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नई दिल्ली@भारतीय इकोनॉमी 7.8′ से बढ़ी

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यह पिछली 5 तिमाही में सबसे ज्यादा,सर्विस-एग्रीकल्चर सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन से मिली ग्रोथ
नई दिल्ली,29 अगस्त 2025 (ए)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2026 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के आंकड़े जारी किए हैं, जिसमें विकास दर में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 30 जून, 2025 को समाप्त पहली तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह संख्या सभी जीडीपी आकलन से आगे निकल गई है क्योंकि अधिकांश विश्लेषकों ने पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि 6.5 से 7 प्रतिशत के आसपास आंकी थी। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने बयान में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी पिछली मौद्रिक नीति समिति की बैठक में वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के लिए 6.5 प्रतिशत के पूर्वानुमान लगाया था। मंत्रालय के मुताबिक, इस तिमाही में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में सकल मूल्य वर्धित वृद्धि दर 3.7 प्रतिशत रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में 1.5 प्रतिशत थी।
विनिर्माण में दर 7.7 प्रतिशत और निर्माण में 7.6 प्रतिशत रही, जो इस तिमाही में स्थिर मूल्यों पर 7.5 प्रतिशत से अधिक रही। खनन एवं उत्खनन में -3.1 प्रतिशत और बिजली, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगिता सेवा क्षेत्र में 0.5 प्रतिशत की मध्यम वास्तविक वृद्धि दर देखी गई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम तिमाही के जनवरी से मार्च तक की जीडीपी दर 7.4 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इससे पहले आर्थिक विकास दर काफी कम थी, जो जनवरी से मार्च की अंतिम तिमाही में बढ़ गई थी। अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही में जीडीपी दर 6.4 प्रतिशत थी, जबकि इससे पहले की दूसरी तिमाही में यह 5.6 प्रतिशत थी।

पिछली बार जनवरी-मार्च की जीडीपी दर में 6.85 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना थी, जबकि यह काफी बेहतर रही।


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