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नई दिल्ली@संसद के शीतकालीन सत्र के नौवें दिन लोकसभा सदन में ई-सिगरेट पीने का विवाद चर्चा में रहा…

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कांग्रेस ने भारत की संस्कृति,सोच और मूल्यों से किया समझौता : नड्डा


नई दिल्ली,11 दिसम्बर 2025 I भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने स्पीकर ओम बिरला को शिकायत करते हुए कहा-टीएमसी सांसद सदन में ई-सिगरेट पी रहे हैं। इस पर स्पीकर ने कहा कि एक्शन लिया जाएगा। इसके बाद संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा…केंद्रीय मंत्री की बात छोडि़ए,हम सदन परिसर में ई-सिगरेट पी सकते हैं। बिल्डिंग के अंदर सिगरेट नहीं पी सकते,लेकिन बाहर पी सकते हैं। इधर विपक्ष के सवाल पर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पेंट की जेब हाथ डाले हुए ही जबाव दे रहे थे। इस पर स्पीकर बिरला ने उन्हें टोका और कहा कि माननीय सांसद जेब से हाथ निकालकर जबाव दें। इस पर हरदीप सिंह पुरी ने तत्काल हाथ बाहर निकाले। राज्य सभा में गुरुवार को वंदे मातरम पर चर्चा का जवाब देते हुए सदन के नेता जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर वंदे मातरम गीत की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि,शुरू से ही कांग्रेस ने भारत की संस्कृति,सोच और मूल्यों से समझौता किया। संसद में ‘वंदे मातरम्’ पर हुई चर्चा के समापन वक्तव्य में जेपी नड्डा ने कहा यह चर्चा दर्शाती है कि वंदे मातरम कितना प्रासंगिक और हमारे दिलों के कितना करीब है। यह बहस उन युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम की एक झलक देती है जिन्होंने उन दिनों को अपनी आँखों से नहीं देखा है। यह गीत कई ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी है और इसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान प्रेरणा और ऊर्जा प्रदान की। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम से उत्पन्न भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। यह हमें प्रेरित करता है और स्वतंत्रता संग्राम के प्रति हमारे अंदर जोश भर देता है। जब अंग्रेजों ने हमारे स्कूलों में अपना राष्ट्रगान ‘गॉड सेव द क्वीन’ थोपना चाहा,तब बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने हमें वंदे मातरम गीत दिया, जिसका असर पूरे देश में हुआ। नेहरू के नेतृत्व में साम्प्रदायिक तत्वों के दबाव में उन्होंने इस पवित्र गीत को बदला और उन अंतरों को हटा दिया जिनमें भारत माता को माँ दुर्गा के रूप में स्वतंत्रता के अस्त्र-शस्त्र धारण किए हुए चित्रित किया गया था। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा-जो सम्मान, स्थान वंदे मातरम् को मिलना चाहिए था, वो नहीं मिला, इसके लिए तब के शासक जिम्मेदार हैं।
नड्डा बोले- कंस्टीट्यूट असेंबली में राष्ट्रगान पर कितनी देर चर्चा हुई?
मैं राष्ट्रगान का पूरे मन से सम्मान करता हूं, उसके सम्मान में अपना पूरा जीवन समर्पित करता हूं। लेकिन मैं जानना चाहता हूं कि कंस्टीट्यूट असेंबली में राष्ट्रगान पर कितनी देर चर्चा हुई? राष्ट्रीय ध्वज पर तो आपने कमेटी बिठाई, कमेटी की रिपोर्ट आई और उस पर विस्तृत चर्चा हुई, लेकिन जब राष्ट्रगान की बारी आई, तब आपने क्या किया? 1936-37 में नेहरू नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष थे। 1937 में जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में और सांप्रदायिक तत्वों के दबाव में गीत में बदलाव किया गया। उन छंदों को हटा दिया गया, जिनमें भारत माता को हथियार पकड़े हुए मां दुर्गा के रूप में दिखाया गया था।
अनुराग ठाकुर ने जिक्र किया ई-सिगरेट पर
भारत में ई-सिगरेट पर 18 सितंबर, 2019 को पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया था, जब सरकार ने एक अध्यादेश जारी किया और बाद में ‘इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019’ पारित किया, जिसने ई-सिगरेट के उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, बिक्री, वितरण और विज्ञापन को गैरकानूनी घोषित कर दिया। यह कानून स्वास्थ्य मंत्रालय और वित्त मंत्रालय और की सिफारिशों के बाद लाया गया था ताकि युवाओं को निकोटीन की लत से बचाया जा सके।
कार्ति चिदंबरम बोले…बीजेपी तमिलनाडु को सही से नहीं समझती
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा… बीजेपी और उसके सहयोगी संगठन तमिलनाडु को अच्छी तरह से नहीं समझते हैं। तमिलनाडु में शायद भारत के सभी राज्यों में सबसे ज्यादा हिंदू हैं। तमिलनाडु के लोग भारत में सबसे ज्यादा भगवान को मानने वाले, रीति-रिवाजों को मानने वाले, रूढि़वादी और मंदिर जाने वाले लोग हैं। उनका विश्वास बीजेपी की राजनीति से मेल नहीं खाता। बीजेपीके सहयोगी संगठन बेवजह विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। तमिलनाडु में अलग-अलग समुदाय साथ मिलकर रहते आए हैं, जब बाहर के लोग दखल देते हैं और ऐसे रीति-रिवाज बनाने की कोशिश करते हैं जो आम चलन का हिस्सा नहीं हैं, तभी ऐसे विवाद होते हैं। तमिलनाडु हिंदुत्व के उस रूप को खारिज कर देगा जिसे बीजेपी तमिलनाडु पर थोपने की कोशिश कर रही है। तमिलनाडु अपने विश्वास का पालन करता रहेगा और सांप्रदायिक सद्भाव भी बनाए रखेगा।
राहुल गांधी बोले…शाह ने सदन में गलत भाषा का इस्तेमाल किया
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा…संसद में कल दिए गए भाषण के दौरान गृह मंत्री अमित शाह घबराए हुए दिखे। शाह बेहद नर्वस थे,उन्होंने गलत भाषा का इस्तेमाल किया, उनके हाथ कांप रहे थे। वे मानसिक दबाव में थे। यह सबने देखा। उन्होंने कहा कि उन्होंने गृह मंत्री से जो सवाल पूछे, उनका सीधा जवाब नहीं मिला, न ही कोई सबूत दिया गया। राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्होंने अमित शाह को चुनौती दी है कि संसद में आकर उनके सभी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर खुलकर चर्चा करें, लेकिन इस पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज बोले…राहुल गांधी हिट-एंड-रन फॉर्मूला अपनाते हैं
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा…राहुल गांधी हिट-एंड-रन फॉर्मूला अपनाते हैं। जब प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बोलते हैं, तो वह बाहर चले जाते हैं, यही उनकी डेमोक्रेसी है। उनमें सच सुनने की हिम्मत नहीं है। कल केंद्रीय गृह मंत्री की बात सुनकर उन्हें बुरा लगा। मेरा मानना है कि राहुल गांधी को यह आदत छोड़नी पड़ेगी। गृह मंत्री की स्पीच से पूरा नेहरू परिवार परेशान हो गया है।
बीजेपी सांसद बोलीं…सदन का वॉकआउट विपक्ष की हार
संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण के दौरान विपक्ष के वॉकआउट पर बीजेपी सांसद रेखा शर्मा ने कहा…मुझे लगता है कि यह विपक्ष की हार है क्योंकि वे एसआईआर मुद्दे पर चर्चा करना चाहते थे और वे खुद सुनना नहीं चाहते। उन्हें डर है कि सच सामने आ जाएगा कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्य हैं जहां बाहर से आए लोग बसे हुए हैं। विपक्ष को डर है कि देश में उनकी ‘बिखरी हुई’ सरकारें भी उनके हाथों से निकल जाएंगी। सरकार इस (घुसपैठ के मुद्दे) पर लगातार काम कर रही है। जो लोग बाहर से आए हैं, वे हमारे संसाधनों का इस्तेमाल क्यों करें? वे हमारी सरकार क्यों चुनें? जनता उन्हें जवाब देगी।


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