हुसैनिया महल में स्वागत हुआ,7 साल बाद दौरा
नई दिल्ली,15 दिसम्बर 2025। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला से हुसैनिया पैलेस (महल) में मुलाकात की है। हुसैनिया पैलेस पहुंचने पर पीएम का औपचारिक स्वागत किया गया। पीएम और किंग अब्दुल्ला के बीच द्विपक्षीय बातचीत शुरू हो गई है। मोदी सोमवार को दो दिन के दौरे पर जॉर्डन पहुंचे हैं। एयरपोर्ट पर जॉर्डन के पीएम जाफर हसन ने उनका स्वागत किया।
मोदी का यह दौरा किंग अब्दुल्ला के निमंत्रण पर हो रहा है। होटल पहुंचने पर प्रवासी भारतीयों ने मोदी का स्वागत किया। पीएम ने भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात भी की। इस दौरान कलाकारों ने मोदी के सामने कल्चरल परफॉर्मेंस दी। यह यात्रा भारत और जॉर्डन के राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने पर हो रही है। वे 7 साल बाद जॉर्डन पहुंचे हैं। इससे पहले वे 2018 में एक ट्रांजिट विजिट के दौरान जॉर्डन में रुके थे। जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला 27 फरवरी 2018 को भारत दौर पर आए थे। इस दौरान मोदी प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने पहुंचे थे। दोनों नेताओं की एक महीने में यह दूसरी मुलाकात थी। मोदी ने जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला से हुसैनिया पैलेस (महल) में मुलाकात की है। हुसैनिया पैलेस पहुंचने पर पीएम का औपचारिक स्वागत किया गया। थोड़ी देर में पीएम और किंग अब्दुल्ला के बीच द्विपक्षीय बातचीत होगी।
क्या है हुसैनिया पैलेस
हुसैनिया पैलेस जॉर्डन की राजधानी अम्मान का प्रमुख शाही महल है। इसका इस्तेमाल विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के औपचारिक स्वागत और द्विपक्षीय बैठकों के लिए किया जाता है। यहां मुलाकात होना जॉर्डन के कूटनीतिक महत्व और सम्मान को दर्शाता है।
जॉर्डन किंग मोहम्मद साहब के सबसे करीबी वंशज
जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय को पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का सबसे करीबी वंशज माना जाता है। उनका संबंध सीधे हाशिमी वंश से है। मोहम्मद साहब कुरैश कबीले से थे। कुरैश कबीले की एक शाखा बनू हाशिम थी। इसी बनू हाशिम से हाशिमी वंश शुरू हुआ, जिसे इस्लाम में सबसे प्रतिष्ठित वंश माना जाता है। पैगंबर मोहम्मद साहब की बेटी हजरत फातिमा, उनके दामाद हजरत अली, उनके बेटे हसन और हुसैन आगे चलकर कई पीढि़यों बाद मक्का के शरीफ बने। मक्का के शरीफ ही बाद में हाशिमी राजवंश के शासक बने। जॉर्डन के शासक हाशिमी राजवंश से आते हैं। इस राजवंश ने करीब 700 साल तक मक्का पर शासन किया। पहले जॉर्डन के राजा शरीफ हुसैन बिन अली थे। मौजूदा राजा अब्दुल्ला द्वितीय, उन्हीं के पड़पोते हैं। इस तरह उनका वंश सीधे पैगंबर मोहम्मद साहब से जुड़ता है।
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