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रायपुर@राज्यसभा चुनाव विवाद…सरोज पांडेय पर गलत जानकारी देने का आरोप,याचिकाकर्ता के गवाहों की गवाही पूरी

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रायपुर,30 जनवरी 2026। साल 2018 में हुए राज्यसभा चुनाव से जुड़े विवाद में भाजपा नेत्री और पूर्व सांसद सरोज पांडेय के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। कांग्रेस उम्मीदवार लेखराम साहू की ओर से पेश किए गए सभी नौ गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है। अब मामले में सरोज पांडेय और उनके समर्थकों की गवाही दर्ज की जाएगी। मार्च 2018 में छत्तीसगढ़ की एक राज्यसभा सीट के लिए हुए चुनाव में भाजपा ने सरोज पांडेय और कांग्रेस ने लेखराम साहू को उम्मीदवार बनाया था। चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी ने सरोज पांडेय के नामांकन पत्र और शपथ पत्र पर आपत्ति जताई थी और आरोप लगाया था कि उन्होंने कई अहम जानकारियां छिपाईं। हालांकि, तत्कालीन निर्वाचन अधिकारी ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया था। बाद में मामला केंद्रीय चुनाव आयोग और राज्यपाल तक पहुंचा, लेकिन मतदान कराया गया और सरोज पांडेय को विजयी घोषित किया गया।
चुनाव याचिका के आधार
परिणाम घोषित होने के बाद लेखराम साहू ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की। याचिका में शपथ पत्र में गलत जानकारी देने और कथित रूप से अपात्र विधायकों को मतदान की अनुमति दिए जाने को आधार बनाया गया है। यह मामला लंबे समय से लंबित है और इस पर नियमित सुनवाई हो रही है।
18 विधायकों के मतदान पर उठे सवाल
याचिका में कांग्रेस और लेखराम साहू की ओर से आरोप लगाया गया था कि भाजपा के 11 विधायक संसदीय सचिव और 7 विधायक निगम-मंडलों में अध्यक्ष या उपाध्यक्ष होने के कारण लाभ का पद धारण कर रहे थे। इसी आधार पर इन 18 विधायकों को मतदान से रोकने की मांग की गई थी, लेकिन उस समय निर्वाचन अधिकारी ने दोनों आपत्तियों को नामंजूर कर दिया था।
अब बचाव पक्ष की बारी
सुनवाई के दौरान विधानसभा के तत्कालीन महासचिव चंद्रशेखर गंगराड़े की गवाही दर्ज की गई, जिसके साथ ही याचिकाकर्ता पक्ष के सभी नौ गवाहों की गवाही पूरी हो गई। सरोज पांडेय की ओर से उनके अधिवक्ता ने शपथ पत्र दाखिल करने के लिए अदालत से दो सप्ताह का समय मांगा गया है जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। अब अगली सुनवाई में सरोज पांडेय और उनके पक्ष के गवाहों की गवाही दर्ज की जाएगी।


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