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अहमदाबाद@राहुल थकिए मत,आपको तमिलनाडु-बंगाल में भी हारना है : शाह

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राहुल गांधी डेवलपमेंट की पॉलिटिक्स नहीं समझते,इसलिए बार-बार चुनाव हारते हैं…
अहमदाबाद,28 दिसम्बर 2025। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुनावों में बार-बार हार डेवलपमेंट की पॉलिटिक्स न समझ पाने का नतीजा है। उन्होंने कहा…‘राहुल आप अभी से थकिए मत, आगे भी हारना है। आप पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भी चुनाव हारेंगे। 2029 में पीएम मोदी के नेतृत्व में बीजेपी एक बार फिर सत्ता में लौटेगी।’ अहमदाबाद में एक कार्यक्रम में शाह ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति देश की सोच से मेल नहीं खाती। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विकास और सुशासन जैसे मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय कानूनी और टेक्निकल मुद्दों में उलझे रहते हैं। शाह ने कहा कि बीजेपी ने भरोसे और जनता की जरूरतों को समझकर शासन किया, इसलिए उसे बार-बार चुनावों में जनादेश मिला। वहीं कांग्रेस लगातार इसलिए हार रही है,क्योंकि वह उन मुद्दों से दूर है जिनका जनता समर्थन करती है। राहुल गांधी की संसद में की गई उस टिप्पणी का जिक्र किया,जिसमें उन्होंने कांग्रेस की लगातार चुनावी हार को लेकर सवाल उठाया था। शाह ने कहा कि दो पब्लिक प्रोग्राम के नतीजे ही इस सवाल का जवाब दे देते हैं।
शाह की स्पीच की बड़ी बातें…
द्द कांग्रेस ने उन सभी नीतिगत फैसलों का विरोध किया, जिन्हें जनता का समर्थन मिला। इनमें राम मंदिर, पाकिस्तान के खिलाफ एयर स्ट्राइक,बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ एक्शन,अनुच्छेद 370 हटाना और काशी में मंदिर निर्माण जैसे फैसले शामिल हैं।
द्द राहुल गांधी आम लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझने के बजाय एसआईआर जैसे मुद्दों को समझने में लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि यह उनकी जिम्मेदारी भी नहीं है, फिर भी वे इन्हीं विषयों में उलझे रहते हैं।
द्द जब आप हर उस फैसले का विरोध करते हैं,जिसे जनता का समर्थन मिला हो, तो वोट कहां से आएंगे? बीजेपी की विकास पर आधारित राजनीति और संवेदनशील शासन मॉडल जनता से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।
अहमदाबाद में आधुनिक तकनीक से बनी ड्रेनेज लाइन का उद्घाटन
रविवार को अहमदाबाद के पश्चिमी इलाके में अमित शाह ने 27 किलोमीटर लंबी नई ड्रेनेज लाइन का उद्घाटन किया। यह लाइन बिना सड़क खोदे,आधुनिक तकनीक से बनाई गई है। शाह ने इसे इंजीनियरिंग का बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि वणझर इलाके में 1973 के बाद जिन लोगों ने सब कुछ खो दिया था,वे यहां आकर बसे थे। करीब 50 साल से कई परिवार यहां रह रहे थे,लेकिन उनके प्लॉट की कानूनी प्रक्रिया अटकी हुई थी। उन्होंने बताया कि अब इस समस्या को हल कर दिया गया है। सभी फाइलें पूरी कर ली गई हैं और आज से लोगों को उनके प्लॉट कानूनी रूप से मिल गए हैं। इससे हजारों परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा।


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