पिता का साया बचपन में उठा, लेकिन हौसले नहीं टूटे; वनांचल जोकापाठ के आकेश्वर यादव बने क्षेत्र के लिए मिसाल
बलरामपुर/शंकरगढ़,19 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। कहते हैं कि मंज़िल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ विकासखंड के वनांचल ग्राम जोकापाठ के युवा आकेश्वर यादव ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। उन्होंने पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया बार काउंसिल परीक्षा (AIBE) उत्तीर्ण कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे वनांचल क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
आकेश्वर की सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि इसके पीछे संघर्षों से भरा एक लंबा सफर है। महज 10 वर्ष की उम्र में पिता का निधन हो गया था। इतनी कम उम्र में जीवन की सबसे बड़ी चुनौती सामने आने के बावजूद उन्होंने परिस्थितियों के आगे घुटने नहीं टेके। कठिन आर्थिक और पारिवारिक हालात के बीच पढ़ाई जारी रखी और अपने सपनों को टूटने नहीं दिया।
उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर (एम.ए.) की शिक्षा पूरी करने के बाद वकालत के क्षेत्र में कदम बढ़ाया। लगातार मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया बार काउंसिल परीक्षा पास कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि सफलता संसाधनों से नहीं, बल्कि संकल्प और संघर्ष से मिलती है।
वनांचल के युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत
जानकारी के अनुसार, जोकापाठ और आसपास के वनांचल क्षेत्र से पहले ही प्रयास में AIBE परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले वे पहले युवा हैं। उनकी उपलब्धि ने क्षेत्र के युवाओं में नया आत्मविश्वास जगाया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो किसी भी मुकाम तक पहुँचना संभव है।
बधाइयों का लगा तांता
आकेश्वर यादव की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दी हैं। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। संघर्ष से सफलता तक का यह सफर आज पूरे बलरामपुर जिले के लिए गर्व और प्रेरणा की कहानी बन गया है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur