शिक्षक दिवस पर अनूठी पहल,2 हजार से अधिक विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचाव के बताए तरीके
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,05 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ पुलिस के प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत शिक्षक दिवस पर सरगुजा पुलिस ने जागरूकता की अनूठी पहल की। ‘मैं हूं साइबर शिक्षक—साइबर शिक्षा से ही साइबर सुरक्षा’ की थीम पर पुलिस टीमों ने जिले के विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। अभियान के दौरान पुलिसकर्मी शिक्षकों के घरों तक भी पहुंचे और उन्हें साइबर सुरक्षा की जानकारी दी। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के दिशा-निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी के नेतृत्व में जिले के सभी थाना-चौकी क्षेत्रों में अभियान चलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने कक्षाओं में पहुंचकर ब्लैक बोर्ड पर साइबर अपराधों के प्रकार और उनसे बचाव के तरीके लिखे तथा बच्चों को सरल भाषा में डिजिटल सुरक्षा के जरूरी पाठ पढ़ाए।
2 हजार से अधिक बच्चों तक पहुंची पुलिस : अभियान के तहत पुलिस टीमों ने करीब 2 हजार स्कूली विद्यार्थियों को सीधे तौर पर साइबर सुरक्षा की जानकारी दी। बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल, फिशिंग लिंक, साइबर ग्रूमिंग, साइबर बुलिंग, ओटीपी और पासवर्ड से जुड़ी ठगी के बारे में बताया गया। पुलिस ने विद्यार्थियों को समझाया कि ऑनलाइन गेम खेलते समय अनजान लोगों से व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। मुफ्त कॉइन, स्किन, हथियार अथवा अन्य गेमिंग आइटम के लालच में किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक या भुगतान न करें। सोशल मीडिया प्रोफाइल को निजी रखने और अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करने की भी सलाह दी गई।
अनजान लिंक से सावधान रहने की अपील : पुलिस टीमों ने बताया कि साइबर ठग व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए मुफ्त गिफ्ट, स्कॉलरशिप, कूपन या आकर्षक ऑफर का झांसा देकर फर्जी लिंक भेजते हैं। ऐसे लिंक पर क्लिक करने से व्यक्तिगत अथवा वित्तीय जानकारी चोरी होने का खतरा रहता है। विद्यार्थियों को किसी भी संदिग्ध लिंक या पॉप-अप पर बिना जांचे क्लिक नहीं करने की हिदायत दी गई। साइबर ग्रूमिंग और बुलिंग को लेकर बच्चों को विशेष रूप से सतर्क किया गया। पुलिस ने कहा कि ऑनलाइन कोई व्यक्ति परेशान करे,धमकाए या ब्लैकमेल करे तो डरकर चुप न रहें। तत्काल माता-पिता अथवा शिक्षक को इसकी जानकारी दें,संबंधित व्यक्ति को ब्लॉक करें और आवश्यक होने पर चैट अथवा मैसेज का स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
बच्चों से कहा…घर जाकर बनें साइबर शिक्षक : पुलिस ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं साइबर जागरूक बनने के साथ अपने माता-पिता और बुजुर्गों को भी डिजिटल ठगी से बचाव के तरीके बताएं। एक जागरूक बच्चा पूरे परिवार को साइबर अपराध से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल युग में बच्चों और युवाओं को सुरक्षित रखना पुलिस की प्राथमिकता है। साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है। यदि बच्चे स्कूल स्तर से ही डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग होंगे तो इसका लाभ पूरे समाज को मिलेगा।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल : पुलिस ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को बताया कि ऑनलाइन वित्तीय ठगी होने पर घबराने के बजाय तुरंत 1930 पर कॉल करना चाहिए। इसके साथ ही नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
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