पीएम ओली का इस्तीफा,संसद भवन में घुसे प्रदर्शनकारी,सुरक्षाबलों के हथियार लूटे
काठमांडू,09 सितम्बर 2025 (ए)। नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों से हालात बिगड़ गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने संसद, पीएम, राष्ट्रपति के निजी आवास में आग लगा दी और सुरक्षा बलों से उनके हथियार छीन लिए। उन्होंने 2 पूर्व पीएम के घर पर हमला भी बोला। पूर्व पीएम झालानाथ खनाल के घर में आग लगा दी। इसमें उनकी पत्नी राजलक्ष्मी चित्रकार गंभीर रूप से जल गईं। उन्हें तुरंत कीर्तिपुर बर्न अस्पताल ले जाया गया,जहां उनकी मौत हो गई। उधर, पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा को उनके घर में घुसकर पीटा,जबकि वित्त मंत्री विष्णु पौडेल को काठमांडू में उनके घर के पास दौड़ा-दौड़ाकर मारा गया। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक प्रदर्शनकारी उनके सीने पर लात मारते हुए दिख रहा है। देश में जारी हिंसक हिंसक घटनाओं के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने पद से इस्तीफा दे दिया। सेना का एक हेलिकॉप्टर उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले गया है।
नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर का गेट तोड़ने की कोशिश
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेपाल में जारी प्रदर्शनों के बीच मंगलवार शाम कुछ लोगों ने पशुपतिनाथ मंदिर का गेट तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद नेपाली सेना को मंदिर इलाके में तैनात कर दिया गया। सेना के प्रवक्ता राजाराम ने पुष्टि की कि सैनिकों को भेजा गया है ताकि स्थिति काबू में रहे। आंदोलन के नेताओं ने कहा कि उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में कुछ घुसपैठिए घुस आए थे। इन नेताओं ने कहा कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं। प्रदर्शनकारियों से अपील की गई है कि आगजनी या सार्वजनिक संपत्ति पर हमला न करें।
कास्की जेल से 900 कैदी फरार
नेपाल के कास्की जिले की जेल से मंगलवार शाम 900 कैदी फरार हो गए। प्रदर्शनकारियों ने जेल पर धावा बोलकर ताले तोड़े और कैदियों को बाहर निकाल दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पहले से आशंका थी कि आंदोलनकारी सरकारी दफ्तरों और जेलों को निशाना बना सकते हैं, इसलिए सुरक्षा बढ़ाई गई थी। लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने जेल में घुसकर ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की पिटाई की और फिर कैदियों को छुड़ाकर ले गए।
नेपाल से लगे बॉर्डर इलाके में यूपी पुलिस हाईअलर्ट पर
नेपाल में जारी हिंसा को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने नेपाल से लगे बॉर्डर इलाकों में हाईअलर्ट जारी किया है। क्क पुलिस के डीजीपी राजीव कृष्ण ने इसे लेकर आदेश जारी किया। वहीं, नेपाल में फंसे भारतीयों के लिए कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। हेल्पलाइन नंबर और व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया गया।
पूर्व भारतीय राजदूत बोले…नेपाल हिंसा की असल वजह भ्रष्टाचार
नेपाल में सोशल मीडिया एप पर बैन लगाने से विरोध भड़क गया। पूर्व भारतीय राजदूत रंजीत राय ने इसे बेवकूफाना कदम बताया। उन्होंने कहा कि कि असली गुस्सा बड़े नेताओं के भ्रष्टाचार और घोटालों से है। लोगों को लगता है कि बड़े नेताओं के परिवार लग्जरी जिंदगी जी रहे हैं, लेकिन युवाओं की फिक्र कोई नहीं कर रहा। राय ने कहा- ओली सरकार ने सोशल मीडिया पर बैन लगाया, क्योंकि वे नेपाली कानून नहीं मान रहे थे। यह गलत फैसला था। लेकिन असल वजह भ्रष्टाचार है। ऊपरी पदों पर घोटाले हुए हैं। उन्होंने बताया कि नेताओं के बच्चों (नेपो किड्स) के सोशल मीडिया पर लग्जरी दिखाने से लोग नाराज हैं। नेताओं को लगता है कि वे युवाओं की सुनते नहीं। राय ने कहा कि जेन जेड आंदोलन बिना लीडरशिप का लगता है, लेकिन काठमांडू मेयर बालेन शाह, पूर्व चीफ जस्टिस और इलेक्टि्रसिटी डिपार्टमेंट के हेड जैसे लोग इससे जुड़ गए हैं।
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