नई दिल्ली,25 फरवरी 2026। केंद्र सरकार की ओर से कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए कड़े और पारदर्शी सुधारों की बात कही गई है। नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में तीन दिवसीय पूसा कृषि विज्ञान मेले का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों के आर्थिक हितों से जुड़ा कोई भी समझौता या लेटलतीफी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भुगतान में देरी पर जुर्माना
और डीबीटी पर जोर
किसानों के बकाये को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कृषि मंत्री ने चेतावनी दी कि जो भी एजेंसी या राज्य सरकार किसानों का पैसा रोकेगी, उसे उस राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज चुकाना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार वित्तीय देरी को खत्म करने के लिए अपना हिस्सा सीधे किसानों के खातों में भेजने के विकल्प पर काम कर रही है। इसके अलावा, एक बड़े नीतिगत बदलाव का संकेत देते हुए उन्होंने सालाना 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की खाद (उर्वरक) सब्सिडी को सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजने पर विचार करने की बात कही, ताकि वास्तविक अन्नदाता को इसका सीधा फायदा मिल सके। किसानों को फसल का तुरंत दाम दिलाने के उद्देश्य से श्री चौहान ने सुझाव दिया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की प्रक्रिया मौजूदा तीन महीने के बजाय अधिकतम एक महीने के भीतर पूरी होनी चाहिए।
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