ममता ने दिल्ली पुलिस से कहा कि एसआईआरसे प्रभावित परिवारों को परेशान न किया जाए। हम यहां न्याय के लिए आए हैं। पुलिस ने बताया कि ममता की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस की तैनाती की गई थी।
बंगाल में 58 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कटे : दरअसल,चुनाव आयोग ने 19 दिसंबर 2025 को पश्चिम बंगाल में हुए एसआईआरकी नई वोटर लिस्ट जारी की। ड्राफ्ट रोल के बाद कुल मतदाता 7.08 करोड़ हैं। पहले 7.66 करोड़ थे। कुल 58 लाख 20 हजार से ज्यादा नाम काटे गए हैं।
पश्चिम बंगाल में सुनवाई प्रक्रिया जारी : नई लिस्ट जारी होने के बाद अब सुनवाई की प्रक्रिया जारी है। पहले चरण में उन लगभग 30 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं,जिनके एन्यूमरेशन फॉर्म में प्रोजेनी मैपिंग (वंशावली मिलान) दर्ज नहीं पाई गई है। इसके अलावा विभिन्न जिलों की ‘संदिग्ध’ श्रेणी में शामिल मतदाताओं को भी सुनवाई के लिए बुलाया गया है।
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