मालेगांव ब्लास्ट केस के फैसले में कोर्ट ने कहा…
मुंबई,02 अगस्त 2025 (ए)। साल 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में 7 लोगों को बरी करने वाली एक स्पेशल कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के इस दावे को खारिज कर दिया कि दक्षिणपंथी चरमपंथी समूह अभिनव भारत ने विस्फोट को अंजाम दिया था। विशेष न्यायाधीश ए.के. लाहोटी ने अपने 1,000 से ज्यादा पन्नों के फैसले में साफ कहा कि अभिनव भारत को केंद्र सरकार ने आतंकवादी संगठन के तौर पर प्रतिबंधित नहीं किया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा, यहां तक कि अभिनव भारत ट्रस्ट, संस्था, संगठन, फाउंडेशन भी प्रतिबंधित नहीं है। जज ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र एटीएस ने अपनी जांच में दावा किया था कि सभी आरोपी अभिनव भारत के सदस्य थे और यह एक संगठित आपराधिक गिरोह था।
अभिनव भारत को आज तक प्रतिबंधित नहीं किया गया
अदालत ने एटीएस के इस दावे को गलत ठहराते हुए कहा, यह उल्लेख करना आवश्यक है कि अभिनव भारत एक प्रतिबंधित संगठन नहीं है। आज तक इसे गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम के तहत प्रतिबंधित नहीं किया गया है। फैसले में यह भी कहा गया कि अगर केंद्र सरकार को लगता है कि कोई संगठन गैरकानूनी है, तो वह उसे अधिसूचना के जरिए प्रतिबंधित कर सकती है। लेकिन अदालत ने स्पष्ट किया, आज तक ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है, जिससे पता चले कि अभिनव भारत ट्रस्ट या अभिनव भारत संगठन को केंद्र सरकार ने किसी अधिसूचना के माध्यम से प्रतिबंधित या गैरकानूनी घोषित किया है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur