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खड़गवां@ बरसात में जर्जर हो रही जीवनरेखा

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चिरमिरी-बिलासपुर-कोरबा-रायपुर मार्ग पर लोक निर्माण विभाग की लापरवाही उजागर
सड़क पर जगह-जगह जलभराव, भारी वाहनों की आवाजाही से बढ़ रहा हादसों का खतरा; रखरखाव और मरम्मत व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
खड़गवां 22 जुलाई 2026 (घटती-घटना)।
चिरमिरी को बिलासपुर, कोरबा और रायपुर से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग इन दिनों अपनी बदहाल स्थिति के कारण चर्चा में है, बरसात शुरू होते ही इस महत्वपूर्ण सड़क पर कई स्थानों पर जलभराव हो गया है, लगातार सड़क पर पानी जमा रहने और भारी वाहनों की आवाजाही के चलते सड़क की ऊपरी परत तेजी से उखड़ रही है, जिससे गड्ढे बढ़ते जा रहे हैं और दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बढ़ रही है, स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय रहते मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था नहीं किए जाने से करोड़ों रुपये की लागत से बनी यह सड़क धीरे-धीरे जर्जर होती जा रही है, क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह सड़क केवल खड़गवां या चिरमिरी के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि बिलासपुर, कोरबा और रायपुर जाने वाले हजारों यात्रियों तथा मालवाहक वाहनों के लिए भी महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, ऐसे में सड़क की खराब स्थिति का सीधा असर आम नागरिकों, व्यापारियों और परिवहन व्यवस्था पर पड़ रहा है।
हर साल मिलता है बजट, फिर भी सड़क बदहाल क्यों?- स्थानीय लोगों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग को सड़क मरम्मत और रखरखाव के लिए प्रतिवर्ष बजट उपलब्ध कराया जाता है, इसके बावजूद समय पर गड्ढों की मरम्मत नहीं होती और न ही बरसात शुरू होने से पहले आवश्यक तैयारी की जाती है, परिणामस्वरूप बारिश का पानी सड़क पर लंबे समय तक जमा रहता है और सड़क की परत कमजोर होकर उखड़ने लगती है, लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते छोटे-छोटे गड्ढों की मरम्मत कर दी जाती और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित होती, तो सड़क को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता था।
बरसात में सक्रिय रहने वाली रखरखाव गैंग भी नहीं दिख रही मैदान में- जानकार बताते हैं कि बरसात के मौसम में लोक निर्माण विभाग की ओर से रखरखाव के लिए विशेष मेंटेनेंस गैंग तैनात की जाती है। इनका काम जलभराव वाले स्थानों से पानी निकालना, अस्थायी नालियां बनाना तथा गड्ढों में मरम्मत सामग्री डालकर सड़क को सुरक्षित बनाए रखना होता है, लेकिन खड़गवां क्षेत्र में ऐसी कोई सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है, कई स्थानों पर सड़क पर पानी जमा है, लेकिन उसकी निकासी के लिए कोई प्रयास नजर नहीं आ रहा। इससे सड़क लगातार कमजोर होती जा रही है और हर गुजरते दिन के साथ उसकी स्थिति और खराब होती जा रही है।
अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी उठ रहे सवाल– स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में पदस्थ लोक निर्माण विभाग के अधिकारी अधिकांश समय मुख्यालय में उपलब्ध नहीं रहते, ऐसे में सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कौन कर रहा है और खराब हिस्सों की जानकारी किसे मिल रही है, यह अपने आप में बड़ा सवाल बन गया है, लोगों का कहना है कि शिकायत करने या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास करने पर कई बार फोन तक रिसीव नहीं किया जाता, इससे नागरिकों की समस्याएं विभाग तक पहुंच ही नहीं पातीं और सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ती चली जाती है।
भारी वाहनों से बढ़ रहा खतरा- यह मार्ग भारी मालवाहक वाहनों की नियमित आवाजाही वाला प्रमुख मार्ग है, जलभराव और गड्ढों के कारण ट्रक, बस और अन्य बड़े वाहनों के गुजरने से सड़क और तेजी से टूट रही है, कई स्थानों पर वाहन चालकों को अचानक गड्ढों से बचने के लिए दिशा बदलनी पड़ती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो बरसात के दौरान हालात और गंभीर हो सकते हैं तथा किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें- सड़क पर बने गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, जलभराव वाले स्थानों से पानी की निकासी के लिए अस्थायी एवं स्थायी नालियां बनाई जाएं, बरसात के दौरान मेंटेनेंस गैंग को सक्रिय किया जाए, संबंधित अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, सड़क रखरखाव के लिए स्वीकृत बजट और उसके उपयोग की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
उठ रहे हैं ये बड़े सवाल- सड़क मरम्मत और रखरखाव के लिए मिलने वाला बजट आखिर खर्च कहां हो रहा है? बरसात में सक्रिय रहने वाली मेंटेनेंस गैंग मैदान में क्यों दिखाई नहीं दे रही? जलभराव की निकासी के लिए समय रहते नालियां क्यों नहीं बनाई गईं? संबंधित अधिकारी क्षेत्र का नियमित निरीक्षण क्यों नहीं कर रहे? क्या लोक निर्माण विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा? क्षेत्र के लोगों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि सड़क की स्थिति का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए, ताकि यह महत्वपूर्ण मार्ग सुरक्षित बना रहे और भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।


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