Breaking News
filter: 0; jpegRotation: 0; fileterIntensity: 0.000000; filterMask: 0;

अम्बिकापुर@जमीन विवाद में बच्चों को बनाया माध्यम, पिकअप में भरकर कलेक्टोरेट पहुंचे ग्रामीण

Share


स्कूल मार्ग खुलवाने की मांग,डीईओ बोले…बच्चों को विवाद में लाना गलत,जांच कर शिक्षकों पर होगी कार्रवाई

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,20 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। शहर से लगे सोनपुर कला के सरनापारा में प्राथमिक स्कूल तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर चल रहे जमीन विवाद में स्कूली बच्चों को शामिल किए जाने का मामला सामने आया है। शुक्रवार को ग्रामीण तीन दर्जन से अधिक छोटे बच्चों को एक पिकअप वाहन में बैठाकर कलेक्टोरेट पहुंचे और स्कूल तक आने-जाने का रास्ता खुलवाने की मांग की। कलेक्टोरेट परिसर में एक साथ बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों के पहुंचने से लोगों का ध्यान इस ओर गया और पूरे घटनाक्रम को लेकर सवाल उठने लगे। जानकारी के अनुसार सरनापारा स्थित प्राथमिक स्कूल तक पहुंचने का रास्ता एक निजी भूमि से होकर गुजरता है। भूमि स्वामी द्वारा रास्ता बंद किए जाने के बाद बच्चों और ग्रामीणों को स्कूल आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी मांग को लेकर ग्रामीण बच्चों के साथ कलेक्टोरेट पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर रास्ता खुलवाने की मांग की। हालांकि इस पूरे मामले में सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर रही कि जमीन विवाद जैसे मामले में छोटे बच्चों को प्रदर्शन का हिस्सा क्यों बनाया गया। ग्रामीण जहां बच्चों को पिकअप वाहन में बैठाकर कलेक्टोरेट लाए, वहीं बताया जा रहा है कि स्कूल के शिक्षक स्वयं बाइक और स्कूटी से वहां पहुंचे। ऐसे में बच्चों को असुरक्षित तरीके से पिकअप में लाने और उन्हें विवाद का माध्यम बनाने को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिकअप में क्षमता से अधिक बच्चे बैठे थे। गर्मी और भीड़ के बीच छोटे बच्चों को इस तरह कलेक्टोरेट लाना उनकी सुरक्षा की दृष्टि से भी उचित नहीं माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए तथा किसी भी प्रशासनिक या भूमि विवाद में उन्हें आगे नहीं किया जाना चाहिए। मामले की जानकारी सामने आने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने भी इसे गंभीरता से लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी दीनेश झा ने स्पष्ट कहा कि यदि शिक्षक बच्चों को लेकर इस प्रकार के विवाद में शामिल हुए हैं तो यह अनुचित है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि शिक्षकों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


Share

Check Also

कोरिया/बैकुंठपुर@ पहले सौदा, फिर रोक! 75 साल पुरानी वन भूमि पर प्रशासन की देर से जागी नींद…अब कई सवालों के जवाब बाकी…

Share खोजी खबर का असर? 75 साल पुरानी वन भूमि के क्रय-विक्रय पर लगी रोक,अब …

Leave a Reply