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अम्बिकापुर@गृह निर्माण मंडल में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश… उपायुक्त 60 हजार लेते ट्रैप,वरिष्ठ सहायक भी गिरफ्तार

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-संवाददाता-
अम्बिकापुर,05 फरवरी 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल वृत्त अंबिकापुर में रिश्वतखोरी का गंभीर मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की ट्रैप कार्रवाई में उपायुक्त (अधीक्षण अभियंता) पूनम चंद अग्रवाल को 60 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। इस मामले में वरिष्ठ सहायक ग्रेड-2 अनिल सिन्हा को भी रिश्वत की राशि लेने और लेन-देन में भूमिका निभाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई सरकारी निर्माण कार्यों के भुगतान और सत्यापन प्रक्रिया में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करती है। मामले के सामने आने के बाद विभागीय हलकों में हडकंप मच गया है। जानकारी के अनुसार रवि कुमार नामक ठेकेदार ने वर्ष 2023 में हाउसिंग बोर्ड कार्यालय अंबिकापुर से दो महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की निविदा भरी थी। इनमें नवीन तहसील भवन दौरा-कुचली, जिला बलरामपुर तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय लुण्ड्रा में छह अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कार्य शामिल था। ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण किए जाने के बाद भी विभाग द्वारा भुगतान नहीं किया गया। तहसील भवन के निर्माण कार्य का लगभग 28 लाख रुपए तथा विद्यालय भवन निर्माण का लगभग 7.50 लाख रुपए भुगतान लंबित था। ठेकेदार रवि कुमार ने बताया कि निर्माण पूर्ण होने के बाद विभागीय भौतिक सत्यापन और अंतिम समयवृद्धि की अनुशंसा आवश्यक थी। इसी प्रक्रिया के एवज में उपायुक्त पूनम चंद अग्रवाल द्वारा एक लाख रुपए रिश्वत की मांग की गई। इससे परेशान होकर ठेकेदार ने भ्रष्टाचार निरोधक विभाग में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने सत्यापन प्रक्रिया शुरू की।
सत्यापन में 60 हजार में बनी सहमति
शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोपी ने दोनों निर्माण कार्यों के लिए 30-30 हजार रुपए के हिसाब से कुल 60 हजार रुपए रिश्वत लेने की सहमति दी। इसके बाद एसीबी द्वारा 5 फरवरी को ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।
रिश्वत की रकम बरामद,
दोनों आरोपी गिरफ्तार

जैसे ही ठेकेदार ने तय संकेत दिया, ट्रैप दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उपायुक्त के पास से 60 हजार रुपए तथा वरिष्ठ सहायक के पास से 5 हजार रुपए बरामद कर जब्त कर लिए। दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 एवं 12 (पीसी एक्ट 1988, संशोधन 2018) के तहत कार्रवाई की गई है। आगे की जांच जारी है और विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
रकम बढ़ाकर 65 हजार की मांग
ट्रैप के दौरान उपायुक्त ने रिश्वत की रकम वरिष्ठ सहायक अनिल सिन्हा को देने के लिए कहा। वरिष्ठ सहायक ने ठेकेदार को बताया कि 60 हजार नहीं बल्कि 70 हजार रुपए देने होंगे। बाद में सौदा कम से कम 65 हजार रुपए में तय किया गया। ठेकेदार से अतिरिक्त 5 हजार रुपए लेकर कुल 65 हजार रुपए की रिश्वत राशि तैयार की गई। इसमें से 5 हजार रुपए अनिल सिन्हा ने अपने पास रख लिए और शेष 60 हजार रुपए उपायुक्त पूनम चंद अग्रवाल को कार्यालय में जाकर दिए गए।


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