Breaking News

नई दिल्ली@भारत-जापान आर्थिक सुरक्षा…ऊर्जा स्थिरता…एआई के क्षेत्र में करेंगे सहयोग…

Share


सुजुकी दो-तिहाई कारें भारत में बना रही…जापान की मदद से देश में खाद के 1000 कारखाने लगेंगे : पीएम मोदी


नई दिल्ली,02 जुलाई 2026। भारत और जापान ने आर्थिक साझेदारी को नई रफ्तार देने का फैसला किया है। भारत-जापान जॉइंट इकोनोमिक फोरम में प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी कंपनियों की दिक्कतें दूर करने के लिए ‘जापान बिजनेस वीक’ शुरू करने का ऐलान किया। इसके तहत पीएमओ के सीनियर अधिकारी सीधे जापानी निवेशकों से बातचीत करेंगे। मोदी ने कहा कि आज दुनिया में बिकने वाली सुजुकी की दो-तिहाई कारें भारत में बन रही हैं और इन्हें 100 से ज्यादा देशों में निर्यात किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जापान के सहयोग से देश में करीब 1000 खाद (फर्टिलाइजर) कारखाने लगाए जाएंगे। दोनों देशों ने अगले 10 साल में भारत में 10 ट्रिलियन येन के जापानी निवेश का लक्ष्य भी रखा है। पीएम मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी के चौथे वाहन निर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। अपने संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने साने ताकाइची को अपनी‘छोटी बहन’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत और जापान की तकनीक, निवेश और उत्पादन क्षमता का मेल दोनों देशों के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।
सुजुकी की सालाना 30 में से 20 लाख कार भारत में बन रही…
सुजुकी दुनिया में हर साल करीब 30 लाख (3 मिलियन) कारें बनाती है। इनमें से लगभग 20 लाख (2 मिलियन) कारें अकेले भारत में बनती हैं। यानी कंपनी की हर 3 में से 2 कारें (करीब 66′) भारत में तैयार होती हैं। भारत में ये कारें मारुति सुजुकी के हरियाणा और गुजरात के प्लांट में बनती हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में मारुति सुजुकी ने 20 लाख से अधिक कारों का उत्पादन किया और 3.32 लाख से ज्यादा कारें 100 से अधिक देशों में निर्यात कीं।
भारत के राजस्थान में ‘मिनी जापान’
राजस्थान के अलवर जिले के नीमराना को भारत का ‘मिनी जापान’ या ‘जापानी टाउन’ कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यहां बना देश का पहला जापानी इंडस्टि्रयल जोन है। इसे राजस्थान सरकार की एजेंसी RIICO और जापान की व्यापार संस्था JETRO ने मिलकर विकसित किया। इसका मकसद जापानी कंपनियों को भारत में निवेश और कारोबार के लिए बेहतर माहौल देना था। करीब 1,160 एकड़ में फैले इस औद्योगिक क्षेत्र में आज 50 से ज्यादा जापानी कंपनियां काम कर रही हैं। यहां ऑटोमोबाइल,इलेक्ट्रॉनिक्स,एयर कंडीशनर, मशीनरी और ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कई बड़ी कंपनियों के प्लांट हैं। इन कंपनियों ने हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया है और 26 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है। नीमराना की पहचान सिर्फ फैक्टि्रयों तक सीमित नहीं है। यहां रहने वाले जापानी लोगों के लिए जापानी रेस्तरां,होटल, सुपरमार्केट और दूसरी सुविधाएं भी हैं।
भारत-जापान के बीच 129 समझौतों का ऐलान
भारत-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम में 129 समझौता ज्ञापनों का ऐलान किया गया। इन समझौतों का मकसद दोनों देशों के बीच निवेश,उद्योग,मैन्युफैक्चरिंग,तकनीक,कौशल विकास और सप्लाई चेन सहयोग को मजबूत करना है। इसके साथ ही,भारत में 2 ट्रिलियन जापानी येन (1.18 लाख करोड़ रुपए) से अधिक के भारी निवेश की घोषणा की गई है।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन में
88 हजार करोड़ जापानी निवेश

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की पहले अनुमानित लागत करीब 2 लाख करोड़ है। इसमें से लगभग 88 हजार करोड़ जापान दे रहा है। यह पैसा जापान की सरकारी एजेंसी छ्वढ्ढष्ट्र बेहद सस्ती शर्तों पर दे रही है। इस कर्ज पर सिर्फ 0.1′ सालाना ब्याज लगेगा,इसे चुकाने के लिए 50 साल मिलेंगे और पहले 15 साल तक किस्त नहीं देनी होगी। जापान अब तक इस परियोजना के लिए 1,150 अरब येन (करीब 55 हजार करोड़) मंजूर कर चुका है। इसके अलावा वह बुलेट ट्रेन की शिंकानसेन तकनीक,ट्रेनिंग और तकनीकी विशेषज्ञता भी भारत को उपलब्ध करा रहा है।
पीएम मोदी बोले…जापानी प्रधानमंत्री ताकाइची मेरी छोटी बहन और दूरदर्शी
पीएम मोदी और जापान की पीएम ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने जापान की पीएम सनाए तकाइची को अपनी छोटी बहन बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा मेरी छोटी बहन, प्रधानमंत्री सनाए तकाइची, दोनों प्रतिनिधिमंडलों के सम्मानित सदस्य, मीडिया के सदस्य,नमस्कार और कोनिचिवा (इसका मतलब जापानी भाषा में हैलो होता है)। पीएम मोदी ने कहा कि भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए पीएम तकाइची की भारत की पहली यात्रा पर उनका स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। इसके साथ ही एक दूरदर्शी और व्यापक रूप से सम्मानित नेता भी हैं। वे नारा प्रांत से आती हैं, जो भारत और जापान की साझा बौद्ध विरासत का एक प्रमुख केंद्र है।
पीएम मोदी ने कहा, हम प्रधानमंत्री सनाए तकाइची के साथ खास रणनीतिक और ग्लोबल पार्टनरशिप का नया अध्याय शुरू कर रहे हैं। भारत और जापान दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं, एक स्वतंत्र, समृद्ध और नियमों पर आधारित इंडो-पैसिफिक हमारी प्राथमिकता है।
ताकाइची बोलीं…मोदी मेरे बड़े भाई जैसे
ताकाइची ने संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपनी ‘सुंदर छोटी बहन’ कहा। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने आपसी रिश्ते को भाई-बहन की तरह आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि जापान की फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक नीति और भारत की महासागर पहल एक-दूसरे की पूरक हैं। इसी वजह से दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने को प्राथमिकता देने का फैसला किया है, ताकि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।
मोदी बोले…ऑटो सेक्टर जैसी साझेदारी अब एविएशन में भी होगी
मोदी ने कहा कि भारत और जापान ऑटोमोबाइल सेक्टर की सफलता को अब जहाज निर्माण, एविएशन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में भी दोहराएंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देश टैलेंट मोबिलिटी,स्किल डेवलपमेंट,टेक्निकल इंटर्नशिप, रिसर्च,शिक्षा और स्टार्टअप में सहयोग बढ़ाएंगे। मोदी ने बताया कि अगले साल भारत और जापान के राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होंगे। इस मौके पर संस्कृति,पर्यटन और क्रिएटिव इकोनॉमी में भी साझेदारी मजबूत की जाएगी।
भारत के साथ मिलकर हर तरह की धमकी का करेंगे सामना
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा कि भारत और जापान एशिया की दो बड़ी लोकतांत्रिक ताकतें हैं। दोनों देश मिलकर कानून का सम्मान बनाए रखेंगे और किसी भी तरह की धमकी, दबाव या ताकत के दम पर हालात बदलने की कोशिशों का मिलकर विरोध करेंगे।
मोदी बोले- भारत में जापान का निवेश 10 ट्रिलियन येन से पार हो
भारत-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगले 10 साल में भारत में जापान का निवेश 10 ट्रिलियन येन (करीब 5.9 लाख करोड़ रुपए) से अधिक होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात दोनों देशों के उद्योगपतियों, निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों से कही। वे जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की मौजूदगी में मंच को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच में हिस्सा लिया।
भारत-जापान बैटरी, ग्रीन हाइड्रोजन और न्यूक्लियर एनर्जी में सहयोग बढ़ाएंगे
मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत और जापान ने तेल संकट जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ऊर्जा सुरक्षा पर नई पहल शुरू की है। उन्होंने कहा कि दोनों देश बैटरी, ग्रीन हाइड्रोजन और न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। मोदी ने कहा कि भारत और जापान आर्थिक सुरक्षा को साझा सुरक्षा और ऊर्जा परिवर्तन को साझा अवसर मानते हैं। इसी दिशा में दोनों देशों ने इंडिया-जापान नेक्स्ट-जनरेशन मोबिलिटी पार्टनरशिप फ्रेमवर्क भी लॉन्च किया है।
भारत-जापान ने आर्थिक सुरक्षा का रोडमैप बनाया
मोदी ने कहा कि भारत और जापान ने आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक संयुक्त रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मैटेरियल्स जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा। पीएम ने बताया कि दोनों देशों ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी कई अहम फैसले किए हैं। इंडिया-जापान बायोगैस इनिशिएटिव के तहत भारत में 1000 बायोगैस और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्लांट लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे गोबरधन योजना को मजबूती मिलेगी और गांवों में टिकाऊ विकास, समृद्धि और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
मोदी बोले- भारत-जापान भरोसे के मजबूत साझेदार
मोदी ने कहा कि आज के वैश्विक अस्थिर माहौल में आपसी भरोसा सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत है और भारत-जापान की साझेदारी इस कसौटी पर पूरी तरह खरी उतरती है।


Share

Check Also

नई दिल्ली@पीएफ नियमों में बड़ा बदलाव…अब मर्जी से कटेगा ज्यादा पैसा, एडवांस निकालना भी हुआ आसान,नए लेबर कोड के हिसाब से बदले नियम

Share नई दिल्ली,02 जुलाई 2026। नौकरीपेशा लोगों के भविष्य निधि यानी पीएफ से जुड़े नियमों …

Leave a Reply