-संवाददाता-
अम्बिकापुर,31 मार्च 2026 (घटती-घटना)। राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 23 से 30 मार्च तक ‘टीचिंग लर्निंग मेथड’ विषय पर सात दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाना रहा। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. राजकमल मिश्र ने बताया कि इस दौरान कुल 10 सत्र आयोजित किए गए, जिनमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। इन सत्रों में लर्निंग आउटकम, प्रॉब्लम सॉल्विंग तकनीक, क्रिटिकल व एनालिटिकल लर्निंग, प्रश्नपत्र निर्माण,संज्ञानात्मक शिक्षण,शिक्षण-भाषा, सहभागिता आधारित शिक्षण तथा आईसीटी और एआई के उपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि सरगुजा संभाग के क्षेत्रीय अपर संचालक प्रो. रिजवान उल्ला ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन शिक्षकों को नई दिशा देते हैं और अन्य महाविद्यालयों को भी प्रेरित करते हैं। मुख्य वक्ता प्रो. पीपी सिंह (पूर्व कुलपति) ने शिक्षण में नवाचार और शोध को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सिन्हा ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि महाविद्यालय इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षण में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं,बल्कि जीवन की समझ भी देना जरूरी है,जिसके लिए शिक्षकों का प्रशिक्षित होना आवश्यक है। समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. आरएन सिंह (पूर्व प्राचार्य, दुर्ग) उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षक का व्यवहार और उसकी शिक्षण शैली विद्यार्थियों के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकती है। इसलिए शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। कार्यक्रम में महाविद्यालय सहित संभाग के विभिन्न कॉलेजों के शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी रही।
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