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अम्बिकापुर@ मोमिनपुरा में पीलिया का प्रकोप गहराया

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42 मरीज मिले,दूषित पानी की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट…
अम्बिकापुर,20 फरवरी 2026 (घटती-घटना)।
शहर के मोमिनपुरा क्षेत्र में पीलिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अब तक 42 से अधिक लोग पीलिया से पीडि़त पाए गए हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच कराई गई पानी की जांच में पेयजल दूषित मिलने से स्थिति और गंभीर हो गई है। 14 फरवरी को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ की टीम ने प्रभावित मोहल्ले के कई घरों से पीने के पानी के सैंपल लिए थे। इन सैंपलों को जांच के लिए राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग भेजा गया। जांच रिपोर्ट में कई सैंपलों में बैक्टीरियल संक्रमण की पुष्टि हुई है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार कुछ नमूनों में 22 से 28 एमपीएन प्रति 100 मिलीलीटर तक बैक्टीरियल लोड पाया गया,जो पीने योग्य पानी की श्रेणी में नहीं आता। विभाग के अनुसार क्लोरीनयुक्त पानी में एमपीएन की मात्रा शून्य होनी चाहिए। 10 से अधिक एमपीएन को संदिग्ध और 50 से अधिक को अत्यधिक प्रदूषित माना जाता है। रिपोर्ट में फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी दर्ज की गई है, जो जलजनित बीमारियों जैसे पीलिया,टाइफाइड और अन्य संक्रमणों का कारण बन सकते हैं। स्थिति को गंभीर मानते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रेम सिंह मार्को ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) को पत्र लिखकर जल स्रोत की जांच और सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नगर निगम को भी सूचना प्रेषित की है, ताकि जल आपूर्ति व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जा सके। डॉ. मार्को ने बताया कि शुरुआती 10-15 मरीज सामने आने के बाद ही पानी की जांच कराई गई थी। जांच में सामान्य से अधिक एमपीएन पाया गया। अब मरीजों की संख्या बढकर 42 हो गई है, जिससे विभाग सतर्क है।
डिसइंफेक्शन और मरम्मत की सिफारिश : माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने जल स्रोत के डिसइंफेक्शन, पंप और प्लेटफॉर्म के नियमित रखरखाव तथा संरचनात्मक खामियों को दूर करने की सलाह दी है। पर्याप्त शुद्धिकरण के बाद ही पानी को उपयोग योग्य माना जाएगा।
क्षेत्र में दहशत का माहौल
लगातार बढ़ते मरीजों और पानी दूषित पाए जाने की खबर के बाद मोमिनपुरा क्षेत्र में चिंता का माहौल है। कई परिवार वैकल्पिक जल स्रोत तलाश रहे हैं। अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि कब तक शुद्ध पेयजल की व्यवस्था बहाल की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से उबालकर पानी पीने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।


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