- सदन में ड्रामा नहीं,डिलीवरी देनी चाहिए विपक्ष हार को पचा नहीं पा रहा : पीएम मोदी
- खड़गे ने कहा…धनखड़ को फेयरवेल नहीं मिला…इसका दःुख

नई दिल्ली,01 दिसम्बर 2025। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया। दोनों सदनों में एसआईआर और वोट चोरी के आरोप के मुद्दे पर हंगामा हुआ। एसआईआर पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई है। अब सदन की कार्यवाही 2 दिसंबर को 11 बजे से शुरू होगी। सदन की कार्यवाही से पहले पीएम मोदी ने संसद के बाहर मीडिया से 10 मिनट बात की। उन्होंने कहा कि विपक्ष हाल के चुनावों में पराजय की निराशा से बाहर निकले और सदन में मजबूत मुद्दे उठाए। अगर विपक्ष चाहे तो मैं उन्हें टिप्स देने के लिए तैयार हैं कि कैसे परफॉर्म किया जाए। पीएम ने कहा कि यह सत्र पराजय की हताशा या विजय के अहंकार का मैदान नहीं बनना चाहिए। नई पीढ़ी के सदस्यों को अनुभव का लाभ मिलना चाहिए। यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए। यहां जोर नीति पर होना चाहिए, नारों पर नहीं। पीएम ने इसके बाद राज्यसभा में नए सभापति सीपी राधाकृष्णन का स्वागत किया और उनके अभिवादन में स्पीच दी। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति का अभिवादन किया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति का अभिवादन किया। खड़गे ने इस दौरान पूर्व सभापति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा…मुझे इस बात का दुख है कि सदन को पूर्व सभापति को फेयरवेल देने का मौका नहीं मिला। खड़गे की टिप्पणी पर भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पलटवार किया।
मेरी चिंता है कि सदन चलना चाहिए : पीएम मोदी
पीएम ने कहा…‘मेरी एक चिंता रही है लंबे समय से सदन में जो पहली बार चुनकर आए हैं, या जो युवा हैं,वैसे सभी दलों के सभी सांसद बहुत परेशान हैं,उन्हें अपने सामर्थ्य का परिचय कराने का अवसर नहीं मिल रहा है और न ही अपने क्षेत्र की समस्याओं के बारे में बताने का मौका नहीं मिल रहा है। कोई भी दल हो हमें किसी को भी हमारी नई पीढ़ी के नौजवान सांसदों को,उन्हें अवसर देना चाहिए। इसलिए मेरा आग्रह रहेगा कि हम इन चीजों को गंभीरता से लें, ड्रामा करने के लिए बहुत जगह होती है, जिसे करना है करता रहे,यहां ड्रामा नहीं डिलीवरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नारे के लिए पूरा देश पड़ा है,जहां हारे वहां बोल चुके और जहां हारने जा रहे हैं,वहां भी बोल लेना। यहां नारे नहीं नीति पर बात होनी चाहिए। हो सकता है कि राजनीति में नकारात्मकता कुछ काम आती होगी लेकिन राष्ट्र निर्माण की सोच भी होनी चाहिए। नकारात्मकता को मर्यादा में रखकर राष्ट्र निर्माण पर ध्यान दें।’
लोकसभा में मणिपुर गुड्स
एंड सर्विस टैक्स बिल पास हुआ
लोकसभा में मणिपुर गुड्स एंड सर्विस टैक्स बिल (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 बिल पास हो गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में यह बिल पेश किया था। केंद्र ने चालू वित्त वर्ष में 41 हजार करोड़ अतिरिक्त खर्च की मंजूरी मांगी सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 41,455 करोड़ रुपए के अतिरिक्त खर्च के लिए लोकसभा से मंजूरी मांगी है।
मुद्दों पर बात करना और उन्हें
उठाना तमाशा नहीं है : प्रियंका गांधी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, ‘चुनावी स्थिति, महोदय, और प्रदूषण जैसे मुद्दे बहुत बड़े हैं। आइए इन पर चर्चा करें। संसद किस लिए है? यह कोई तमाशा नहीं है। मुद्दों पर बात करना और उन्हें उठाना तमाशा नहीं है। असली तमाशा तो यह है कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर लोकतांत्रिक चर्चा ही न होने दी जाए।
चिराग पासवान बोले- हंगामा
करना लोकतंत्र के खिलाफ
सांसद और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि 2014 में जब वे संसद आए थे, तो एक दिन का भी स्थगन होने पर उन्हें दुख होता था क्योंकि वे अपने क्षेत्र के मुद्दे नहीं उठा पाते। उन्होंने कहा कि अगर कोई केवल हंगामा करने और अपनी छवि चमकाने के लिए ऐसा करता है, तो यह लोकतंत्र के खिलाफ है। सांसदों को अपने मुद्दे उठाने के लिए संसदीय प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
बीजेडी सांसद बोले- सत्र शांतिपूर्वक चलने की उम्मीद
ख्छ्वष्ठ सांसद सश्मित पात्रा ने कहा कि बीजेडी और उनके नेता नवीन पटनायक की ओर से उन्हें उम्मीद है कि यह संसद सत्र बहुत उपयोगी रहेगा। सत्र लगभग तीन हफ्ते का है, लेकिन ओडिशा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान दिया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सत्र शांतिपूर्वक चलेगा और वे ओडिशा और देश के लिए काम कर पाएंगे।
पान मसाला पर सेस लगाने वाले दो बिल पेश किए : सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में दो अहम बिल पेश किया। दोनों बिल उन उत्पादों पर नई कर व्यवस्था से जुड़े हैं, जिन पर अभी जीएसटी क्षतिपूर्ति सेस लगता है-जैसे सिगरेट, तंबाकू और पान मसाला। इसके जरिए केंद्रीय उत्पाद शुल्क एक्ट,1944 में संशोधन कर सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर क्षतिपूर्ति सेस खत्म होने के बाद एक्साइज ड्यूटी के जरिए राजस्व संग्रह जारी रखा जाएगा। इसे केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 नाम दिया गया है। वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस विधेयक, 2025 भी पेश किया। नया सेस उन उत्पादों पर लगेगा जिनसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा जोखिम माना जाता है। पान मसाला जैसे उत्पादों पर यह सेस लगाया जाएगा। तंबाकू और पान मसाला जैसी हानिकारक उत्पादों पर अभी 28′ जीएसटी लगता है। क्षतिपूर्ति सेस खत्म होने के बाद, तंबाकू और संबंधित उत्पादों की बिक्री पर 40′ जीएसटी और उत्पाद शुल्क लगेगा, जबकि पान मसाला पर 40′ जीएसटी और स्वास्थ्य सुरक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सेस भी लगेगा।
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