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नई दिल्ली@एसआरसीसी के 100 साल पूरे…पीएम मोदी की 13 साल बाद श्रीराम कॉलेज में स्पीच

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मैंने लाल किले से होम्योपैथी की गोली दी,सारे दिमागी नक्सल बौखलाने लगे : पीएम मोदी

नई दिल्ली,05 सितम्बर 2026। प्रधानमंत्री शनिवार शाम मेट्रो से सफर कर श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स पहुंचे। उन्होंने कॉलेज के 100वें स्थापना दिवस पर जेन-जी छात्रों के बीच 48 मिनट स्पीच दी। पीएम मोदी ने कहा कि आपकी लैंग्वेज में कहूं तो इस कॉलेज के पूर्व छात्र ओरिजनल गैंग्स्टर हैं। वे धुरंधर भले न हों, पर दुनियाभर में धूम तो मचाई है। मोदी ने यहां अपनी लाल किले पर दी गई 15 अगस्त की स्पीच का जिक्र भी किया। वे बोले- मैंने उस दिन ‘दिमागी नक्सल’ कहकर होम्योपैथी की ऐसी गोली दी, जिससे सारे विरोधी बौखलाने लगे। पीएम ने 2013 की श्रीराम कॉलेज की उस यात्रा को याद किया, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे। वे बोले कि तब मैंने कहा था कि आलोचकों को गिलास आधा खाली ही दिखता है।
संबोधन के आखिर में बोले…हवाओं से टकराए वो जज्बा हमारा हो…
संबोधन के आखिर में पीएम बोले…नाव हमारी हो नाविक भी हमारा हो। लहरों पर विजय लिखे वो हौसला हमारा हो। उड़ान हमारी हो, हवाओं से टकराए वो जज्बा हमारा हो। सपना हमारा हो,संकल्प हमारा हो। आत्मनिर्भर भारत का संकल्प हमारा हो। विकसित भारत की राह में उठता हर कदम हमारा हो। संबोधन के दौरान मोदी ने कहा- आज हमारा नौजवान साथी कहता है कि स्टार्टअप बनाऊंगा। यूनिकॉर्न खड़ा करूंगा। स्पेस से जुड़ा स्टार्टअप करूंगा। 2013 से पहले आपके सीनियर ऐसे सपने नहीं देखते थे। लेकिन आज समय बदल गया है। आप संकल्प लीजिए कि दुनिया के ग्लोबल फर्म्स हमारे क्यों नहीं हो सकते हैं। हम गर्व से कहते हैं कि भारतीय दुनिया की टॉप कंपनियों को लीड कर रहे हैं तो वो कंपनियां भारतीय क्यों नहीं हैं। पीएम ने कहा- ‘मुझे देश पर भरोसा है। देश के युवाओं पर भरोसा है। मुझे विश्वास है हम 140 करोड़ भारतीय मिलकर विकसित भारत को संभव बनाएंगे। आने वाले समय में रिसर्च और इनोवेशन का हब भारत होगा। भारत का अपना स्पेस स्टेशन होगा और वो दिन भी आप देखेंगे। आप देखिएगा भारत एक दिन ऐसे ओलंपिक का आयोजन करेगा कि दुनिया देखेगी। ‘ मोदी ने कहा- ‘साथियों अभी आपकी जिंदगी स्क्रष्टष्ट मोड पर चल रही है। इसमें कोल्ड कॉफी पर होने वाली चर्चा, एग्जाम के लास्ट टाइम होने वाली मेहनत और बिजनेस कॉन्क्लेव पर की मेहनत शामिल है। लेकिन इस कैंपस के बाहर आपको एक अलग दुनिया मिलेगी। ‘
पीएम बोले…मैं छोटे-आसान लक्ष्य रखने वाला आदमी नहीं…
प्रधानमंत्री बोले…मैंने कहा था कि मेड इन इंडिया पर काम करने की जरूरत है,तो उस वक्त के लोगों ने इसका विरोध किया। लोगों, आज आप मेड इन इंडिया की ताकत देख रहे हैं। दुनिया के बड़े स्मार्टफोन भारत में बनते हैं। आज भारत 2.5 लाख करोड़ से ज्यादा के मोबाइल एक्सपोर्ट करता है।
2014 से बदली तस्वीर,आज
लोग फिनटेक के दौर में जी रहे…

मोदी ने कहा- 2014 में सरकार बनने के बाद हमने ये करके दिखाया। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। हाल ही में जनधन योजना को 12 साल पूरे हुए। आज आप फिनटेक के अलग ही दौर में जी रहे हैं। लेकिन 2014 से पहले गांव और छोटे शहरों के बच्चों को सेविंग अकाउंट खुलवाने के लिए स्ट्रगल करना पड़ता था। इसलिए हम जनधन स्कीम लेकर आए। और पिछले 12 साल में इससे 60 करोड़ नए अकाउंट खुले।
पीएम ने कहा- 2013 में दुनिया भारत को फ्रैजाइल फाइव में गिनती थी
स्पीच में दौरान मोदी बोले- 2013 के समय दुनिया भारत को फ्रेजाइल 5 बता रही थी। अभी दुनिया भारत को 5 सबसे बड़ी इकॉनमी में देख रही है। पिछले हफ्ते ही हमने 7.8′ की ग्रोथ दर्ज की। ये ऐसे समय में आई है, जब वेस्ट एशिया क्राइसिस चरम पर है। ट्रेड से जुड़ी दिक्कतें हैं। ये भारत की उपलब्धि को दर्शाता है। जो लोग भारत को फ्रेजाइल 5 में धकेलने के लिए आगे रहे हैं, वो इन्हें नहीं मानेंगे पर आप समझते हैं। आज कंज्यूमर डिमांड भी बढ़ रही है। स्टील प्रोडक्शन में 8′ की ग्रोथ हुई है। यहां भारत ग्रो भी कर रहा है और रोजगार के नए अवसर भी बना रहा है। लेकिन इसके बाद भी 2013 में जिन लोगों के लिए ग्लास आधा खाली था उनके लिए आज भी खाली रहेगा। मैं ग्लास की ही बात कर रहा हूं।
मोदी बोले- देश के लिए जीने का जज्बा मेरे अंदर भावविष्ट
स्पीच के दौरान पीएम ने कहा- ‘देश के लिए जी जान से जुटना। देश के लिए जीने का जज्बा, जो मेरे अंदर भावविष्ट है। वो 2013 में यहीं से शब्दों की माला में गढ़ता गया। मैं काफी देर बोला था। मैंने उस दिन पानी के ग्लास का एक उदाहरण दिया था। मैंने कहा था कि पानी के आधे भरे ग्लास को देखने के तीन नजरिए क्या होते हैं। एक जिनको ग्लास आधा खाली दिखता है। दूसरा जिन्हें ग्लास आधा भरा दिखता है। और तीसरा जिन्हें ग्लास पूरा भरा दिखता है। आधा हवा से आधा पानी से। ‘
पीएम बोले- कुछ दिन इस आयोजन की खूब चर्चा है
पीएम मोदी ने कहा- ‘कुछ दिनों से इस कार्यक्रम की खूब चर्चा है। लोग मेरे 2013 के संबोधन को याद कर रहे हैं। नई पीढ़ी के लोगों ने भी उसे रिविजिट किया है। आज भी 13-14 साल बाद भी उस सभा और संबोधन का प्रभाव बरकरार है। साथियों तब आपकी जगह आपके सीनियर थे। मैं तब सीएम तो था पर मैं विपक्षी पार्टी में था। लोग उम्मीद कर रहे थे कि मैं उस वक्त तब की केंद्र सरकार पर आरोपों की झड़ी लगा दूंगा। पर मैंने इस मंच का वो उपयोग नहीं किया। मैंने एक विजन रखा था। मैंने तब जो कहा था वो मेरा कनविक्शन था। ‘
मोदी बोले- मैंने होम्योपैथी की गोली दी, दिमागी नक्सल बाहर आने लगे
बीते दशक में करीब 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुए हैं। जब नए बाजार खुलते हैं तो भारत के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होते हैं। आज 2013 के मुकाबले देश आर्थिक और सामाजिक रूप से कहीं ज्यादा सुरक्षित है। पर कुछ लोगों में बौखलाहट शुरू हो गई है। मैंने ऐसे लोगों के लिए लाल किले से 15 अगस्त को होम्योपैथी की गोली दी थी। तब मैंने एक शब्द कहा था- दिमागी नक्सल। होम्योपैथी का इलाज बीमारी को कुछ समय के लिए और उभार देता है। जैसे ही मैंने ये गोली दी, सारे दिमागी नक्सल बाहर आने लगे। पर जनता उनका असली रंग देख रही है।
मोदी बोले- देश में कुछ लोग नाराज फूफा जैसे
प्रधानमंत्री ने विपक्ष और विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा- ‘देश में अलग-अलग प्रजाति के लोग हैं। एक वो जो पॉजिटिव तरीके से समाज की शक्ति को राष्ट्र की शक्ति में बदलते हैं। और दूसरे जो हर चीज में नाराज फूफा बन जाते हैं। उनका एक ही डायलॉग है- इसकी क्या जरूरत है। जब हम दुनिया का सबसे बड़ा स्टैच्यू बना रहे थे, उन्होंने कहा इसकी जरूरत ही क्या है। इन्होंने बुलेट ट्रेन, यूपीआई, चिप और नई संसद पर भी ऐसा ही कहा। हमने देश के लिए मरने वाले सेना नायकों का मेमोरियल बनाया तो फूफा फिर मैदान में आ गए। लेकिन भारत ने ऐसे फूफाओं को जवाब दिया। ‘


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