‘एससी-एसटी के बच्चों को सिविल-जज नहीं बनने दे रहा हाईकोर्ट’
नई दिल्ली,11 दिसम्बर 2025। ब्राह्मण बेटियों पर दिए विवादित बयान को लेकर पहले से ही विरोध झेल रहे आईएएस अधिकारी और अजाक्स के अध्यक्ष संतोष वर्मा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। अजाक्स सम्मेलन में संबोधित करते हुए वर्मा ने इस बार सीधे हाईकोर्ट पर टिप्पणी कर नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि एससी- एसटी वर्ग के बच्चों को सिविल जज बनने से कोई और नहीं, बल्कि हाईकोर्ट रोक रहा है। उन्होंने कहा कि यही हाईकोर्ट है, जिससे हम बाबा साहेब के संविधान के अनुसार चलने की गारंटी मांगते हैं। उनके इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद स्थिति और गरमा गई है। पहले से ही सवर्ण और ब्राह्मण संगठनों के विरोध का सामना कर रहे वर्मा के खिलाफ अब दबाव और बढ़ गया है। संगठनों का आरोप है कि एक अफसर संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन कर रहा है, लेकिन सरकार कार्रवाई से बच रही है। इसी को लेकर सवर्ण समाज ने 14 दिसंबर को मुख्यमंत्री निवास घेराव की योजना बनाई है। सूत्रों के अनुसार भोपाल में आज होने वाली बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। अजाक्स सम्मेलन में दिए बयान में वर्मा ने कहा था कि हाल ही में हुई परीक्षाओं में एससी-एसटी वर्ग के उम्मीदवारों का सिविल जज पद पर चयन नहीं हुआ है। उन्होंने प्रश्न उठाते हुए कहा कि हमारे समाज के लोग आईएएस, आईपीएस, डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी बन सकते हैं, क्लैट पास करने के बाद एलएलबी और एलएलएम कर सकते हैं, लेकिन सिविल जज क्यों नहीं बन सकते। उन्होंने कहा कि बड़े पदों की परीक्षाओं में 75 प्रतिशत तक अंक हासिल करने वाले उम्मीदवार सिविल जज की परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक क्यों नहीं ला पा रहे हैं।
इस पूरे मामले ने राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर सरकार की संभावित कार्रवाई और आगामी आंदोलन पर टिकी हुई है।
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