अयोध्या में 2005 में आतंकी घुस आए थे..पीएसी ने ठक,ठक,ठक कर मार गिराया : सीएम योगी
अयोध्या,31 दिसम्बर 2025। अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ मनाई गई। इस मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी पहुंचकर पूजा-अर्चना और आरती की। फिर राम मंदिर में रामलला के दर्शन किए। आरती के बाद रक्षामंत्री ने प्रभु श्रीराम को दंडवत प्रणाम किया। शंख-मंजीरों की गूंज और ‘सीता राम, सीता राम के भजन के बीच राजनाथ सिंह माता अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे। परकोटा के मंदिरों में पहली बार धर्म ध्वजा फहराई। पूरी रामनगरी भक्ति भाव में डूबी नजर आई। माहौल दो साल पहले प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन जैसा महसूस हुआ। इस बीच दोनों नेता अंगद टीला पहुंचे और जनसभा को संबोधित किया। योगी ने कहा…अयोध्या,जिसके नाम को सुनकर लगता है कि यहां कभी युद्ध नहीं हुआ। लेकिन, कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए अयोध्या को भी संघर्ष और उपद्रव का अड्डा बना दिया था। पिछली सरकार ने अयोध्या को लहूलुहान करने का काम किया था। लेकिन, प्रभु की कृपा और बजरंगबली खुद जिसकी रक्षा कर रहे हो, वहां कोई क्या बिगाड़ पाएगा। 2005 में आतंकियों ने अयोध्या में घुसने का दुस्साहस किया था। लेकिन,पीएसी के जवानों ने ठक-ठक-ठक कर उन्हें मार गिराया था। दरअसल,5 जुलाई, 2005 की सुबह अयोध्या पर 5 आतंकियों ने हमला कर दिया था। लेकिन,वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने सभी आतंकियों को मार गिराया था। वहीं,राजनाथ सिंह ने कहा…ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने भगवान राम की मर्यादा का पालन किया। जैसे राम का लक्ष्य रावण का संहार नहीं,बल्कि अधर्म का अंत था। हमारा भी वही लक्ष्य था कि हम आतंकियों और उनके आकाओं को सबक सिखा कर आएंगे। हमने बस वही किया। योगी ने राजनाथ सिंह का स्वागत करते हुए कहा…जब वो यूपी के मुख्यमंत्री थे,यूपी सरकार और संगठन के दायित्वों को निभा रहे थे,तब भी वो राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभा रहे थे।
500 साल बाद भगवान राम को विराजमान होता देखकर, मंदिर के भव्य स्वरूप देखकर वो बहुत अभिभूत हैं। आनंदित महसूस कर रहे। गौरव की अनुभूति कर रहे। चूंकि वो आंदोलन का हिस्सा थे, इसलिए मैंने स्वाभाविक रूप से आज उन्हें मां अन्नपूर्णा के मंदिर में सनातन धर्म की ध्वजा का आरोहण का काम करते समय भावुक होते देखा।
सपा सरकार पर निशाना, पीएम मोदी की तारीफः योगी ने कहा- स्वतंत्र भारत के बाद श्रीराम जन्मभूमि के अनेक पड़ाव अयोध्या ने देखे हैं। यहां आतंकी हमले होते थे। लेकिन, भूत-पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे। हनुमानगढ़ी में हनुमानजी विराजमान हैं। कैसे कोई आतंकी यहां घुस जाता। अब यहां विकास ही विकास हो रहा है। अयोध्या पिछले 11 साल से पीएम मोदी के नेतृत्व में बदल गई है।
राजनाथ के संबोधन की 2 बड़ी बातें
ऑपरेशन सिंदूर में राम की मर्यादा का पालन कियाः राजनाथ ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने राम की मर्यादा का पालन किया। जैसे राम का लक्ष्य रावण का संहार नहीं, बल्कि अधर्म का अंत था। हमारा भी वही लक्ष्य था कि हम आतंकियों और उनके आकाओं को सबक सिखा कर आएंगे। हमने बस वही किया। राम की मर्यादा हमें सिखाती है कि युद्ध में भी मूल्य जीवित रहने चाहिए। ऑपरेशन ‘सिंदूर’ ने भी सिद्ध किया कि आधुनिक भारत राम की उस मर्यादा का सच्चा उत्तराधिकारी है।
योगी की तारीफ, युवाओं को संदेश दियाः राजनाथ ने कहा- आज डबल इंजन सरकार के सशक्त नेतृत्व में, अयोध्या अभूतपूर्व परिवर्तन की साक्षी बन रही है। हमारे प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच के अनुरूप आस्था, संस्कृति और इतिहास को संजोते हुए, यहां विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना का निर्माण हो रहा है। योगी सरकार का काम भी तारीफ के योग्य है। यह विकास केवल अयोध्या का नहीं, बल्कि समूचे भारत के गौरव का प्रतीक है।
राजनाथ और योगी ने कहा…
राजनाथ सिंह ने माता अन्नपूर्णा के मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराई। मंदिर की ऊंचाई 70 फीट है। अब इस पर 4.25 मीटर की त्रिभुजाकार धर्म ध्वजा लहरा रही। यह ऐतिहासिक पल रहा, क्योंकि परकोटा के मंदिरों में पहली बार धर्म ध्वजा फहराई गई। इससे पहले पीएम मोदी ने 25 नवंबर को राम मंदिर पर धर्म ध्वजा फहराई थी। इससे पहले राजनाथ और योगी ने हनुमानगढ़ी की परिक्रमा की। राजनाथ ने महंत प्रेमदास के पैर छुए किए और उनके पास रखे आसन पर बैठे। पीएम मोदी ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट कर वर्षगांठ को आस्था और संस्कारों का एक दिव्य उत्सव बताया। राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 22 जनवरी, 2024 को हुई थी। उस दिन हिंदी पंचांग के अनुसार पौष शुक्ल द्वादशी का दिन था। आज भी यही तिथि है। इस वजह से प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ मनाई गई।
इस पावन भूमि पर आकर मैं बहुत अभिभूत हूं : रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सियावर रामचंद्र की जयघोष के साथ अपना संबोधन शुरू किया। इस मौके पर रक्षा मंत्री ने कहा कि आज इस पावन भूमि पर आकर मैं बहुत अभिभूत हूं। आज मुझे सब कुछ मिल गया। आज से दो वर्ष पूर्व प्रभु श्रीराम 500 वर्षों के इंतजार के बाद भव्य मंदिर में विराजमान हुए थे। रामलला का यह मंदिर हजारों वर्षों तक भगवान श्रीराम के जीवन का गुणगान करता रहेगा। राम मंदिर बनना दुनिया के ग्रैंड नैरेटिव में से एक है। राम मंदिर से बड़ा आंदोलन, दुनिया में दूसरा आंदोलन नहीं हुआ। आज हमारे ध्वज समंदर पार भी गगन से बातें कर रहे हैं। अयोध्या में धर्म की ध्वजा लहरा रही है। आज डबल इंजन की सरकार के नेतृत्व में अयोध्या ंआगे बढ़ रही है। सोलर सिटी, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ अयोध्या विकास की अग्रिम पंक्ति में खड़ा है। धर्म, कर्तव्य, नीति और मर्यादा के कोई साक्षात स्वरूप हैं तो वह हमारे राम हैं। राम धर्क के रक्षक ही नहीं धर्म के अनुशीलक भी हैं। राम वह चेतना है जो मनुष्य को मनुष्य बनाए रखती है। जहां किसी ने आखिरी आशा छोड़ी नहीं,वहां राम हैं।
राम की चर्चा करते हुए रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि राम की मर्यादा हमारी पहचान है। राम शत्रु से युद्ध करते हुए भी अपनी मर्यादा नहीं लांघते नहीं हैं। कहा कि रक्षामंत्री होने के नाते आपरेशन सिंदूर की जरूर चर्चा करना चाहूंगा। आपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने भी मर्यादा का पालन किया। हमने आतंकियों और उनके आकाओं को सबक सिखाया। हमने अंधाधुंध नहीं बल्कि सीमित और नियंत्रित कार्रवाई की। आपरेशन सिंदूर ने साबित किया कि भारत, राम का असली उत्तराधिकारी है। भगवान राम के अलावा सीतामढ़ी में माता जानकी का भी भव्य मंदिर बनाने के लिए हम आगे बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी लगातार इसकी जानकारी लेते रहते हैं।
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