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सोनहत/कोरिया@ आफत के साथ राहत की बारिश

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  • उफनाई हसदो,धान रोपाई से खेतों में लौटी रौनक
  • मूसलाधार बारिश से हसदो उफान पर,किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान….
  • बारिश बनी राहत भी, आफत भी, नदी-नाले उफान पर, खेतों में तेज हुई धान रोपाई
  • उफनाई हसदो,थमा यातायात, झमाझम बारिश से खरीफ खेती को मिली नई जान
  • कटगोड़ी-नगर मार्ग घंटों बंद,अच्छी बारिश से धान रोपाई ने पकड़ी रफ्तार
  • बरसात का दोहरा असर सड़कें डूबीं, खेत हुए लबालब,किसानों में लौटी उम्मीद
  • हसदो नदी उफान पर, खेतों में हरियाली की उम्मीद,बारिश ने बदली सोनहत की तस्वीर
  • झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित, लेकिन किसानों के लिए बनी खुशियों की सौगात
  • दो दिनों में 97 मिमी बारिश से नदी-नाले उफान पर,किसानों में बढ़ी उम्मीद, कृषि मजदूरों की मांग बढ़ने से मजदूरी पहुंची 400 प्रतिदिन

राजन पाण्डेय
सोनहत/कोरिया,22 जुलाई 2026 (घटती-घटना)।
सोनहत विकासखंड सहित आसपास के वनांचल क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश अपने साथ राहत और आफत दोनों लेकर आई है, एक ओर तेज बारिश से हसदो नदी सहित क्षेत्र के अधिकांश नदी-नाले उफान पर आ गए,कई संपर्क मार्ग घंटों बाधित रहे और जनजीवन प्रभावित हुआ,वहीं दूसरी ओर लंबे इंतजार के बाद हुई इस झमाझम वर्षा ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है। खेत पानी से लबालब भर गए हैं और पूरे अंचल में धान रोपाई का कार्य तेजी से शुरू हो गया है,लगातार कई घंटों तक हुई बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों का पानी तेजी से निचले इलाकों में पहुंचा,हसदो नदी का जलस्तर बढ़ गया और कई रपटे,पुल-पुलिया तथा नाले पानी में डूब गए,कई स्थानों पर पानी सड़क के ऊपर से बहने लगा,जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा,इसके बावजूद किसानों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है,क्योंकि समय पर मिले पानी से खरीफ फसलों की बेहतर पैदावार की उम्मीद मजबूत हुई है। खेतों में लौटी रौनक,धान रोपाई तेज-बारिश के बाद पूरे सोनहत क्षेत्र का ग्रामीण परिदृश्य बदल गया है,कुछ दिन पहले तक सूखे पड़े खेत अब पानी से भर चुके हैं,किसानों ने ट्रैक्टरों के माध्यम से मझाई और खेत तैयार करने का काम तेज कर दिया है। जिन किसानों ने पहले से धान की नर्सरी तैयार कर रखी थी,उन्होंने रोपाई शुरू कर दी है,जबकि अन्य किसान भी तेजी से खेत तैयार करने में जुटे हैं,गांवों में सुबह से शाम तक महिलाएं और पुरुष खेतों में धान रोपाई करते दिखाई दे रहे हैं,कई स्थानों पर पारंपरिक सामूहिक श्रमदान के माध्यम से भी रोपाई का कार्य किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी नियमित वर्षा होती रही तो इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार की पूरी संभावना है।
कटगोड़ी-नगर मार्ग घंटों रहा बंद- भारी बारिश का असर सड़क यातायात पर भी देखने को मिला,कटगोड़ी से नगर जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित नाले में पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि सड़क के ऊपर से पानी बहने लगा,इसके चलते यह मार्ग कई घंटों तक पूरी तरह बंद रहा,मार्ग अवरुद्ध होने से दैनिक यात्रियों, मरीजों और जरूरी कार्यों से आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई,कई वाहन दोनों ओर खड़े होकर पानी कम होने का इंतजार करते रहे,जलस्तर घटने के बाद ही आवागमन सामान्य हो सका।
प्रशासन ने जारी की सतर्कता की अपील-लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है,प्रशासन ने उफनते नदी-नालों,रपटों और पुल-पुलियों को पार नहीं करने,जलप्रपातों के किनारे अनावश्यक भीड़ नहीं लगाने तथा बच्चों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने की सलाह दी है,साथ ही मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने का आग्रह किया गया है।
दो दिनों में 97 मिमी बारिश, फिर भी पिछले वर्ष से पीछे- प्राप्त वर्षा आंकड़ों के अनुसार, 21 जुलाई को 20 मिमी तथा 22 जुलाई को 77 मिमी वर्षा दर्ज की गई, यानी केवल दो दिनों में कुल 97 मिमी बारिश हुई, इसी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया और धान रोपाई का कार्य तेज हो गया, हालांकि पूरे मानसून सत्र की बात करें तो अब तक 289 मिमी वर्षा दर्ज की गई है,जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक 513 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई थी,यानी इस वर्ष अब तक 224 मिमी कम बारिश हुई है,बावजूद इसके हालिया अच्छी वर्षा ने किसानों में नई उम्मीद जगा दी है,अब उनकी नजर आने वाले दिनों की नियमित और संतुलित बारिश पर टिकी है,ताकि खरीफ फसलों की अच्छी पैदावार सुनिश्चित हो सके।
कृषि मजदूरों की बढ़ी मांग,मजदूरी पहुंची 400 प्रतिदिन
एक साथ पूरे क्षेत्र में धान रोपाई शुरू होने से कृषि मजदूरों की मांग भी अचानक बढ़ गई है, मजदूरों की कमी के कारण कई गांवों में दैनिक मजदूरी बढ़कर लगभग 400 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है,किसान समय पर रोपाई पूरी करने के लिए मजदूरों की तलाश कर रहे हैं,स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के शुरुआती दौर में मजदूरों की मांग बढ़ती है,लेकिन इस बार एक साथ अच्छी बारिश होने से लगभग सभी गांवों में रोपाई शुरू हो गई है। इससे मजदूरों को भी बेहतर रोजगार और अधिक आय मिलने लगी है।
उफान पर हसदो नदी,जलप्रपातों का बदला स्वरूप
लगातार बारिश के कारण क्षेत्र की जीवनदायिनी हसदो नदी पूरे वेग से बह रही है,नदी के साथ-साथ कई छोटे-बड़े नाले भी उफान पर हैं, कई रपटे और एनीकट पानी में डूब गए हैं, जिससे ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत पड़ रही है,वहीं गौर घाट और प्रसिद्ध अमृतधारा जलप्रपात का नजारा भी पूरी तरह बदल गया है,पहाडि़यों से गिरती दूधिया जलधारा और चारों ओर फैली हरियाली प्राकृतिक सौंदर्य को और आकर्षक बना रही है,हालांकि तेज बहाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण पर्यटकों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं।


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