अम्बिकापुर,18 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए अनोखी सोच संस्था ने एक गरीब व असहाय परिवार की दिवंगत बेटी का विधिवत अंतिम संस्कार कर समाज के सामने सेवा का सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। जानकारी के अनुसार, रेनू रवि (28 वर्ष), पिता संतोष रवि,निवासी मानीगेतरा, विश्रामपुर (जिला सूरजपुर) पिछले कुछ समय से फेफड़ों की गंभीर बीमारी से पीडि़त थीं। हालत बिगडऩे पर उन्हें जिला अस्पताल सूरजपुर से अंबिकापुर स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतका का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। अस्पताल में बेटी की मौत के बाद मां सहायता के अभाव में बेहद परेशान और व्यथित थीं। इसी दौरान मेडिकल कॉलेज के पास स्थित पुलिस चौकी को मामले की जानकारी मिली। पुलिसकर्मियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अनोखी सोच संस्था के सदस्य सुनील साहू को सूचना दी। सूचना मिलते ही सुनील साहू व संजीव चटर्जी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर पूरी स्थिति जानी। इसके बाद संस्था के अध्यक्ष सूर्य प्रकाश साहू से संपर्क कर अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाने का निर्णय लिया गया। मृतका की मां ने बताया कि उनका यहां कोई सहारा नहीं है और उनके रीति-रिवाजों के अनुसार महिला मुखाग्नि नहीं दे सकती। ऐसे में उन्होंने संस्था से ही अंतिम संस्कार कराने का आग्रह किया। संस्था के सदस्यों ने सामूहिक निर्णय लेते हुए रेनू रवि का अंतिम संस्कार कराने का संकल्प लिया। इसके बाद पार्थिव शरीर को शंकर घाट मुक्तिधाम ले जाया गया, जहां धार्मिक विधि-विधान के साथ पांच सदस्यों ने सामूहिक रूप से मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार संपन्न कराया। इस दौरान मुक्तिधाम में भावुक माहौल रहा। संस्था के इस कार्य की लोगों ने सराहना की और इसे मानवता का सच्चा उदाहरण बताया। अंतिम संस्कार के दौरान संस्था के अध्यक्ष प्रकाश साहू सहित अभय साहू, पंकज चौधरी, संजीव चटर्जी, मोती ताम्रकार, सुनील साहू, मनोज अग्रवाल, भोला रक्सेल, समित मुंडा, गोपी साहू, अजय साहू, अजय ताम्रकार, निशांत जायसवाल, रमेश साहू, बिट्टू मिश्रा, ननकू मुंडा, नीरज साहू, सावन करकेटा, लरंग मुंडा, रोहित सिंह, शौरभ दास, कार्तिक मिंज, जगदम्बा साहू, संजय सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। गौरतलब है कि अनोखी सोच संस्था समय-समय पर जरूरतमंद और असहाय लोगों की मदद के लिए आगे आती रही है।
संस्था द्वारा पूर्व में भी कई बार अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्यों में सहयोग किया जा चुका है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur