रायपुर,09 नवम्बर 2025। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में भ्रष्टाचार और गड़बडि़यों के मामलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 178 प्रशिक्षण भागीदारों और प्रशिक्षण केंद्रों को काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डाल दिया है। मंत्रालय के अनुसार, इन संस्थानों पर योजना के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन,फर्जी दस्तावेज, अनुपस्थित प्रशिक्षार्थी और अस्तित्वहीन केंद्र जैसी गंभीर अनियमितताओं के आरोप पाए गए। बता दें कि ब्लैक लिस्ट किए गए सेंटर में छत्तीसगढ़ का एक केंद्र भी शामिल है। कौशल विभाग के मुख्य सचिव आईएएस अधिकारी भारतीदासन से मिली जानकारी के अनुसार सूचीबद्ध स्रु क्रमांक 80, भ्क्क को ब्लैक लिस्ट किया गया है। जो कि सीधे क्करू्यङ्कङ्घ 4.0 के अंतर्गत हृस्ष्ठष्ट के साथ पंजीकृत है। लेकिन, यह संस्था ष्टस्स्ष्ठ्र-रूरू्यङ्कङ्घ के साथ ङ्कभ्क्क के रूप में पंजीकृत नहीं है। 30 अक्टूबर को मंत्रालय ने सभी राज्यों के प्रधान सचिवों,राज्य मिशन प्रमुखों और क्षेत्रीय निदेशालयों को एक विस्तृत पत्र भेजा। इसमें बताया गया कि नियमित निरीक्षण और निगरानी रिपोर्टों की समीक्षा के बाद, मंत्रालय और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम ने यह कदम उठाया है।
पत्र में कहा गया है कि जिन संस्थानों को ब्लैकलिस्ट किया गया है, उनके खिलाफ भुगतान की वसूली शुरू की जा चुकी है। कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी चल रही है। भविष्य में किसी भी सरकारी कौशल योजना में उनके प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना , कौशल विकास मंत्रालय की प्रमुख योजना है, जिसे 2015 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य युवाओं को उद्योग की मांग के अनुसार प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाना है।
अब तक 1.64 करोड़ से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए योजना में 1,538 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
2022 में शुरू हुए इसके नए संस्करण क्करू्यङ्कङ्घ 4.0 में डिजिटल और फिजिकल निगरानी को मजबूत किया गया है।
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