-संवाददाता-
मैनपाट,02 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। सरगुजा के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जलजली (मैनपाट) में पर्यटकों से लिए जा रहे पार्किंग एवं प्रवेश शुल्क को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई लोगों ने पार्किंग व्यवस्था,शुल्क वसूली और रसीद की वैधता पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच कराने तथा वसूली में पारदर्शिता लाने की मांग की है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पार्किंग पर्ची के अनुसार चार पहिया वाहन के लिए 50 पार्किंग शुल्क तथा प्रति व्यक्ति 10 प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है। आपत्ति इस बात पर भी जताई जा रही है कि पार्किंग शुल्क लेने के बावजूद पर्ची में वाहन की सुरक्षा की जिम्मेदारी पार्किंग संचालक द्वारा नहीं लेने का उल्लेख है। कई लोगों ने यह भी दावा किया कि रसीद में वाहन का नंबर तक दर्ज नहीं किया जा रहा, जिससे इसकी विश्वसनीयता और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने पूछा है कि यदि वाहन की सुरक्षा की जिम्मेदारी पार्किंग संचालक की नहीं है, तो फिर पार्किंग शुल्क किस आधार पर लिया जा रहा है। वहीं कुछ लोगों ने यह भी मांग की कि पार्किंग और प्रवेश शुल्क से प्राप्त राशि का हिसाब सार्वजनिक किया जाए तथा यह स्पष्ट किया जाए कि यह राशि किस विभाग या संस्था के खाते में जमा हो रही है और उसका उपयोग किस कार्य में किया जा रहा है। कुछ टिप्पणियों में यह भी आरोप लगाया गया कि सड़क की स्थिति खराब होने के बावजूद पर्यटकों से शुल्क वसूला जा रहा है। कई लोगों ने पार्किंग व्यवस्था को ‘मनमानी’ बताते हुए इसकी जांच कराने और नियमों के अनुरूप व्यवस्था संचालित करने की मांग की है। कुछ सोशल मीडिया पोस्टों में वन विभाग पर भी आरोप लगाए गए हैं, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन से स्पष्ट जवाब की अपेक्षा
सोशल मीडिया पर बढ़ते विवाद के बीच अब लोगों की नजर संबंधित वन विभाग और जिला प्रशासन पर है। नागरिकों का कहना है कि यदि शुल्क अधिकृत है तो उसके संबंध में स्पष्ट आदेश, निर्धारित दरें, वसूली का अधिकार, राशि का उपयोग तथा पार्किंग व्यवस्था की जवाबदेही सार्वजनिक की जानी चाहिए। वहीं यदि किसी स्तर पर अनियमितता है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
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