शिवप्रसादनगर क्षेत्र में लगातार बारिश का असर,कई छप्परपोश मकान जर्जर,प्राकृतिक आपदा राहत राशि तत्काल देने की मांग
-संवाददाता-
सूरजपुर,05 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। विगत पखवाड़े से लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीण इलाकों में गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं,शिवप्रसादनगर क्षेत्र में बारिश के कारण दर्जनभर ग्रामीणों के आशियाने धराशाई होने की जानकारी सामने आई है,वहीं कई छप्परपोश मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त और जर्जर हो चुके हैं,मकान गिरने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने और घरेलू सामान को सुरक्षित रखने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है,लगातार बारिश से कच्चे और छप्परपोश मकानों की स्थिति पहले से ही खराब थी,पानी से दीवारों और छतों पर असर पड़ने के बाद कई मकान अचानक धराशाई हो गए,सूरजपुर जिले में इस बारिश के दौरान कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आना कोई अलग-थलग स्थिति नहीं है; हाल में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी बारिश के चलते कच्चे मकानों के गिरने की रिपोर्ट सामने आई थी।
इन ग्रामीणों के मकान हुए प्रभावित- प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत शिवप्रसादनगर के गढ़ीपारा निवासी शिव प्रसाद कुशवाहा का मकान बारिश की चपेट में आया है, इसी तरह ग्राम पंचायत बड़सरा निवासी नागेश्वर चक्रधारी, कमलेश्वर साहू और स्वर्गीय हरि चक्रधारी के मकान भी क्षतिग्रस्त बताए गए हैं, इसी क्षेत्र में भाजपा मंडल अध्यक्ष सुनील साहू का ब्रिक्स प्लांट भी बारिश से प्रभावित होने की जानकारी दी गई है, ग्राम पंचायत बस्कर में रामचंद्र, मनिजर और बालम सिंह के मकान बारिश के कारण गिरने की बात सामने आई है, वहीं कुर्रीडीह निवासी सुमित्रा सिंह और गुलाल सिंह के घर भी प्रभावित हुए हैं, दनौली में होलसाय राजवाड़े और भैयालाल राजवाड़े का छप्परपोश मकान गिरने की जानकारी है, इन घटनाओं के बाद प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत की जरूरत है,कई परिवार ऐसे बताए जा रहे हैं जिनके पास बारिश से बचने के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है।
‘गांव चलो, बस्ती चलो’ अभियान के दौरान सामने आई समस्या-क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता रक्षेन्द्र प्रताप सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क के दौरान इन परिवारों की स्थिति सामने आने के बाद मामले को जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाया है,उन्होंने क्षेत्र की विधायक एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को आवेदन देकर प्रभावित परिवारों को प्राकृतिक आपदा राहत के तहत मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की मांग की है, इसके साथ ही उन्होंने जिला पंचायत सदस्य अखिलेश प्रताप सिंह को दूरभाष के माध्यम से प्रभावित परिवारों की स्थिति की जानकारी दी और तत्काल राहत दिलाने का आग्रह किया,सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है कि जिन परिवारों के मकान पूरी तरह गिर चुके हैं,उनके सामने सिर्फ मकान दोबारा बनाने की चुनौती नहीं है,बल्कि बारिश के बीच परिवार और घरेलू सामान को सुरक्षित रखने की समस्या भी बनी हुई है, ऐसे में प्रशासन को मौके का निरीक्षण कर वास्तविक नुकसान का आकलन करते हुए पात्र परिवारों को नियमानुसार राहत उपलब्ध करानी चाहिए।
बारिश थमी तो भी संकट खत्म नहीं- ग्रामीण क्षेत्रों में छप्परपोश और कच्चे मकानों के लिए लगातार बारिश सबसे बड़ा खतरा बन जाती है, एक बार दीवारों में नमी आने और मिट्टी कमजोर होने के बाद मकान का ढांचा कभी भी गिर सकता है, यही वजह है कि जिन घरों में फिलहाल सिर्फ दरारें या आंशिक क्षति हुई है, वहां भी खतरा टला नहीं है, प्रभावित परिवारों के लिए अब सबसे जरूरी काम नुकसान का आकलन और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था है, प्रशासनिक स्तर पर यदि समय रहते क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कर लिया जाए तो गंभीर हादसे की संभावना को भी कम किया जा सकता है, जिला प्रशासन की वेबसाइट पर आपदा संबंधी सहायता के लिए बचाव और राहत आयुक्त का हेल्पलाइन नंबर 1070 भी उपलब्ध कराया गया है।
राहत के लिए अब प्रशासन की ओर नजर-मामला जनप्रतिनिधियों तक पहुंचने के बाद अब प्रभावित परिवारों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर है,ग्रामीणों की मांग है कि राजस्व अमला मौके पर पहुंचकर प्रत्येक क्षतिग्रस्त मकान का पंचनामा तैयार करे,नुकसान का वास्तविक आकलन करे और पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार प्राकृतिक आपदा राहत राशि उपलब्ध कराई जाए, खास तौर पर जिन परिवारों के मकान पूरी तरह धराशाई हो चुके हैं, उनके लिए राहत में देरी का मतलब बारिश के बीच खुले आसमान के नीचे रहने जैसी स्थिति हो सकती है। इसलिए सिर्फ कागजी सर्वे के बजाय मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखने और शीघ्र राहत देने की जरूरत है, दिलचस्प बात यह है कि 2 सितंबर को मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर और भैयाथान में विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठकों में अधिकारियों को योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाने और मैदानी स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए थे।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur