नई दिल्ली,06 नवम्बर 2025। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि देश को बड़े और विश्वस्तरीय बैंकों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) और बैकों के साथ चर्चा चल रही है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती से मांग बढ़ेगी और इससे कुल मिलाकर निवेश बढ़ेगा। मुंबई में ‘आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करना’ विषय पर 12वें एसबीआई बैंकिंग और इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव 2025 को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने अपने उद्घाटन भाषण में इस बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय बैंकों की जरूरत पूरी करने पर काम शुरू हो चुका है। हम आरबीआई के साथ चर्चा कर रहे हैं। हम बैंकों के साथ भी चर्चा कर रहे हैं। 12वें एसबीआई बैंकिंग और इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए सीतारमण ने वित्तीय संस्थानों से उद्योग जगत के लिए कर्ज प्रवाह को बढ़ाने और व्यापक बनाने का आग्रह किया। सीतारमण ने कहा कि सरकार का मुख्य जोर बुनियादी ढांचे के निर्माण पर है। पिछले दशक में पूंजीगत व्यय में पांच गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2014 से व्यापार को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधारों को आगे बढ़ाया है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत की और पिछले दशक में 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया।
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