
6 बदमाशों का गिरोह सीसीटीवी में कैद…युवक पर ताबड़तोड़ वार,हालत नाजुक
- बिरयानी सेंटर पर ग्राहक पर चाकू—लोग खड़े देखते रहे…
- क्या अब सड़कों पर हैवानियत ही देखनी पड़ेगी?
- कानून कहाँ है? सुरक्षा किसकी जिम्मेदारी है?
-संवाददाता-
अंबिकापुर 25 नवम्बर 2025
(घटती-घटना)।
शहर में चाकूबाजी,गुण्डागर्दी व असामाजिक त तत्वों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है और पुलिस की कार्रवाई सिर्फ कागजों में दिख रही है,सोमवार रात खरसिया चौक स्थित जमजम बिरयानी सेंटर में 6 से अधिक बदमाशों ने एक युवक पर जानलेवा हमला कर पूरे शहर को दहशत में डाल दिया, पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में साफ कैद हुई है, फिर भी बदमाश मौके से फरार हो गए। शहर के बीचों-बीच एक युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ वार होते रहे…और लोग बस देखते रहे,ना कोई रोकने आया,ना किसी को कानून पर भरोसा रहा,सवाल सिर्फ एक क्या अब हमारी सड़कों पर हैवानियत देखना आम बात बन गई है? कानून-व्यवस्था की हालत यह है कि बदमाश खुलेआम हमला कर रहे हैं और फरार हो जा रहे हैं, लोगों में डर इतना गहरा गया है कि कोई बीच-बचाव भी नहीं करता, आखç¸र कब तक आम आदमी अपनी ही शहर की सड़कों पर यूँ खून से लथपथ गिरता रहेगा?
अंबिकापुर में चाकू,अपराधी और डर…कहाँ है कानून?
अंबिकापुर की सड़कों पर कुछ दिनों से जो चल रहा है,वह कानून-व्यवस्था का पतन ही नहीं, बल्कि शासन की असफलता का खुला प्रमाण है,किसी बिरयानी सेंटर पर 6-7 युवक एक ग्राहक को पकड़कर चाकू से वार करते हैं, सड़क पर लहूलुहान छोड़कर फरार हो जाते हैं,और पुलिस की कार्रवाई तलाश जारी है पर टिककर रह जाती है,सीसीटीवी में चेहरे साफ दिख रहे हैं,हमलावर पहचान में आ चुके हैं,पीडि़त अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है, फिर भी गिरफ्तारियाँ शून्य,क्या यही है शहर का कानून? क्या यही है सुरक्षा? शहर की जनता का सबसे बड़ा डर बदमाश नहीं बल्कि पुलिस की लापरवाही है, कानून-व्यवस्था का मूल सिद्धांत है,अपराध होने से पहले रोकना,और होने पर तुरंत पकड़ना,लेकिन अंबिकापुर में दोनों ही विफल हैं, आज एक युवक पर चाकू चला, कल किसी और पर चलेगा, जब पुलिस समय पर न पहुंचे, जब गश्त सिर्फ कागजों में हो, जब अपराधियों में डर खत्म हो तो शहर जंगल बन ही जाता है।
बिरयानी लेने आया युवक… बाहर ही घेरकर चाकू से हमला
जानकारी के मुताबिक दर्रीपारा निवासी 27 वर्षीय आदर्श साहू रात करीब 9ः30 बजे जमजम बिरयानी सेंटर बिरयानी लेने पहुँचा था,जैसे ही वह दुकान के बाहर खड़ा हुआ,अचानक 6-7 युवक पहुंचे और आदर्श को घेरकर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया, इसी दौरान एक युवक ने चाकू निकालकर उसके सिर पर लगातार ताबड़तोड़ वार किए,घायल आदर्श खून से लथपथ सड़क पर गिर पड़ा,लेकिन बदमाशों की हैवानियत यहीं नहीं रुकी गिरने के बाद भी उसकी पिटाई जारी रही।
गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर…सिर में गहरे घाव
बदमाश वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए,घटना स्थल पर मौजूद युवकों ने घायल आदर्श को बाइक से ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुँचाया, डॉक्टरों के मुताबिक चाकू के कई वार सिर में लगे हैं और हालत बेहद गंभीर है।
पुराना विवाद?…मोमिनपुरा के युवकों पर शक
मंगलवार दोपहर घायल के परिजन कोतवाली पहुँचकर एफआईआर दर्ज कराई,प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि यह हमला पुराने विवाद के चलते हुआ है और इसमें मोमिनपुरा के युवकों के शामिल होने की आशंका है।
शहर में चाकूबाजी पर लगाम नहीं,पुलिस पर बड़े सवाल
पिछले कुछ दिनों में अंबिकापुर में चाकू से हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं, गुंडे-बदमाश बेखौफ घूम रहे हैं, जबकि पुलिस सिर्फ ‘तलाश जारी है’ की औपचारिकता निभा रही है, स्थानीय लोगों का कहना है अगर इसी तरह खुलेआम हमले होते रहे तो शहर में कानून नहीं, गुंडागर्दी चलेगी, कोतवाली पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन सीसीटीवी में चेहरा साफ दिखने के बाद भी अब तक गिरफ्तारी न होना बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
ना चाकू रुक रहे हैं,ना अपराधी,और ना ही पुलिस की सख्ती कहीं नजर आ रही है…
घर के परिजन अपने बच्चे को सुरक्षित समझकर बाहर भेजते हैं…पर वापस क्या आएगा खबर? हादसा? या अस्पताल की बेड से फोन? शहर पूछ रहा है अगर इसी तरह खुलेआम चाकूबाजी चलती रही… तो क्या हम गुंडों को शहर सौंप दें?
जनता का दर्द स्पष्ट है…
हम घर से निकलते हैं, लेकिन लौटेंगे या अस्पताल पहुंचेंगे यह भरोसा नहीं है,अंबिकापुर को पुलिस की ‘प्रेस नोट गश्त’ नहीं,जमीन पर दिखने वाली, कड़ाई से काम करने वाली पुलिस चाहिए, आज नहीं तो कल ऐसी घटनाएं शहर को डर के हवाले कर देंगी, और यह खतरा प्रशासन की नाकामी से पैदा हुआ है, समय है पुलिस को दिखाना होगा कि कानून जिंदा है वरना चाकू लेकर घूमने वाले ही शहर के मालिक बन जाएंगे।
पुलिस से सीधा सवाल
चाकू ले कर घूमने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
गुंडों के गिरोह खुलेआम सक्रिय कैसे?
सीसीटीवी फुटेज होने के बावजूद गिरफ्तारी में देरी क्यों?
क्या शहर में गश्त बंद है?
क्या अपराधियों को पुलिस का डर नहीं बचा?
सोशल मीडिया पर हंगामा…चाकू मारकांड पर जनता का फूटा गुस्सा- पुलिस का डर खत्म, शहर में हैवानियत बढ़ रही है, चाकूबाजी की घटना पर सोशल मीडिया में लोगों का गुस्सा उफान पर है, फेसबुक पर आए सैकड़ों कमेंट्स में एक ही सवाल गूंज रहा है अपराधियों पर लगाम कौन लगाएगा?
- ‘अपराधियों में पुलिस का डर नहीं रहा’
‘अपराधियों के अंदर पुलिस का डर नहीं रहा।’ -सुरेंद्र सोनी
‘कानून व्यवस्था बिल्कुल खत्म हो गई है।-दिवस दुबे - ‘बदमाशों को पुलिस का संरक्षण?’
‘उच्च अधिकारी पुलिस का साथ नहीं देंगे तो डर कैसे होगा?’ -सुजन बिंद - ‘अब शहर में बिरयानी खाना भी खतरा हो गया ’
‘बिरयानी भी खाने नहीं दे रहे हैं… गजब हो गया।’-सीनू फिरदौसी - ‘तुरंत कार्रवाई की मांग ’
‘दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।’- कृष्णा कुशवाहा - ‘लोग सिर्फ देखते रहे—डर हावी है ’
‘किसी को भी ऐसे मत मारो भाई… इंसानियत कहाँ है?’-दशरथ जयसवाल - ‘गैंगवार का माहौल? ’
‘गेंग वॉर चल रहा है क्या?’ — विनल गुप्ता - ‘पुलिस सिर्फ बयान देती है, कार्रवाई नहीं ’
‘पुलिस कुछ नहीं कर सकती, सिर्फ कहती है जांच चल रही है।’ — जूही यादव
‘पब्लिक रिएक्शन बॉक्स’शहर में दहशत—जनता का गुस्सा-
‘अपराधियों में पुलिस का डर नहीं रहा। ’
‘बिरयानी खाने जाओ तो चाकू मिल रहा है,क्या यही शहर है? ’
‘पुलिस सिर्फ आश्वासन देती है, कार्रवाई नहीं। ’
‘गैंगवार का माहौल बन गया है। ’
‘शहर में छोटे-छोटे गुंडे सिर चढ़कर चल रहे हैं। ’
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